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किस आधार पर हुआ शिक्षकों का निलंबन
Rampur
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। ड्रेस वितरण में कमीशन मांगने के आरोप में दो शिक्षकों के निलंबन का मामला तूल पकड़ गया है। शिक्षकों के विरोध के चलते डीएम ने हस्तक्षेप करते हुए जिला बेसिक शिक्षाधिकारी से पूछा है कि आखिर किस आधार पर दोनों शिक्षकों का निलंबन किया गया है। उन्होंने निलंबित किए गए शिक्षकों को बहाल करने के भी निर्देश जारी किए हैं। डीएम की इस सख्ती के बाद बेसिक शिक्षाधिकारी बैकफुट पर आ गई हैं और शिक्षकों की बहाली की तैयारी शुरू कर दी है।
ड्रेस वितरण शिक्षकों के गले की फांस बना हुआ है। ड्रेस वितरण का जिम्मा यूं तो सप्लायरों को होता है,लेकिन ऐसा हुआ नहीं है। सप्लायर लगातार शिक्षकों पर अपने-अपने स्तर से ड्रेस खरीदने को दवाब बना रहे हैं। इसको लेकर शिक्षक और सप्लायर आमने-सामने आ गए हैं। शिक्षकों ने खंड शिक्षाधिकारियों की भूमिका को भी संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया है। पिछले दिनों मिलक के क्योरार के एनपीआरसी व हेडमास्टर को बीएसए ने सप्लायरों की शिकायत के आधार पर कमीशन मांगने के आरोप में सस्पेंड कर दिया था। दोनों शिक्षकों के खिलाफ हुई इस कार्रवाई के बाद मिलक क्षेत्र के शिक्षकों में गुस्सा व्याप्त हो गया था। लगातार वह धरना प्रदर्शन कर रहेथे। मामला तूल पकड़ते देख अब डीएम ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है। डीएम अनिल ढींगरा ने सोमवार को इस मामले में कार्यवाहक बीएसए माया देवी से पूछा है कि आखिर किस आधार पर सस्पेंड किया गया है। डीएम ने बीएसए को निर्देश दिया है कि वह शिक्षकों का पक्ष सुनकर उन्हें बहाल कर दें। डीएम के इस रुख केबाद बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। विभाग ने अब निलंबित किए गए शिक्षकों को बहाल करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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ड्रेस वितरण शिक्षकों के गले की फांस बना हुआ है। ड्रेस वितरण का जिम्मा यूं तो सप्लायरों को होता है,लेकिन ऐसा हुआ नहीं है। सप्लायर लगातार शिक्षकों पर अपने-अपने स्तर से ड्रेस खरीदने को दवाब बना रहे हैं। इसको लेकर शिक्षक और सप्लायर आमने-सामने आ गए हैं। शिक्षकों ने खंड शिक्षाधिकारियों की भूमिका को भी संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया है। पिछले दिनों मिलक के क्योरार के एनपीआरसी व हेडमास्टर को बीएसए ने सप्लायरों की शिकायत के आधार पर कमीशन मांगने के आरोप में सस्पेंड कर दिया था। दोनों शिक्षकों के खिलाफ हुई इस कार्रवाई के बाद मिलक क्षेत्र के शिक्षकों में गुस्सा व्याप्त हो गया था। लगातार वह धरना प्रदर्शन कर रहेथे। मामला तूल पकड़ते देख अब डीएम ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है। डीएम अनिल ढींगरा ने सोमवार को इस मामले में कार्यवाहक बीएसए माया देवी से पूछा है कि आखिर किस आधार पर सस्पेंड किया गया है। डीएम ने बीएसए को निर्देश दिया है कि वह शिक्षकों का पक्ष सुनकर उन्हें बहाल कर दें। डीएम के इस रुख केबाद बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। विभाग ने अब निलंबित किए गए शिक्षकों को बहाल करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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