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ताजिये तोड़ने पर भड़के लोग, लगाया जाम
Updated Sun, 23 Sep 2018 01:09 AM IST
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सैदनगर (रामपुर)। टांडा थाना क्षेत्र के लालपुर गांव में शुक्रवार को दोपहर में कुछ लोग छोटे ताजिये लेकर निकलने लगे। इसकी गांव के कुछ लोगों ने पुलिस से शिकायत कर दी। पुलिस की मौजूदगी में ही उन लोगों ने ताजिये फाड़ दिए। इसके बाद पुलिस ने ताजिये निकालने वाले चार लोगों को पकड़ लिया। इसकी जानकारी जुलूस निकाल रहे ताजियेदारों को हुई तो वह भड़क गए। उन लोगों ने बीच रास्ते में ही जुलूस को रोक दिया। वह लोग पकड़े गए चारों को छोड़ने और ताजिये फाड़ने वालों पर कार्रवाई की मांग करने लगे। ताजियेदारों ने लालपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। ताजिये भी दफनाने के लिए नहीं ले गए। शनिवार को लालपुर में दुकानदारों ने भी दुकानें नहीं खोलीं। तनाव की जानकारी मिलने पर लालपुर और खिजरपुर के प्रधानों के साथ टांडा के इंस्पेक्टर भी वहां पहुंचे। इसके बाद ताजियेदारों को समझाया गया। इसके बाद वह जुलूस निकालकर ताजियों को दफनाने को राजी हो गए। शनिवार को दोपहर बाद ताजिये कर्बला में दफना दिए गए। पुलिस ने पकड़े गए चारों लड़कों को भी छोड़ दिया। हालांकि मामला दो मसलों का होने की वजह से गांव में तनाव है। इस पर वहां पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
लालपुर से ताजियों का जुलूस शुक्रवार को निकाला जा रहा था। इस दौरान चार लोग छोेटे ताजिये लेकर कुछ लोग निकल आए, जिसकी सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इस बीच पुलिस की मौजूदगी में ही कुछ लोगों ने चार ताजियों को तोड़ दिया। पुलिस ने ताजिये लेकर जा रहे चार लोगों को पकड़ लिया। घटना की जानकारी मिलते ही तमाम लोग सड़कों पर उतर आए और शुक्रवार की रात में ही लालपुर पर जाम लगा दिया। लोगों ने ताजिये सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की गई। बाद में पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझा बुझाकर शांत किया, लेकिन ताजियेदार रात में ताजियों को मौके पर ही छोड़कर चले गए। शनिवार की सुबह पुलिस ने कई घंटे की माथापच्ची के बाद ताजियों के दफन के लिए लोगों को राजी कर लिया। खिजरपुर के प्रधान इकरार अहमद व लालपुर के प्रधान मोहम्मद हारून व टांडा इंसपेक्टर जीत सिंह ने अपने-अपने गांव के लोगों को किसी तरह समझाया। बाद में खिजरपुर के लोगों ने बिचपुरी के कर्बला में ताजियों को दफन कर दिया। इसके बाद यहां पर सहरिया लक्खा, सूरजपुर के भी ताजिये पहुंचे, जहां एक घंटे रहने के बाद सभी लोग वापस चले गए। घटना के बाद लालपुर गांव में तनाव बना रहा। लालपुर निवासी मुस्तकीम ने एसपी को पत्र दिया है। इसमें कहा गया है कि दूसरे मसल के कुछ लोगों ने घर में घुसकर मारपीट की और ताजियों को तोड़ दिया। उसने एसपी से दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। पुलिस का कहना है कि गांव में पहली बार ताजिये निकालने पर विरोध किया गया था। मामले को शांत कर दिया गया है।
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लालपुर से ताजियों का जुलूस शुक्रवार को निकाला जा रहा था। इस दौरान चार लोग छोेटे ताजिये लेकर कुछ लोग निकल आए, जिसकी सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इस बीच पुलिस की मौजूदगी में ही कुछ लोगों ने चार ताजियों को तोड़ दिया। पुलिस ने ताजिये लेकर जा रहे चार लोगों को पकड़ लिया। घटना की जानकारी मिलते ही तमाम लोग सड़कों पर उतर आए और शुक्रवार की रात में ही लालपुर पर जाम लगा दिया। लोगों ने ताजिये सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की गई। बाद में पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझा बुझाकर शांत किया, लेकिन ताजियेदार रात में ताजियों को मौके पर ही छोड़कर चले गए। शनिवार की सुबह पुलिस ने कई घंटे की माथापच्ची के बाद ताजियों के दफन के लिए लोगों को राजी कर लिया। खिजरपुर के प्रधान इकरार अहमद व लालपुर के प्रधान मोहम्मद हारून व टांडा इंसपेक्टर जीत सिंह ने अपने-अपने गांव के लोगों को किसी तरह समझाया। बाद में खिजरपुर के लोगों ने बिचपुरी के कर्बला में ताजियों को दफन कर दिया। इसके बाद यहां पर सहरिया लक्खा, सूरजपुर के भी ताजिये पहुंचे, जहां एक घंटे रहने के बाद सभी लोग वापस चले गए। घटना के बाद लालपुर गांव में तनाव बना रहा। लालपुर निवासी मुस्तकीम ने एसपी को पत्र दिया है। इसमें कहा गया है कि दूसरे मसल के कुछ लोगों ने घर में घुसकर मारपीट की और ताजियों को तोड़ दिया। उसने एसपी से दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। पुलिस का कहना है कि गांव में पहली बार ताजिये निकालने पर विरोध किया गया था। मामले को शांत कर दिया गया है।
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