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आत्मबल और आत्मविश्वास के सहारे रचे जाते हैं कीर्तिमान
Updated Thu, 14 Jun 2018 12:36 AM IST
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आत्मबल और आत्मविश्वास के सहारे रचे जाते हैं कीर्तिमान
रामपुर।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विवि की ओर से आयोजित किए जा रहे अलविदा तनाव और मेडीटेशन शिविर में आत्मबल और आत्मविश्वास के महत्व को बताया गया। शिविर में बहन पूनम ने कहा कि किस्मत भी बुलंद हौसले का साथ देती हैं। दृढ़ इच्छा शक्ति से जीवन की हर लड़ाई को जीता जा सकता है। अगर उल्लंघन के लिए रेखाएं नहीं होती, जीतने के लिए बाधाएं नहीं होती, पार करने के लिए सीमाएं न होती, तो मानव जीवन में पुरस्कार की तरह आने वाले आनंद के अनुभव में कमी अवश्य आ जाती। संसार में जितने भी महापुरुष हुए हैं, उन्होंने स्वयं के बल पर ही प्रगति की। आत्मबल एवं आत्मविश्वास के सहारे ही उन्होंने उपलब्धियों के कीर्तिमान रचे। मंजिल स्वयं के कदमों से चलकर ही प्राप्त की जाती है, कोई दूसरा व्यक्ति आपकी यात्रा पूरी नहीं करेगा। कहा कि महान लोगों की जीवनियों का विश्लेषण करेंगे तो पता लगेगा कि उनके जीवन में अनुकूल परिस्थितियों की जगह प्रतिकूल परिस्थितियंा ज्यादा रहीं। इन लोगों ने प्रतिकूलता में अनुकूलता को ख्रोज निकाला। असाधारण लोग असफलता से हताश होने के बजाय उसे चुनौती के रूप मेें स्वीकार करते हैं। हम चाहते हैं कि दूसरे सब बदल जाए पर मैं न बदलूं। हमारे स्वभाव संस्कार, भावनाएं नकारात्मक दृष्टिकोण ही हमारे मार्ग में बाधाएं बनकर खड़े रहते हैं। हम सबके प्रति शुभ भावना रखें, प्रतिकूलता में भी अनुकूलता देखें, दु:ख में भी सुख खोजें, जीवन के भरे हिस्से को देखे एवं सबका कल्याण हो सहयोग भावना रखें।
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रामपुर।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विवि की ओर से आयोजित किए जा रहे अलविदा तनाव और मेडीटेशन शिविर में आत्मबल और आत्मविश्वास के महत्व को बताया गया। शिविर में बहन पूनम ने कहा कि किस्मत भी बुलंद हौसले का साथ देती हैं। दृढ़ इच्छा शक्ति से जीवन की हर लड़ाई को जीता जा सकता है। अगर उल्लंघन के लिए रेखाएं नहीं होती, जीतने के लिए बाधाएं नहीं होती, पार करने के लिए सीमाएं न होती, तो मानव जीवन में पुरस्कार की तरह आने वाले आनंद के अनुभव में कमी अवश्य आ जाती। संसार में जितने भी महापुरुष हुए हैं, उन्होंने स्वयं के बल पर ही प्रगति की। आत्मबल एवं आत्मविश्वास के सहारे ही उन्होंने उपलब्धियों के कीर्तिमान रचे। मंजिल स्वयं के कदमों से चलकर ही प्राप्त की जाती है, कोई दूसरा व्यक्ति आपकी यात्रा पूरी नहीं करेगा। कहा कि महान लोगों की जीवनियों का विश्लेषण करेंगे तो पता लगेगा कि उनके जीवन में अनुकूल परिस्थितियों की जगह प्रतिकूल परिस्थितियंा ज्यादा रहीं। इन लोगों ने प्रतिकूलता में अनुकूलता को ख्रोज निकाला। असाधारण लोग असफलता से हताश होने के बजाय उसे चुनौती के रूप मेें स्वीकार करते हैं। हम चाहते हैं कि दूसरे सब बदल जाए पर मैं न बदलूं। हमारे स्वभाव संस्कार, भावनाएं नकारात्मक दृष्टिकोण ही हमारे मार्ग में बाधाएं बनकर खड़े रहते हैं। हम सबके प्रति शुभ भावना रखें, प्रतिकूलता में भी अनुकूलता देखें, दु:ख में भी सुख खोजें, जीवन के भरे हिस्से को देखे एवं सबका कल्याण हो सहयोग भावना रखें।