अब्दुल्ला आजम ट्वीट कर बोले: 'जिसका जलवा रहेगा हमेशा कमजोरों के दिलो में कायम, बस उसी का नाम था मुलायम'
सपा नेता और आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम ने मुलायम सिंह की भावुक कर देने वाली तस्वीर शेयर की है, जिसमें वह आजम खां के साथ नजर आ रहे हैं। तस्वीर में मुलायम आजम खां को गले लगाते दिखाई दे रहे हैं।
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सपा विधायक अब्दुल्ला आजम ने अपने पिता आजम खां और मुलायम सिंह की एक तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा, 'जिसका जलवा रहेगा हमेशा कमजोरों के दिलो में कायम, बस उसी का नाम था मुलायम'
जिसका जलवा रहेगा हमेशा कमज़ोरों के दिलो में क़ायम,
— M.Abdullah Azam Khan (@AbdullahAzamMLA) October 10, 2022
बस उसी का नाम था मुलायम ॥#MulayamSinghYadav pic.twitter.com/EzbQA1vvkk
आजम खां और मुलायम के बीच कितने प्रगाढ़ संबंध थे यह बात किसी ने छुपी नहीं है। आजम खां सपा के संस्थापक सदस्यों में से हैं। दोनों का साथ लगभग 40 साल पुराना है। 1989 में जब मुलायम सिंह पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे, तो आजम खान को भी मंत्री बनाया गया। इसके बाद प्रदेश में जब-जब भी सपा की सरकार तो आजम खां उनसे वजीर बनाए गए।
सपा की सरकार में हमेशा आजम खां का दबदबा रहा। आजम खां जो फैसले लिए करते थे मुलायम सिंह उसमें हस्तक्षेप नहीं करते थे। हालांकि कई मौके ऐसे आए जब लगा कि दोनों के बीच संबंध बिगड़ जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आजम खां तो उनको रफीकुल मुल्क कहा करते थे। मुलायम सिंह यादव आजम खां को हमेशा आजम साहब कहा। पिछले 40 सालों में मुलायम सिंह यादव कई मर्तबा रामपुर आए है। रामपुर के विकास के लिए आजम खां ने जो कुछ भी मांगा मुलायम सिंह ने कभी मना नहीं किया।
आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी का शिलान्यास और उद्घाटन दोनों मुलायम सिंह यादव ने किया था। आजम खां के बेटे अदीब की शादी भी वह आए थे। मुलायम सिंह यादव आखिरी बार रामपुर 2019 के लोकसभा चुनाव में आए थे जब उन्होंने महात्मा गांधी स्टेडियम में आजम खां के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया था। इस चुनाव में आजम खां सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी थे।