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किसानों का भविष्य चौपट कर देगें कृषि कानून

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 29 Jun 2021 12:54 AM IST
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Agricultural laws will ruin the future of farmers
भोट (रामपुर)। कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन का धरना 32वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान धरना स्थल पर बैठे किसानों ने केन्द्र सरकार पर देश के किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। किसानों ने नारेबाजी कर तीनों कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग की।
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कोयला टोल प्लाजा पर भाकियू से जुड़े किसान पिछले 32 दिनों से नए कृषि कानूनों के विरोध में धरने पर बैठे हैं। सोमवार को धरने पर बैठे किसानों को संबोधित करते हुए मंडल उपाध्यक्ष मोहम्मद तालिब ने कहा कि अभी तो किसान आंदोलन को छह माह ही हुए हैं। सरकार अभी इन कृषि कानूनों से किसानों व देश को होने वाले नुकसान को समझ नहीं पा रही है। जल्दी ही सरकार की समझ में आ जाएगा, इसलिए किसान हिम्मत न हारें व धरने पर डटे रहें।
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केन्द्र सरकार द्वारा पारित यह तीनों कृषि कानून किसानों का भविष्य ही चौपट कर देंगें। इसलिए किसानों को हिम्मत नहीं हारना है और अपने हक की लड़ाई लड़ने से पीछे नहीं हटना। जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी, किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।
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जिला उपाध्यक्ष जगबीर सिंह ने कहा कि दो जुलाई को किसानों का बहुत बड़ा काफिला बिलासपुर से दिल्ली गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना होगा। बड़ी तादाद में लोग दिल्ली गाजीपुर बॉर्डर पर समर्थन करेंगे। उन्होंने स्थानीय किसानों से भी आंदोलन को सफल बनाने के लिए धरने में शामिल होने की अपील की।

इस दौरान अब्दुल मुस्तफा, वसीम अहमद, नदीम अहमद, जगदीप सिंह, मुनव्वर आलम, फरमान पाशा, नफीस अहमद, डॉ. अलीम, नौशाद, इदरीस अहमद, मो. उस्मान, अरमान अली आदि मौजूद रहे।
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