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रेल कोच फैक्ट्री में कर्मचारियों का प्रदर्शन
रायबरेली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2015 12:19 AM IST
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लालगंज में रेल कोच कारखाने के कर्मचारियों का गुस्सा गुरुवार को उस समय फूट पड़ा, जब उनकी मांगें नहीं मानी गईं। कर्मचारियों ने रेल कोच फैक्ट्री मेंस कांग्रेस के बैनर तले मुख्य गेट पर नारेबाजी की।
कर्मचारियों ने कहा कि अधिकारियों के मनमाने रवैए को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनरल सेकेट्री नैब सिंह ने कहा कि कर्मचारियों को मिलने वाली तीन एडवांस इंक्रीमेंट के साथ छेड़छाड़ की जा रही है।
कैडर रीस्ट्रक्चरिंग को लागू नहीं किया जा रहा है। भीषण गर्मी में फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए न तो कूलर का इंतजाम किया गया है और न ही ठंडे पानी का। नो लॉस नो प्रॉफिट वाली कैंटीन ठेकेदारों को सौंपी जा रही है।
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कार्यकारी अध्यक्ष मनोज ओझा ने कहा कि अस्पताल में इंडोर और लैब की कोई व्यवस्था नहीं कराई गई है। दो साल पूरा कर चुके कर्मचारियों को प्रमोशन से वंचित रखा जा रहा है।
फर्निशिंग प्रोग्रेस, बोगी प्रोग्रेस और शेल प्रोग्रेस के कर्मचारियों पर दबाव बनाकर और सुरक्षा उपकरण न देकर काम कराया जा रहा है। यही नहीं बच्चों के लिए स्कूल बस तक का प्रबंध नहीं किया गया है।
पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारी शांतिपूर्ण ढंग से अरसे से समस्याएं निपटाने की मांग कर रहे थे, लेकिन कर्मचारियों को मजबूर होकर धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा। इस मौके पर आशीष, मिथलेश, जीपी सिंह, सरोज सिंह, मनोज, संजय, राजीव, अरविन्द, श्याम सुंदर, पुरूषोत्तम सिंह मौजूद रहे।
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कर्मचारियों ने कहा कि अधिकारियों के मनमाने रवैए को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनरल सेकेट्री नैब सिंह ने कहा कि कर्मचारियों को मिलने वाली तीन एडवांस इंक्रीमेंट के साथ छेड़छाड़ की जा रही है।
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कैडर रीस्ट्रक्चरिंग को लागू नहीं किया जा रहा है। भीषण गर्मी में फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए न तो कूलर का इंतजाम किया गया है और न ही ठंडे पानी का। नो लॉस नो प्रॉफिट वाली कैंटीन ठेकेदारों को सौंपी जा रही है।
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कार्यकारी अध्यक्ष मनोज ओझा ने कहा कि अस्पताल में इंडोर और लैब की कोई व्यवस्था नहीं कराई गई है। दो साल पूरा कर चुके कर्मचारियों को प्रमोशन से वंचित रखा जा रहा है।
फर्निशिंग प्रोग्रेस, बोगी प्रोग्रेस और शेल प्रोग्रेस के कर्मचारियों पर दबाव बनाकर और सुरक्षा उपकरण न देकर काम कराया जा रहा है। यही नहीं बच्चों के लिए स्कूल बस तक का प्रबंध नहीं किया गया है।
पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारी शांतिपूर्ण ढंग से अरसे से समस्याएं निपटाने की मांग कर रहे थे, लेकिन कर्मचारियों को मजबूर होकर धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा। इस मौके पर आशीष, मिथलेश, जीपी सिंह, सरोज सिंह, मनोज, संजय, राजीव, अरविन्द, श्याम सुंदर, पुरूषोत्तम सिंह मौजूद रहे।