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फर्जी प्रमाण पत्र से पुलिस में हुए भर्ती, चार प्रशिक्षु सिपाहियों पर रिपोर्ट
Updated Tue, 31 Jul 2018 12:37 AM IST
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रामपुर। फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे रामपुर के चार युवक पुलिस में भर्ती हो गए। इसका खुलासा प्रमाणपत्रों के सत्यापन के दौरान हुआ। सत्यापन की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस भर्ती बोर्ड की ओर से चार प्रशिक्षु सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।
2015 में यूपी पुलिस में 41,520 सिपाहियों की भर्ती की गई थी। भर्ती के दौरान रामपुर से भी तमाम युवक सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब इन सिपाहियों का प्रशिक्षण शुरू हो गया है। इस वक्त रामपुर समेत प्रदेश के कई जनपदों में प्रशिक्षण चल रहा है। इस भर्ती में रामपुर के चार युवक फर्जी दस्तावेजों के सहारे पुलिस में भर्ती हो गए। इसका खुलासा तब हुआ जब प्रशिक्षु सिपाहियों के शैक्षिक योग्यता के प्रमाण पत्रों की रिपोर्ट विभिन्न बोर्ड के माध्यम से पुलिस को मिली। पुलिस भर्ती बोर्ड ने फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए पुलिस में भर्ती होने पर चारों प्रशिक्षु सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। भर्ती बोर्ड के आदेश पर स्थानीय स्तर पर पुलिस भर्ती लिपिक एएसआई अमरजीत सिंह सिरोही ने सिविल लाइंस थाने में बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र के कोठा जागीर निवासी विक्की यादव, भोट थाना क्षेत्र के नरखेड़ा गांव निवासी नेत्रपाल तुरैहा, भोट थाना क्षेत्र के पजावा गांव निवासी रामपाल सिंह और स्वार कोतवाली क्षेत्र के पसियापुरा गांव निवासी जुनैद आबदीन के खिलाफ धोखाधड़ी कर फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी हासिल करने का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि इन लोगों की हाईस्कूल और इंटर के प्रमाण पत्रों को यूपी बोर्ड ने अवैध माना था। पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि इन लोगों के शैक्षिक योग्यता के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए थे, जिसके आधार पर चारों प्रशिक्षु सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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