{"_id":"5c8a9c03bdec221470579c26","slug":"51552587779-rampur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में कुल गन्ना भुगतान का 70 फीसदी राणा शुगर मिल पर बकाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में कुल गन्ना भुगतान का 70 फीसदी राणा शुगर मिल पर बकाया
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रामपुर। जिले में तीन चीनी मिलों पर गन्ना किसानों को करीब 138 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है। इसमें सबसे अधिक शाहबाद क्षेत्र की राणा शुगर मिल पर करीब 97 करोड़ का भुगतान बकाया है। यानि जिले में गन्ना किसानों के भुगतान की समस्या राणा शुगर मिल के सुस्त भुगतान से हो रही है। हालांकि विभाग का दावा है कि बकाया भुगतान के बराबर चीनी उपलब्ध है। मिल प्रबंधन द्वारा चीनी बेचकर ही भुगतान किया जा रहा है।
जिले में गन्ना पेराई सत्र की शुरुआत से ही गन्ना किसानों के भुगतान का मुद्दा गूंज रहा है। किसान संगठन आए दिन प्रदर्शन कर गन्ना भुगतान की मांग कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने 14 दिन में गन्ना किसानों को भुगतान करने के निर्देश दिए थे लेकिन, जिले में ऐसा नहीं हो पा रहा है। भुगतान के मामले में जिले में दढ़ियाल क्षेत्र स्थित त्रिवेणी शुगर मिल की स्थिति फिर भी संतोषजनक है। त्रिवेणी मिल की ओर से फरवरी माह के शुरुआत तक का भुगतान कर दिया गया है। त्रिवेणी शुगर मिल ने इस सत्र में करीब 1 अरब 49 करोड़ 95 लाख रुपये का गन्ना खरीदा है। इसमें से 1 अरब 26 करोड़ 51 लाख रुपये के करीब का भुगतान किया जा चुका है। मिल पर अभी भी करीब 23 करोड़ 44 लाख का भुगतान बकाया है। जबकि शाहबाद के करीमगंज स्थित राणा शुगर मिलने इस सत्र में करीब एक अरब 69 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा है। इसके सापेक्ष मिल ने करीब 72 करोड़ 46 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया है। इसके बावजूद मिल पर करीब 97 करोड़ 23 लाख रुपये का भुगतान बकाया है। बिलासपुर की रूद्र-बिलास सहकारी चीनी मिल ने इस सत्र में सबसे कम पेराई करते हुए करीब 45 करोड़ 74 लाख रुपये का ही गन्ना खरीदा है। जिसमें 27 करोड़ 82 लाख का भुगतान कर दिया गया है और करीब 17 करोड़ 91 लाख रुपये का बकाया है।
जिले में गन्ना पेराई सत्र की शुरुआत से ही गन्ना किसानों के भुगतान का मुद्दा गूंज रहा है। किसान संगठन आए दिन प्रदर्शन कर गन्ना भुगतान की मांग कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने 14 दिन में गन्ना किसानों को भुगतान करने के निर्देश दिए थे लेकिन, जिले में ऐसा नहीं हो पा रहा है। भुगतान के मामले में जिले में दढ़ियाल क्षेत्र स्थित त्रिवेणी शुगर मिल की स्थिति फिर भी संतोषजनक है। त्रिवेणी मिल की ओर से फरवरी माह के शुरुआत तक का भुगतान कर दिया गया है। त्रिवेणी शुगर मिल ने इस सत्र में करीब 1 अरब 49 करोड़ 95 लाख रुपये का गन्ना खरीदा है। इसमें से 1 अरब 26 करोड़ 51 लाख रुपये के करीब का भुगतान किया जा चुका है। मिल पर अभी भी करीब 23 करोड़ 44 लाख का भुगतान बकाया है। जबकि शाहबाद के करीमगंज स्थित राणा शुगर मिलने इस सत्र में करीब एक अरब 69 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा है। इसके सापेक्ष मिल ने करीब 72 करोड़ 46 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया है। इसके बावजूद मिल पर करीब 97 करोड़ 23 लाख रुपये का भुगतान बकाया है। बिलासपुर की रूद्र-बिलास सहकारी चीनी मिल ने इस सत्र में सबसे कम पेराई करते हुए करीब 45 करोड़ 74 लाख रुपये का ही गन्ना खरीदा है। जिसमें 27 करोड़ 82 लाख का भुगतान कर दिया गया है और करीब 17 करोड़ 91 लाख रुपये का बकाया है।
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