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Rampur News: जिले के 978 स्कूल बने निपुण, मिला 10वां स्थान
Sat, 29 Aug 2026 10:55 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Sat, 29 Aug 2026 10:55 PM IST
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रामपुर। निपुण भारत मिशन के तहत जिले में बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के प्रयासों का असर दिखाई दे रहा है। जिले में 978 विद्यालय निपुण घोषित हुए हैं। यह जिले के कुल विद्यालयों का 79 प्रतिशत है। वहीं सत्र 2025-26 के कड़े मूल्यांकन में अब तक 523 विद्यालय निपुण घोषित किए गए हैं। बेहतर प्रदर्शन के चलते रामपुर जिला प्रदेश में 10वें स्थान पर रहा।
शत-प्रतिशत विद्यालयों को निपुण बनाने के लिए विभाग ने माइक्रो प्लानिंग शुरू की है। पहले चरण में 30 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ब्लॉकवार प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा में बेसिक शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य और डीसी स्तर के अधिकारी कमियों की समीक्षा कर सुधार की रणनीति बना रहे हैं। कक्षा एक से पांच तक बच्चों की बुनियादी दक्षताओं में सुधार पर जोर दिया जा रहा है। बच्चों का मूल्यांकन निपुण लक्ष्य एप के माध्यम से डायट प्रशिक्षुओं द्वारा किया जाता है। मूल्यांकन का डेटा सीधे राज्य परियोजना कार्यालय भेजा जाता है।
डीएम अजय कुमार द्विवेदी के अनुसार राज्य स्तरीय टीमें भी समय-समय पर क्रॉस चेकिंग करती हैं। शिक्षकों को एफएलएन, टीएलएम और शिक्षक डायरी के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विद्यालयों को सक्षम और मध्यम श्रेणी में बांटकर जरूरत के अनुसार विभागीय सहयोग दिया जा रहा है। अधिकारियों का लक्ष्य सत्र 2026-27 तक जिले को शत-प्रतिशत निपुण बनाना है।
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शत-प्रतिशत विद्यालयों को निपुण बनाने के लिए विभाग ने माइक्रो प्लानिंग शुरू की है। पहले चरण में 30 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ब्लॉकवार प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा में बेसिक शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य और डीसी स्तर के अधिकारी कमियों की समीक्षा कर सुधार की रणनीति बना रहे हैं। कक्षा एक से पांच तक बच्चों की बुनियादी दक्षताओं में सुधार पर जोर दिया जा रहा है। बच्चों का मूल्यांकन निपुण लक्ष्य एप के माध्यम से डायट प्रशिक्षुओं द्वारा किया जाता है। मूल्यांकन का डेटा सीधे राज्य परियोजना कार्यालय भेजा जाता है।
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डीएम अजय कुमार द्विवेदी के अनुसार राज्य स्तरीय टीमें भी समय-समय पर क्रॉस चेकिंग करती हैं। शिक्षकों को एफएलएन, टीएलएम और शिक्षक डायरी के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विद्यालयों को सक्षम और मध्यम श्रेणी में बांटकर जरूरत के अनुसार विभागीय सहयोग दिया जा रहा है। अधिकारियों का लक्ष्य सत्र 2026-27 तक जिले को शत-प्रतिशत निपुण बनाना है।
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