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बहनोई की हत्या में उम्र कैद और 65 हजार जुर्माने की सजा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 17 Sep 2022 01:21 AM IST
सार

आरोप है कि उसका फुफेरा साला मयंक परासरी निवासी ग्राम बसई, थाना बिसौली, जिला बदायूं अपने हाथ में लिए तमंचे से यह कहते हुए नव दुर्गेश को गोली मार दी कि तुमने अपनी शादी में मुझे बहुत पिटवाया है। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता कुमार सौरभ ने वादी मुकदमा सहित कई गवाहों के बयान दर्ज कराए और आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि घटना रात की है और इसका कोई स्वतंत्र गवाह नहीं है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद मयंक परासरी को दोषी मानते हुए उम्र कैद और 65 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।

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accused of murder of sister,s husband  penlized

विस्तार

रामपुर। बहनोई की हत्या करने के आरोपी को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए उम्र कैद और 65 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि में से दस हजार रुपये मृतक की पत्नी और पांच हजार रुपये मृतक की मां को दिए जाने के साथ ही शेष धनराशि राज्य सरकार के पक्ष में जमा कराने के आदेश कोर्ट ने दिए हैं।
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मामला शाहबाद कोतवाली क्षेत्र के अनवा गांव का है। 21 अगस्त 2010 को अनवा निवासी नव दुर्गेश अपने परिवार सहित घर में बैठे थे। आरोप है कि उसका फुफेरा साला मयंक परासरी निवासी ग्राम बसई, थाना बिसौली, जिला बदायूं अपने हाथ में लिए तमंचे से यह कहते हुए नव दुर्गेश को गोली मार दी कि तुमने अपनी शादी में मुझे बहुत पिटवाया है। आज तेरा काम खत्म कर दूंगा। गोली लगने से नव दुर्गेश की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना की रिपोर्ट नव दुर्गेश की मां गीता देवी ने शाहबाद कोतवाली में दर्ज कराई थी। पुलिस विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। इस मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी/ एसटी एक्ट संजीव कुमार तिवारी की कोर्ट में हुई। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता कुमार सौरभ ने वादी मुकदमा सहित कई गवाहों के बयान दर्ज कराए और आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि घटना रात की है और इसका कोई स्वतंत्र गवाह नहीं है। लिहाजा आरोपी को बरी किया जाए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद मयंक परासरी को दोषी मानते हुए उम्र कैद और 65 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
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