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पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों ट्रांसपोर्टरों की हालत खस्ता
Updated Wed, 12 Sep 2018 01:09 AM IST
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रामपुर। पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों से परिवहन क्षेत्र का बुरा हाल है। ट्रैवल्स एजेंसियां और ट्रांसपोर्टर घाटे में जा रहे हैं। हालत यह है कि अब इस कारोबार से जुड़े लोगों में भी आक्रोश पनप रहा है।
पेट्रोल और डीजल लगातार महंगा हो रहा है। दिन व दिन बढ़ते पेट्रोल, डीजल के दामों से महंगाई भी बढ़ रही है। वहीं, ट्रांसपोर्ट कारोबार बुरी तरह प्रभावित है, तो ट्रेवल्स एजेंसियों के भी पसीने छूटने लगे हैं। काम तक नहीं मिल रहा है और मिल भी रहा है तो वह घाटे का सौदा साबित हो रहा है। सिर्फ ट्रांसपोर्ट क्षेत्र की ही बात की जाए तो किराया तो जस का तस ही है, जबकि डीजल 55 रुपये से बढ़कर 74 रुपये के करीब पहुंच चुका है। ऐसे में ट्रांसपोर्टरों का खर्च भी पूरा नहीं हो पा रहा। लगातार घाटा होने की वजह से ट्रांसपोर्टरों का मोह भंग होने लगा है। जबकि, टूर एंड ट्रेवल्स कारोबार पर भी इसका बुरा असर देखने को मिला है। कंपनी मालिकों की मानें तो सरकार पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों पर अंकुश नहीं लगा पा रही है, जबकि यात्रियों के डर से किराया बढ़ाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में कई एजेंसियां बंद होने की कगार पर पहुंच चुकी हैं।
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पेट्रोल और डीजल लगातार महंगा हो रहा है। दिन व दिन बढ़ते पेट्रोल, डीजल के दामों से महंगाई भी बढ़ रही है। वहीं, ट्रांसपोर्ट कारोबार बुरी तरह प्रभावित है, तो ट्रेवल्स एजेंसियों के भी पसीने छूटने लगे हैं। काम तक नहीं मिल रहा है और मिल भी रहा है तो वह घाटे का सौदा साबित हो रहा है। सिर्फ ट्रांसपोर्ट क्षेत्र की ही बात की जाए तो किराया तो जस का तस ही है, जबकि डीजल 55 रुपये से बढ़कर 74 रुपये के करीब पहुंच चुका है। ऐसे में ट्रांसपोर्टरों का खर्च भी पूरा नहीं हो पा रहा। लगातार घाटा होने की वजह से ट्रांसपोर्टरों का मोह भंग होने लगा है। जबकि, टूर एंड ट्रेवल्स कारोबार पर भी इसका बुरा असर देखने को मिला है। कंपनी मालिकों की मानें तो सरकार पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों पर अंकुश नहीं लगा पा रही है, जबकि यात्रियों के डर से किराया बढ़ाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में कई एजेंसियां बंद होने की कगार पर पहुंच चुकी हैं।
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