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चलती बस की प्रेशर पाइप लीक, हादसा टला
Updated Wed, 20 Sep 2017 10:40 PM IST
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ठियोग (रामपुर बुशहर)।
नेरवा से शिमला आ रही एचआरटीसी की बस ठियोग से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर जैस में मंगलवार देर शाम करीब 7.30 बजे खराब हो गई। चलती बस की प्रेशर पाइप अचानक लीक हो गई। हालांकि चढ़ाई पर चालक ने अपनी सूझबूझ से बस को किसी तरह नियंत्रित कर दिया। ऐसे में एक बड़ा हादसा होने से बच गया। गनीमत रही कि बस में सवार करीब 30 लोगों को नुकसान नहीं हुआ। एक तो बस खराब ऊपर से अंधेरा हो रहा था। ऐसे में गंतव्य तक पहुंचने के लिए लोगों को काफी परेशानी हुई।
बस में सवार हिरा सिंह ने बताया कि वह देहा से शिमला जा रहे थे। लेकिन रास्ते में खराब हुई बस ने परेशानी में डाल दिया। गोद में एक बच्चा और साथ में छोटी बच्ची को लिए एक महिला ने फोन पर रोते हुए बस खराब होने की बात बताई। उसे चिंता सता रही थी कि बस खराब हो गई है। अब शिमला कैसे पहुंचेगी।बस में दो मरीज भी इलाज के लिए जा रहे थे। मरीज के साथ आए परिजनों ने बताया कि आज समय पर अस्पताल पहुंचना था। दिल्ली रूट पर चल चुकी बसों को समय पूरा होने के बाद परिवहन निगम जिला शिमला के कई रूटों पर दौड़ा रहा है। जिस बस को इस रूट पर दौड़ाया जा रहा है, वह अपने जीवन का आठ लाख किलोमीटर सफर पूरा कर चुकी है। ऐसे में यह बसें कभी भी हादसे का कारण भी बन सकती है। हालांकि चालक-परिचालक ने यात्रियों को अन्य बसों से शिमला तक पहुंचाया।
जुगाड़ करो सवारियों को भेजो : आरएम
तारादेवी डिपो के आरएम ने चालक से कहा कि मैकेनिक है या नहीं। साथ ही उन्होंने चालक से कहा कि कोई जुगाड़ लगाओ और सवारियों को भेजो।
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नेरवा से शिमला आ रही एचआरटीसी की बस ठियोग से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर जैस में मंगलवार देर शाम करीब 7.30 बजे खराब हो गई। चलती बस की प्रेशर पाइप अचानक लीक हो गई। हालांकि चढ़ाई पर चालक ने अपनी सूझबूझ से बस को किसी तरह नियंत्रित कर दिया। ऐसे में एक बड़ा हादसा होने से बच गया। गनीमत रही कि बस में सवार करीब 30 लोगों को नुकसान नहीं हुआ। एक तो बस खराब ऊपर से अंधेरा हो रहा था। ऐसे में गंतव्य तक पहुंचने के लिए लोगों को काफी परेशानी हुई।
बस में सवार हिरा सिंह ने बताया कि वह देहा से शिमला जा रहे थे। लेकिन रास्ते में खराब हुई बस ने परेशानी में डाल दिया। गोद में एक बच्चा और साथ में छोटी बच्ची को लिए एक महिला ने फोन पर रोते हुए बस खराब होने की बात बताई। उसे चिंता सता रही थी कि बस खराब हो गई है। अब शिमला कैसे पहुंचेगी।बस में दो मरीज भी इलाज के लिए जा रहे थे। मरीज के साथ आए परिजनों ने बताया कि आज समय पर अस्पताल पहुंचना था। दिल्ली रूट पर चल चुकी बसों को समय पूरा होने के बाद परिवहन निगम जिला शिमला के कई रूटों पर दौड़ा रहा है। जिस बस को इस रूट पर दौड़ाया जा रहा है, वह अपने जीवन का आठ लाख किलोमीटर सफर पूरा कर चुकी है। ऐसे में यह बसें कभी भी हादसे का कारण भी बन सकती है। हालांकि चालक-परिचालक ने यात्रियों को अन्य बसों से शिमला तक पहुंचाया।
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जुगाड़ करो सवारियों को भेजो : आरएम
तारादेवी डिपो के आरएम ने चालक से कहा कि मैकेनिक है या नहीं। साथ ही उन्होंने चालक से कहा कि कोई जुगाड़ लगाओ और सवारियों को भेजो।