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हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा..........
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रामपुर। श्री श्याम निशान यात्रा श्याम परिवार की ओर से नगर में श्री श्याम संकीर्तन महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव में बाबा सुंदर फूलों से दरबार सजाया गया और रात भर श्रद्धालु बाबा के भजनों पर झूमते रहे।
नगर में अनाज मंडी के निकट श्री साईं मंदिर में हुए महोत्सव की शुरुआत पंडित अंकुर शर्मा ने पूजन और ज्योत प्रज्ज्वलित कर की। इसके बाद भजन गायक अश्विनी सक्सेना ने गणेश वंदना प्रस्तुत की। बाबा का गुणगान करते हुए अश्विनी सक्सेना ने हारे का सहारा मेरा श्याम धानी आदि भजन प्रस्तुत किए। इसके बाद बिजनौर से आईं भजन गायिका आकांक्षा मित्तल ने बालाजी महाराज के भजन पवनदूत हुनमान वीर बजरंगी से भजनों की शुरुआत की। इसके बाद बेटियों के लिए बेटी हूं तो क्या हुआ बेटे से ज्यादा फर्ज निभाउंगी गीत प्रस्तुत किया। भजनों में वो कौन है जिसने हमको दी पहचान, हारे के सहारे आजा, लहराते देखे हैं हमनें निशान हजारों खाटू में आदि भजन प्रस्तुत किए। इसके बाद भजन गायक रामश्याम ने ओ री सखी गाओ री, मत होना मन बावरे उदास आदि भजन प्रस्तुत किए। संकीर्तन महोत्सव में श्रद्धालुओं ने फूलों की होली खेलते हुए कीर्तन भी किया। बाबा का दरबार दिल्ली से आए फूलों से तैयार किया गया। महोत्सव में बाबा को 36 भोग लगाए गए और समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर प्रमोद कुमार सक्सेना, अर्पित सक्सेना, शिवम कश्यप, हर्ष, विवेक, सुनील, हरप्रीत सिंह आदि मौजूद रहे।
नगर में अनाज मंडी के निकट श्री साईं मंदिर में हुए महोत्सव की शुरुआत पंडित अंकुर शर्मा ने पूजन और ज्योत प्रज्ज्वलित कर की। इसके बाद भजन गायक अश्विनी सक्सेना ने गणेश वंदना प्रस्तुत की। बाबा का गुणगान करते हुए अश्विनी सक्सेना ने हारे का सहारा मेरा श्याम धानी आदि भजन प्रस्तुत किए। इसके बाद बिजनौर से आईं भजन गायिका आकांक्षा मित्तल ने बालाजी महाराज के भजन पवनदूत हुनमान वीर बजरंगी से भजनों की शुरुआत की। इसके बाद बेटियों के लिए बेटी हूं तो क्या हुआ बेटे से ज्यादा फर्ज निभाउंगी गीत प्रस्तुत किया। भजनों में वो कौन है जिसने हमको दी पहचान, हारे के सहारे आजा, लहराते देखे हैं हमनें निशान हजारों खाटू में आदि भजन प्रस्तुत किए। इसके बाद भजन गायक रामश्याम ने ओ री सखी गाओ री, मत होना मन बावरे उदास आदि भजन प्रस्तुत किए। संकीर्तन महोत्सव में श्रद्धालुओं ने फूलों की होली खेलते हुए कीर्तन भी किया। बाबा का दरबार दिल्ली से आए फूलों से तैयार किया गया। महोत्सव में बाबा को 36 भोग लगाए गए और समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर प्रमोद कुमार सक्सेना, अर्पित सक्सेना, शिवम कश्यप, हर्ष, विवेक, सुनील, हरप्रीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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