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दिसंबर माह में 625 लोग विदेशों से रामपुर पहुंचे, 49 लोग ओमिक्रॉन प्रभावित देशों से आए
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रामपुर। ओमिक्रॉन की दस्तक के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। ऐसे में विदेशों से आने वाले लोगों पर विशेष निगरानी और सैंपलिंग कराई जा रही है। दिसंबर माह में 625 लोग विदेशों से आए हैं। जिनमें से 49 लोग एट रिस्क कंट्री यानि ओमिक्रॉन प्रभावित देशों से आए हैं। विदेशों से आए इन सभी लोगों की निगरानी और कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के सामने आने के बाद शासन ने सभी जनपदों के स्वास्थ्य अधिकारियों को संबंधित गाइडलाइन जारी करते हुए अलर्ट कर दिया है। अब शासन विदेशों से आने वाले लोगों की दो श्रेणियों में निगरानी कर रहा है। जिसमें पहली श्रेणी में एट रिस्क कंट्री यानि ऐसे देशों से आने वाले लोग हैं, जहां पर ओमिक्रॉन वैरिएंट का असर है। जबकि दूसरी दूसरी श्रेणी में नोट एट रिस्क कंट्री यानि ऐसे देशों से आने वाले लोग जहां ओमिक्रॉन वैरिएंट सामने नहीं आया है।
जिले में 16 दिसंबर तक 625 लोग विदेशों से आए हैं। इनमें से 49 ओमिक्रॉन प्रभावित वाले देशों से हैं तो 576 लोग ओमिक्रॉन से प्रभावित नहीं हुए देशों से आए हैं। इन सभी की स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार की गई रैपिड रिस्पांस टीम यानि आरआरटी ने घर जाकर सैंपलिंग व जांच की है। अभी तक किसी में कोरोना संक्रमण के लक्षण सामने नहीं आए हैं। कोविड-प्रोटोकॉल के अनुसार सैंपलिंग व आठ दिन तक घर में एकांतवास में रहने और आठ दिन बाद दोबारा सैंपल लेकर भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। जिसमें ओमिक्रॉन प्रभावित देशों से आए 49 लोगों में से 21 लोगों की आठ दिन की अवधि 16 दिसंबर तक पूरी हो चुकी थी और इनके दोबारा सैंपल भेजे गए हैं। शेष की पहली रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। जबकि अन्य 576 लोगों में 170 लोग आठ दिन की समय अवधि पूरी कर चुके हैं। इनमें किसी में कोरोना संक्रमण के लक्षण सामने नहीं आए हैं।
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कोट
दिसंबर माह में 49 लोग एट रिस्क कंट्री और 576 लोग नोट एट रिस्क कंट्री से आए हैं। सभी की कोरोना संक्रमण की जांच की गई है, जिसमें किसी में भी कोरोना संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। कई लोगों ने आठ दिन का समय पूरा कर लिया है, इसके बाद दोबारा उनका सैंपल आरटी-पीसीआर जांच के लिए भी भेज दिया गया है। विदेशों से आने वाले लोगों पर आरआरटी के माध्यम से नजर रखी जा रही है और प्रोटोकॉल का पालन कराया जा रहा है। - डॉ. संजीव कुमार यादव, सीएमओ
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कोरोना संक्रमण के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के सामने आने के बाद शासन ने सभी जनपदों के स्वास्थ्य अधिकारियों को संबंधित गाइडलाइन जारी करते हुए अलर्ट कर दिया है। अब शासन विदेशों से आने वाले लोगों की दो श्रेणियों में निगरानी कर रहा है। जिसमें पहली श्रेणी में एट रिस्क कंट्री यानि ऐसे देशों से आने वाले लोग हैं, जहां पर ओमिक्रॉन वैरिएंट का असर है। जबकि दूसरी दूसरी श्रेणी में नोट एट रिस्क कंट्री यानि ऐसे देशों से आने वाले लोग जहां ओमिक्रॉन वैरिएंट सामने नहीं आया है।
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जिले में 16 दिसंबर तक 625 लोग विदेशों से आए हैं। इनमें से 49 ओमिक्रॉन प्रभावित वाले देशों से हैं तो 576 लोग ओमिक्रॉन से प्रभावित नहीं हुए देशों से आए हैं। इन सभी की स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार की गई रैपिड रिस्पांस टीम यानि आरआरटी ने घर जाकर सैंपलिंग व जांच की है। अभी तक किसी में कोरोना संक्रमण के लक्षण सामने नहीं आए हैं। कोविड-प्रोटोकॉल के अनुसार सैंपलिंग व आठ दिन तक घर में एकांतवास में रहने और आठ दिन बाद दोबारा सैंपल लेकर भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। जिसमें ओमिक्रॉन प्रभावित देशों से आए 49 लोगों में से 21 लोगों की आठ दिन की अवधि 16 दिसंबर तक पूरी हो चुकी थी और इनके दोबारा सैंपल भेजे गए हैं। शेष की पहली रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। जबकि अन्य 576 लोगों में 170 लोग आठ दिन की समय अवधि पूरी कर चुके हैं। इनमें किसी में कोरोना संक्रमण के लक्षण सामने नहीं आए हैं।
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कोट
दिसंबर माह में 49 लोग एट रिस्क कंट्री और 576 लोग नोट एट रिस्क कंट्री से आए हैं। सभी की कोरोना संक्रमण की जांच की गई है, जिसमें किसी में भी कोरोना संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। कई लोगों ने आठ दिन का समय पूरा कर लिया है, इसके बाद दोबारा उनका सैंपल आरटी-पीसीआर जांच के लिए भी भेज दिया गया है। विदेशों से आने वाले लोगों पर आरआरटी के माध्यम से नजर रखी जा रही है और प्रोटोकॉल का पालन कराया जा रहा है। - डॉ. संजीव कुमार यादव, सीएमओ