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चार घंटे तक घायल को नहीं दिया उपचार, हंगामा
Rampur
Updated Sun, 26 Oct 2014 05:33 AM IST
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रामपुर। झगड़े में घायल होकर बेहोश हुए युवक को भर्ती न करने पर जिला अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। अस्पताल कर्मियों की संवेदनहीनता के चलते चार घंटे तक बेहोश युवक बिना उपचार के इमरजेंसी में पड़ा रहा। घायल को भर्ती न करने पर अस्पताल प्रशासन ने पुलिस की ओर से भेजी गई चिट्ठी मजरूबी का प्रारूप सही न होना बताया गया।
शहजादनगर थाना क्षेत्र के झुनईया का मझरा निवासी महेंद्र का गांव के ही कुछ लोगों से झगड़ा हो गया। इसमें महेंद्र और उसके दो रिश्तेदार संगीता और चंद्रवती घायल हो गए। अधिक पिटाई के कारण महेंद्र बेहोश हो गया। घटना की सूचना परिजनों ने थाने पहुंचकर पुलिस को दी तो पुलिस ने चिट्ठी मजरूबी देकर घायलों को मेडिकोलीगल व उपचार के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। आरोप है कि अस्पताल पहुुंचने पर इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डाक्टर ने चिट्ठी मजरुबी का प्रारूप सही न होने का हवाला देते हुए भर्ती करने और उपचार करने से इंकार कर दिया। इस पर परिजनों ने महेंद्र की हालत गंभीर होने का हवाला देते हुए उपचार करने की बात कही, लेकिन स्टाफ की ओर से कोई उपचार नहीं दिया गया। एक बार परिजन चिट्ठी मजरूबी सही कराने गए, लेकिन दोबारा में भी उसमें कुछ कमी बताते हुए महेंद्र को भर्ती नहीं किया गया। इस पर परिजनों का पारा चढ़ गया। गुस्साए परिजनों ने इमरजेंसी में ही हंगामा करना शुरू कर दिया। इसके बावजूद भी घायलों को उपचार नहीं दिया गया।
- चिट्ठी मजरुबी के स्थान पर समन का प्रारूप दिया गया था। साथ ही जिला अस्पताल की जगह सीएचसी रामपुर लिखा गया। इस कारण पहले चिट्ठी मजरूबी सही कराने के लिए कहा गया।
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डा. अजफर कमाल, डॉक्टर (ऑन इमरजेंसी ड्यूटी)
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शहजादनगर थाना क्षेत्र के झुनईया का मझरा निवासी महेंद्र का गांव के ही कुछ लोगों से झगड़ा हो गया। इसमें महेंद्र और उसके दो रिश्तेदार संगीता और चंद्रवती घायल हो गए। अधिक पिटाई के कारण महेंद्र बेहोश हो गया। घटना की सूचना परिजनों ने थाने पहुंचकर पुलिस को दी तो पुलिस ने चिट्ठी मजरूबी देकर घायलों को मेडिकोलीगल व उपचार के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। आरोप है कि अस्पताल पहुुंचने पर इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डाक्टर ने चिट्ठी मजरुबी का प्रारूप सही न होने का हवाला देते हुए भर्ती करने और उपचार करने से इंकार कर दिया। इस पर परिजनों ने महेंद्र की हालत गंभीर होने का हवाला देते हुए उपचार करने की बात कही, लेकिन स्टाफ की ओर से कोई उपचार नहीं दिया गया। एक बार परिजन चिट्ठी मजरूबी सही कराने गए, लेकिन दोबारा में भी उसमें कुछ कमी बताते हुए महेंद्र को भर्ती नहीं किया गया। इस पर परिजनों का पारा चढ़ गया। गुस्साए परिजनों ने इमरजेंसी में ही हंगामा करना शुरू कर दिया। इसके बावजूद भी घायलों को उपचार नहीं दिया गया।
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- चिट्ठी मजरुबी के स्थान पर समन का प्रारूप दिया गया था। साथ ही जिला अस्पताल की जगह सीएचसी रामपुर लिखा गया। इस कारण पहले चिट्ठी मजरूबी सही कराने के लिए कहा गया।
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डा. अजफर कमाल, डॉक्टर (ऑन इमरजेंसी ड्यूटी)