फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   1.25 crore rupees spent in the city, yet 1100 streetlights are out of order.

Rampur News: शहर में सवा करोड़ खर्च फिर भी 1100 स्ट्रीट लाइटें खराब

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 30 May 2026 02:12 AM IST
विज्ञापन
1.25 crore rupees spent in the city, yet 1100 streetlights are out of order.
रामपुर। नगर पालिका लोगों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं दे पा रही है। एक साल में नगर पालिका ने करीब 1.25 करोड़ रुपया स्ट्रीट लाइटों में खर्च किया। इसके बाद भी लोगों को अंधेरे में चलना पड़ रहा है। नगर पालिका क्षेत्र में 12 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। इसमें से करीब 1100 स्ट्रीट लाइटें खराब हैं या बंद पड़ी हैं। शौकत अली और जौहर रोड पर छह महीने पहले 50 लाख रुपये की लागत से लगी स्ट्रीट लाइटों में से कई खराब हो गई हैं। जौहर रोड में सड़क किनारे लगी पिलर लाइटें अभी तक जल नहीं पाई हैं।
विज्ञापन

नगर पालिका पर मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने में विफल रहने के गंभीर आरोप हैं। अमर उजाला टीम ने दो दिनों तक रात के समय शहर के विभिन्न इलाकों का दौरा कर इस स्थिति की पड़ताल की। हमारे सामने जो तथ्य आए, वे चौंकाने वाले हैं। बृहस्पतिवार को टीम ने पालिका के कई क्षेत्रों का दौरा किया। यहां कुल 255 से अधिक स्ट्रीट लाइटें पूरी तरह बंद मिलीं। दूसरे दिन टीम ने रात करीब 8 बजे डायमंड सिनेमा रोड पहुंची। यहां लगभग 40 से अधिक लाइटें बंद थीं। इसके बाद हमने जौहर अली रोड का जायजा लिया, जहां 10 से अधिक स्ट्रीट लाइटें और लगभग 60 पिलर लाइटें बंद पड़ी थीं। रात 8:55 बजे शौकत अली रोड पर 18 से अधिक लाइटें खराब और 10 से अधिक पोलों पर लाइटें ही नहीं लगी पाईं।
विज्ञापन

-------------

अन्य प्रमुख स्थलों की स्थिति:
गांधी समाधि के पास झरने के आसपास: 10 से अधिक लाइटें बंद।
आकाशवाणी से जिला अस्पताल जाने वाली सड़क 15 से अधिक लाइटें खराब।
जवालानगर क्षेत्र: 40 से अधिक लाइटें बंद।
सैनी कॉलोनी व सिविल लाइंस क्षेत्र में 109 से अधिक लाइटें खराब।
रात 9 से 10 बजे के बीच हमने बाजार, किला क्षेत्र, जिला अस्पताल और उसके आसपास पांच किलोमीटर के दायरे में 350 से अधिक लाइटें बंद पाईं।
00000000000000000000000000
शहर में कई स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी हैं या खराब हैं। कई बार अंधेरे में कुछ दिखाई नहीं देता। ऐसे में चोट लगने का डर बना रहता है। ये लाइटें सही करानी चाहिए, ताकि लोगों को दिक्कत न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

जुबैर


डायमंड रोड शहर के बीच का एक हिस्सा है। इस हिस्से में स्ट्रीट लाइट का जलना बेहद जरूरी है। इस सड़क की लाइटें पांच दिन से बंद पड़ी हैं।
— अंकित



यह एक तरह की लापरवाही ही है कि शहर के मुख्य मार्गों की लाइटें खराब हैं। गली मोहल्लों के हाल तो और भी खराब हैं। पालिका को इस पर ध्यान देना चाहिए।
— वसीम



नगर पालिका ने जौहर अली रोड पर फैंसी लाइटें लगाईं। लेकिन ये बंद पड़ी हैं। इन लाइटों को बंद ही रखना था तो इतना बजट खर्च नहीं किया जाना था।
— मनी

कोट-
शौकत अली और जौहर अली रोड पर 50 लाख रुपये की लागत से दिवाली के समय स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं थी। शहर में 12 हजार स्ट्रीट लाइट हैं। जो लाइटें खराब हैं, उन्हें जल्द सही करवाया जाएगा।
दुर्गेश्वर त्रिपाठी, ईओ नगर पालिका
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed