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जिले में करीब दस हजार गन्ना किसानों को बनवाना होगा एडिशनल बांड
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रामपुर। जिले में तमाम गन्ना किसानों का सट्टा निर्धारण कम हुआ है। इसमें अधिकतर किसान ऐसे हैं जो नियमित गन्ना खेती नहीं करते, जिस कारण उनका बेसिक कोटा कम होने के कारण कम गन्ने की पर्ची जारी हो सकी। जिससे किसान परेशान हो रहे हैं, जिले में ऐसे किसानों की संख्या करीब दस हजार के करीब होगी। लेकिन, इन किसानों को भी परेशान होने की जरूरत नहीं है, ऐसे सभी किसान आवेदन कर एडिशनल बांड बनवाकर अपना पूरा गन्ना क्रय केंद्रों पर बेच सकते हैं।
जिले में करीब 37 हजार गन्ना आपूर्ति करने वाले किसान हैं। इनमें से करीब दस हजार किसान ऐसे हैं जो कि नियमित रूप यानि पेड़ी से गन्ना खेती नहीं करते हैं। इससे इन गन्ना किसानों के सट्टा निर्धारण के समय अंतिम गन्ना खेती के समय कराई गई तौल के आधार पर बेसिक कोटा निर्धारित हो जाता है, जो कि मौजूदा खेती से कम रह जाता है। अब इन गन्ना किसानों को जब पर्ची जारी हो रही हैं तो वो उतने गन्ने की नहीं हैं, जितनी फसल उनके खेत में खड़ी है। जिससे गन्ना किसान परेशान होकर समितियों के चक्कर काट रहे हैं। ऐसे गन्ना किसानों को परेशान होने की जरुरत नहीं है। गन्ना किसान पचास पैसे प्रति क्विंटल के हिसाब से अतिरिक्त गन्ने का बांड शुल्क जमा कर बांड बनवा सकते हैं। जिसके बाद उनका पूरा गन्ना खरीद लिया जाएगा।
जिले में करीब 37 हजार गन्ना आपूर्ति करने वाले किसान हैं। इनमें से करीब दस हजार किसान ऐसे हैं जो कि नियमित रूप यानि पेड़ी से गन्ना खेती नहीं करते हैं। इससे इन गन्ना किसानों के सट्टा निर्धारण के समय अंतिम गन्ना खेती के समय कराई गई तौल के आधार पर बेसिक कोटा निर्धारित हो जाता है, जो कि मौजूदा खेती से कम रह जाता है। अब इन गन्ना किसानों को जब पर्ची जारी हो रही हैं तो वो उतने गन्ने की नहीं हैं, जितनी फसल उनके खेत में खड़ी है। जिससे गन्ना किसान परेशान होकर समितियों के चक्कर काट रहे हैं। ऐसे गन्ना किसानों को परेशान होने की जरुरत नहीं है। गन्ना किसान पचास पैसे प्रति क्विंटल के हिसाब से अतिरिक्त गन्ने का बांड शुल्क जमा कर बांड बनवा सकते हैं। जिसके बाद उनका पूरा गन्ना खरीद लिया जाएगा।
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