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बच्चों के स्वास्थ्य पर लेटलतीफी का ‘ग्रहण’
Rampur
Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। बच्चों के स्वास्थ्य पर लेटलतीफी का ग्रहण लग रहा है। स्वास्थ्य अभियान को लेकर शासन से काफी समय पहले ही फरमान जारी कर दिया गया, लेकिन उसको लेकर उथल-पुथल अब मचती दिख रही है। माइक्रोप्लान तैयार करने के लिए शिक्षा विभाग और समाज कल्याण विभाग की ओर से भी लेटलतीफी की गई, जिसका असर अब दिखाई दे रहा है। फिलहाल एनआरएचएम के निदेशक ने पत्र जारी कर माइक्रोप्लान जल्द तैयार करने केनिर्देश दिए हैं और उसकी रिपोर्ट भी तलब की है।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) की बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना के तहत स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण होना है। इसके लिए बाकायदा स्वास्थ्य टीम का गठन किया जाना है। स्कूलों को चुनना और मदरसों में भी यह अभियान चलाया जाना है। टीम के साथ एंबुलेंस और बच्चों के स्वास्थ्य कार्ड की योजना है। शासन ने योजना पर कार्य शुरू करने के निर्देश पूर्व में ही दे दिए थे। जिसके आधार पर माइक्रोप्लान अब तक तैयार हो जाना चाहिए था। लेकिन सहयोगी विभागों की भी लेटलतीफी के कारण माइक्रोप्लान बनना भी शुरू नहीं हो सका है। बीएसए विभाग से जहां स्कूलों के प्रबंधकों की तो समाज कल्याण विभाग से मदरसों की जानकारी मांगी जा रही है, जो 30 अक्टूबर से पूर्व ही स्वास्थ्य विभाग को मिल जानी चाहिए थी। शासन के दोबारा दखल देने पर अब महकमे में उथल-पुथल मची हुई है।
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राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) की बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना के तहत स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण होना है। इसके लिए बाकायदा स्वास्थ्य टीम का गठन किया जाना है। स्कूलों को चुनना और मदरसों में भी यह अभियान चलाया जाना है। टीम के साथ एंबुलेंस और बच्चों के स्वास्थ्य कार्ड की योजना है। शासन ने योजना पर कार्य शुरू करने के निर्देश पूर्व में ही दे दिए थे। जिसके आधार पर माइक्रोप्लान अब तक तैयार हो जाना चाहिए था। लेकिन सहयोगी विभागों की भी लेटलतीफी के कारण माइक्रोप्लान बनना भी शुरू नहीं हो सका है। बीएसए विभाग से जहां स्कूलों के प्रबंधकों की तो समाज कल्याण विभाग से मदरसों की जानकारी मांगी जा रही है, जो 30 अक्टूबर से पूर्व ही स्वास्थ्य विभाग को मिल जानी चाहिए थी। शासन के दोबारा दखल देने पर अब महकमे में उथल-पुथल मची हुई है।
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