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मदरसा आलिया से 2016 में हटाया गया था यूनानी चिकित्सालय
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रामपुर। राजकीय यूनानी चिकित्सालय को करीब दो साल पहले ( 2016) में मदरसा आलिया की बिल्डिंग से दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया था। तब यह सीएंडडीएस की यूनिट 30 की ओर से यह भवन रामपुर पब्लिक स्कूल को दिया था। इसके बाद से ही भवन में स्कूल की कक्षाएं संचालित हो रहीं थीं। हालांकि, यह भवन सीएंडडीएस के पास कैसे आया, अभी इस मामले की जांच चल रही है।
किला पूर्वी गेट पर पान दरीबा पर स्थित मदरसा आलिया संचालित था। इसी का कुछ हिस्सा सरकार ने यूनानी चिकित्सालय को दे दिया था, जिसके बाद से चिकित्सालय का संचालन हो रहा था। सालों तक भवन की देखरेख न होने की वजह से यह भवन भी काफी जर्जर हो गया था, जिसके बाद समाजवादी पार्टी की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे मोहम्मद आजम खां ने इस भवन को खाली करा लिया था और यूनानी अस्पताल को दूसरी जगह स्थानांतरित करा दिया था। यह भवन किसी तरह से सीएंडडीएस की यूनिट 30 के पास आ गया, जिसके बाद सीएंडडीएस ने भवन की मरम्मत कराई। इसके बाद इस भवन में बने कमरों में जौहर ट्रस्ट से संचालित रामपुर पब्लिक स्कूल की कक्षाएं लगनी शुरु हो गईं। सूबे में सत्ता बदलते ही भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने तमाम शिकायतें करनी शुरु कर दीं। कांग्रेस नेता फैसल लाला, मौलाना मौहब्बे अली, मुस्तफा हुसैन समेत तमाम लोगों ने एक के बाद एक शिकायत की, जिसके बाद जांच की गई। इस जांच के बाद भवन को खाली कराकर वापस यूनानी चिकित्सालय को दिया गया।
किला पूर्वी गेट पर पान दरीबा पर स्थित मदरसा आलिया संचालित था। इसी का कुछ हिस्सा सरकार ने यूनानी चिकित्सालय को दे दिया था, जिसके बाद से चिकित्सालय का संचालन हो रहा था। सालों तक भवन की देखरेख न होने की वजह से यह भवन भी काफी जर्जर हो गया था, जिसके बाद समाजवादी पार्टी की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे मोहम्मद आजम खां ने इस भवन को खाली करा लिया था और यूनानी अस्पताल को दूसरी जगह स्थानांतरित करा दिया था। यह भवन किसी तरह से सीएंडडीएस की यूनिट 30 के पास आ गया, जिसके बाद सीएंडडीएस ने भवन की मरम्मत कराई। इसके बाद इस भवन में बने कमरों में जौहर ट्रस्ट से संचालित रामपुर पब्लिक स्कूल की कक्षाएं लगनी शुरु हो गईं। सूबे में सत्ता बदलते ही भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने तमाम शिकायतें करनी शुरु कर दीं। कांग्रेस नेता फैसल लाला, मौलाना मौहब्बे अली, मुस्तफा हुसैन समेत तमाम लोगों ने एक के बाद एक शिकायत की, जिसके बाद जांच की गई। इस जांच के बाद भवन को खाली कराकर वापस यूनानी चिकित्सालय को दिया गया।
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