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हैडिंग- कोसी के बाद पीलाखार नदी खोखला कर रही पोकलैंन मशीनें

Sat, 14 Oct 2017 12:59 AM IST
Updated Sat, 14 Oct 2017 12:59 AM IST
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हैडिंग- कोसी के बाद पीलाखार नदी खोखला कर रही पोकलैंन मशीनें
कोसी के बाद पीलाखार नदी खोखला कर रही पोकलैंड मशीनें
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रामपुर। कोसी नदी के बाद पीलाखार नदी में भी अवैध खनन करने में माफिया जुट गए हैं, यहां एनसीआर के माफिया ने पोकलैंन मशीनें शुरू कर दी हैं। लेकिन प्रशासन का ढुलमुल रवैया अवैध खनन नहीं रोक पा रहा है। पीलाखार नदी में अवैध खनन से मिनी पंजाब के रूप में प्रचलित इलाके में खेती प्रभावित हो रही है।
कोसी नदी में मसवासी के उत्तराखंड बार्डर से लेकर बेलवाड़ा, करीमपुर, चौहद्दा, घोसीपुरा, अकबराबाद और दढ़ियाल तक अवैध खनन चल रहा है। पचास से अधिक पोकलैंन मशीन चल रही हैं। इसके साथ ही पीलाखार नदी में अवैध खनन तेजी के साथ शुरू हो गया है। मिलकखानम क्षेत्र में डिलारी में एक पट्टा को छोड़कर बाकी तमाम स्थानों पर पोकलैंन मशीनों से अवैध खनन माफिया करा रहे हैं। दिल्ली एनसीआर में गाजियाबाद, हापुड़ और बुलंदशहर से बड़ी संख्या में पोकलैंन मशीनें किराए पर मंगाकर नदिय ों में डाल दी गई हैं। पीलाखार नदी में अवैध खनन कर रहे माफिया किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। तराई में पीलाखार के किनारे की यह जमीन मिनी पंजाब कही जाती है, किसान यहां मेहनत करके खेती करते हैं, लेकिन अवैध खनन होने से किसानों की फसलें बेकार हो रही हैं। लेकिन प्रशासनिक अधिकारी अवैध खनन नहीं रोक पा रहे हैं। मिलक खानम और स्वार थाना पुलिस भी खनन माफिया से साठगांठ किए हुए प्रतीत हो रही है। जबकि किसानों का कहना है कि अवैध खनन नहीं रुका तो खेतों में खड़ी फसलें चौपट हो जाएंगी। उधर बिलासपुर के भोट थाना क्षेत्र में अवैध खनन नहीं रुका है पीलाखार नदी में खनन करके दिन दहाड़े ट्रक निकल रहे हैं।
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अवैध खनन होते देख रही पुलिस
रामपुर। स्थानीय पुलिस अब अवैध खनन करने वालों को रोक नहीं रही है। पुलिस पीलाखार नदी में होने वाले अवैध खनन को खड़े होकर देख रही है। जबसे एसपी ने सख्ती भरा पत्र लिखा है, पुलिस कर्मियों ने प्रशा सनिक अधिकारी या खनन अधिकारी के आदेश का इंतजार शुरू कर दिया है, जैसे ही यह कार्रवाई के लिए कहेंगे, या मदद मांगेंगे, पुलिस मदद करेगी। पुलिस की खुली छूट की वजह से खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं।
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पीलाखार नदी में अवैध खनन की कोई सूचना नहीं है। सिर्फ डिलारी में एक पट्टा हुआ है, उसी पर खनन किया जा रहा है। इसके अलावा किसी स्थान पर अवैध खनन हो रहा है, तो इसकी जांच कराके कार्रवाई की जाएगी। कोसी नदी में पट्टों पर ही खनन हो रहा है, अवैध खनन नहीं होने दिया जा रहा है।
-शैलेंद्र कुमार मौर्य खनन अधिकारी

अवैध खनन से प्रभावित किसानों का दर्द
खेतों को डंपर से रौंद रहे माफिया
किसान खेतल सिंह का कहना है कि पीलाखार नदी के किनारे उनका खेत है। खेत में खड़ी फसल को खनन भरकर ले जाने वाले डंपर रौंद रहे हैं। विरोध करने पर लड़ने को तैयार हो जाते हैं, हमारी फरियाद न प्रशासन के अफसर सुन रहे हैं न पुलिस।

धूल से हो रही परेशानी
किसान रईस अहमद का कहना है कि अवैध खनन के भरे डंपर निकलने पर धूल से परेशान हैं। खेतों में खड़ी फसल तो बेकार हो ही रही है, आंखें भी दुख रही हैं। गांव का कोई विरोध कर दे तो माफिया के लोग मारने को उतारू हो जाते हैं।


खनन लदे डंपरों से सड़कें टूटकर चकनाचूर
किसान प्रेमसिंह का कहना है कि खनन के ओवर लोड डंपरों के कारण इलाके की सड़कें टूटकर चकनाचूर हो रही हैं। जैसे तैसे सड़कें बनवाई हैं, अब खनन के डंपर तोड़े दे रहे हैं। ऐसे में राह निकलना भी मुश्किल हो जाएगी।
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