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Raebareli News: राजगीर मिस्त्री ने आखिर क्यों की पंचायत मित्र की हत्या

Sun, 21 Dec 2025 01:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Sun, 21 Dec 2025 01:53 AM IST
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Why did Rajgir Mistry murder the Panchayat friend
लालगंज में सीमा की मौत के बाद मासूम बच्चों को ढांढस बंधाते पारिवारीजन व अन्य।
लालगंज। पंचायत मित्र सीमा की हत्या व राजगीर राम सुमेर की मौत से गांव में सन्नाटा है। ग्रामीणों के अनुसार राम सुमरे व पंचायत मित्र के बीच नजदीकी काफी समय से थी। पंचायत तक बात पहुंची, लेकिन राम सुमेर के कदम नहीं रुके। वह अक्सर सीमा के घर पहुंच जाता था। अब सवाल यह है कि जब दोनों में इतनी नजदीकी थी, तो फिर किस कारण से सीमा की निर्मम हत्या की। दोनों में तकरार किस बात पर हुई।
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आखिर क्या मामला था जो राम सुमेर सीमा की हत्या के लिए मजबूर हुआ। ये सवाल पुलिस के लिए भी पहेली बने हैं। यही कारण है कि पुलिस ने हत्या के कारणों का खुलासा नहीं किया है। जांच को पुख्ता करने के लिए स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) की भी मदद ली है। ग्रामीणों के मुताबिक पंचायत मित्र और राम सुमेर के बीच कई वर्षों से नजदीकी थी।
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इसके बाद आखिर ऐसा क्या हुआ कि राम सुमेर ने सीमा की हत्या कर दी, वह भी निर्मम तरीके से। ग्रामीणों के अनुसार पंचायत मित्र का पति पुणे में रहकर नौकरी करता है। करीब एक माह पहले ही वह काम के लिए बाहर गया था। इस बीच राम सुमेर का सीमा के घर आना-जाना बढ़ गया था।
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घटना से संतोष कुमारी का बुरा हाल
राम सुमेर की पत्नी संतोष कुमारी पति की हरकतों से परेशान थीं। उन्होंने बताया कि पति अक्सर मारपीट करते थे। वह घर और परिवार की परवाह नहीं करते थे। कई-कई दिनों तक घर से गायब रहते थे। सीमा की हत्या के बाद पति की ओर से आत्महत्या की जानकारी पर उनका रो रोकर बुरा हाल हो गया। संतोष कुमारी ने बताया कि इस घटना ने उनके तीन बेटों रितेश, अमितेश और आयुष का जीवन बर्बाद कर दिया। अमितेश हाल ही में अग्निवीर में भर्ती हुआ है।


मां का शव देखकर रो पड़े बच्चे
सीमा की हत्या से उनके तीन मासूम बच्चों की दुनिया उजड़ गई है। मां का शव देखकर दो बेटे और एक बेटी का बुरा हाल रहा। तीनों के आंसू नहीं थम रह। ग्रामीणों के अनुसार सीमा ही घर की पूरी जिम्मेदारी संभालती थीं। पंचायत मित्र के मानदेय से परिवार चलता था। अब बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। बड़ा बेटा विराट (12) बार-बार मां को पुकारता रहा। छोटा बेटा वीरू (6) और बेटी काव्या (7) सहमे रहे। डबडबाई आंखों से वह बार-बार मां को याद करते रहे।
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