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मार्जिन मनी लोन की वूसली में अब राजस्व कर्मियों का सहारा लेगा उद्योग विभाग
Updated Fri, 10 Aug 2018 12:50 AM IST
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रामपुर। उद्योग केंद्र की ओर से उद्योगों की स्थापना को दी गई मार्जिन मनी की वसूली अब चुनौती बन गई है। इसकी वजह कई ऋण लेने वाले उद्यमियों का निधन हो चुका है तो कई उद्योग ही बंद हो चुके हैं। नोटिस जारी करने के बाद भी रिकवरी न होने पर अब विभाग राजस्व कर्मियों की मदद से वसूली की योजना बना रहा है। ऋण की यह रकम करीब बीस लाख रुपये है।
उद्योग केंद्र की ओर से करीब तीस साल पहले लघु उद्योगों की स्थापना के लिए मार्जिन मनी ऋण की सुविधा शुरू की गई थी। इसके तहत जिले में करीब 60 लोगों को लघु उद्योगों की स्थापना के लिए बीस से पचास हजार रुपये तक की रकम ऋण के रूप में दी गई थी। हालांकि मौजूदा समय में यह रकम इतनी बड़ी नहीं है लेकिन, करीब तीस साल पहले इससे लघु व्यापार या उद्योग शुरू करने में काफी सहयोग मिल जाता था। लेकिन, कुछ लोगों ने ही इस लोन की धनराशि जमा की और अधिकतर ऋण लेने वाले लोगों ने इसे जमा नहीं किया। इसके बाद अन्य योजनाएं आनी शुरू हो गईं और उद्योगों के लिए नई व्यवस्था हो गई। जिस कारण इस ऋण की रिकवरी आज भी नहीं हो सकी है। कुछ दिनों पहले विभाग की ओर से रिकवरी के लिए संबंधित फर्म व व्यक्ति के नाम से नोटिस जारी किए गए थे। इन नोटिस के जवाब में कुछ जवाब भी आए लेकिन, यह भी विभाग की निराशा बढ़ाने वाले थे। क्योंकि इन जवाबों में कहा गया कि ऋण लेने वाले व्यक्ति की मौत हो चुकी है। करीब छह लोगों का इस प्रकार का जवाब आया है तो कुछ उद्योगों के ही बंद होने की सूचना मिली है। जिसके बाद अब विभाग इस ऋण बकाया वसूली के लिए राजस्व कर्मियों के माध्यम से आरसी जारी कर वसूली की तैयारी में है।
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-मार्जिन मनी के रूप में कुछ धनराशि करीब साठ लोगों को दी गई थी। इसका करीब बीस लाख रुपया बकाया है। रिकवरी के लिए नोटिस जारी किए गए थे, जिसमें कुछ के जवाब में ऋण लेने वाले व्यक्ति के निधन होने की बात कही गई तो कई ने जवाब ही नहीं दिया। अब राजस्व विभाग के माध्यम से आरसी जारी करवाकर वसूली की जाएगी। -एसके शर्मा, जीएम-डीआईसी
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उद्योग केंद्र की ओर से करीब तीस साल पहले लघु उद्योगों की स्थापना के लिए मार्जिन मनी ऋण की सुविधा शुरू की गई थी। इसके तहत जिले में करीब 60 लोगों को लघु उद्योगों की स्थापना के लिए बीस से पचास हजार रुपये तक की रकम ऋण के रूप में दी गई थी। हालांकि मौजूदा समय में यह रकम इतनी बड़ी नहीं है लेकिन, करीब तीस साल पहले इससे लघु व्यापार या उद्योग शुरू करने में काफी सहयोग मिल जाता था। लेकिन, कुछ लोगों ने ही इस लोन की धनराशि जमा की और अधिकतर ऋण लेने वाले लोगों ने इसे जमा नहीं किया। इसके बाद अन्य योजनाएं आनी शुरू हो गईं और उद्योगों के लिए नई व्यवस्था हो गई। जिस कारण इस ऋण की रिकवरी आज भी नहीं हो सकी है। कुछ दिनों पहले विभाग की ओर से रिकवरी के लिए संबंधित फर्म व व्यक्ति के नाम से नोटिस जारी किए गए थे। इन नोटिस के जवाब में कुछ जवाब भी आए लेकिन, यह भी विभाग की निराशा बढ़ाने वाले थे। क्योंकि इन जवाबों में कहा गया कि ऋण लेने वाले व्यक्ति की मौत हो चुकी है। करीब छह लोगों का इस प्रकार का जवाब आया है तो कुछ उद्योगों के ही बंद होने की सूचना मिली है। जिसके बाद अब विभाग इस ऋण बकाया वसूली के लिए राजस्व कर्मियों के माध्यम से आरसी जारी कर वसूली की तैयारी में है।
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-मार्जिन मनी के रूप में कुछ धनराशि करीब साठ लोगों को दी गई थी। इसका करीब बीस लाख रुपया बकाया है। रिकवरी के लिए नोटिस जारी किए गए थे, जिसमें कुछ के जवाब में ऋण लेने वाले व्यक्ति के निधन होने की बात कही गई तो कई ने जवाब ही नहीं दिया। अब राजस्व विभाग के माध्यम से आरसी जारी करवाकर वसूली की जाएगी। -एसके शर्मा, जीएम-डीआईसी
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