{"_id":"6aa84d1842d62753790fcf1f","slug":"whoever-went-to-shiva-had-their-wish-fulfilled-raebareli-news-c-101-1-rai1002-167462-2026-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raebareli News: शिव के पास जो भी गया... पूरी हुई मनोकामना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raebareli News: शिव के पास जो भी गया... पूरी हुई मनोकामना
Tue, 15 Sep 2026 01:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Tue, 15 Sep 2026 01:08 AM IST
विज्ञापन
चड़रई टोल प्लाजा के पास चल रही श्री शिव महापुराण कथा।
ऊंचाहार। चड़रई टोल प्लाजा के पास चल रही श्री शिव महापुराण कथा में सोमवार को कथा प्रवाचक पं. प्रदीप मिश्र ने हरितालिका तीज व्रत के महत्व का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि 33 कोटि देवी देवताओं में भगवान शिव ही क्रोध में जवाब नहीं देते हैं। माता पार्वती ने भूखे रहकर शिव की भक्ति की और शिव उन्हें मिल गए। शिव के पास जो भी गया, उसकी मनोकामना पूर्ण हुई।
कथा शुरू होने से पहले आयोजक व खाद्य एवं रसद व नागरिक आपूर्ति मंत्री डाॅ. मनोज कुमार पांडेय व उनकी धर्मपत्नी नीलम पांडेय ने परिवार समेत व्यास पीठ की पूजा की। शिव महापुराण कथा सुनाते हुए प्रवाचक प्रदीप मिश्र ने बताया कि जब कोई प्रश्न करे तो उसका जवाब शांतिपूर्ण तरीके से देना चाहिए। सभी देवी देवताओं में भगवान शिव ही ऐसे हैं जो क्रोध में जवाब नहीं देते हैं। वह सदैव पत्नी का स्थान ऊपर रखते हैं।
भगवान शिव का कोई दुश्मन नही है। रावण, ताड़कासुर, कंस सबके दुश्मन थे लेकिन शिव के नहीं। कारण, शिव के पास जो भी गया, उसकी मनोकामना पूर्ण की। भगवान का सच्चा भक्त वही, जिसके मन में किस के प्रति नफरत नहीं है। कथा प्रवाचक ने कहा कि हिमालयराज ने अपनी बेटी पार्वती व दामाद शंकर को निमंत्रण दिया।
विज्ञापन
माता पार्वती ने भगवान से शृंगार करने को कहा तो उन्होंने शृंगार करने से मना कर दिया। कहा, आपने कर लिया तो समझो हमने कर लिया। माता पार्वती ने जब शिव से कहा कि पुरुष जब ससुराल जाता है तो साफ-सफाई के साथ सज्जा की जाती है, लेकिन स्त्री जब अपनी ससुराल आती है तो बर्तन भी झूठे लाकर रख दिये जाते हैं। यह प्रसंग सुन महिलाएं भाव विभोर हो गईं।
कथा प्रवाचक ने बताया कि भोलेनाथ ने मां पार्वती की जिज्ञासा काे शांत करते हुए बताया कि ईश्वर ने नारी को धैर्य, समर्पण, विश्वास, प्रबलता, सहनशीलता दी है। नारी जब बेटे को जन्म देती है तो उसकी आयु घट जाती है, लेकिन जब लड़की को जन्म देती है तो उम्र बढ़ जाती है। एक पुरुष जब जल चढ़ाता है तो फल सिर्फ उसके परिवार को मिलता है, लेकिन स्त्री जलाभिषेक करती है तो उसका फल ससुराल व मायके दोनों को मिलता है। स्त्री कभी अपने लिए कुछ नहीं मांगती, वह अपनों के लिए मांगती हैं।
कथा प्रवाचक ने बेटियों को शिक्षित करने का आह्वान किया। कहा, बेटियों को दहेज मत दो, लेकिन उनका कन्यादान करने से पहले अच्छी शिक्षा जरूर दो। उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई भी सिंहासन आपकी पहुंच से दूर नहीं है, बस आपको ईमानदारी के साथ मेहनत करने की जरूरत है।
विज्ञापन
कथा शुरू होने से पहले आयोजक व खाद्य एवं रसद व नागरिक आपूर्ति मंत्री डाॅ. मनोज कुमार पांडेय व उनकी धर्मपत्नी नीलम पांडेय ने परिवार समेत व्यास पीठ की पूजा की। शिव महापुराण कथा सुनाते हुए प्रवाचक प्रदीप मिश्र ने बताया कि जब कोई प्रश्न करे तो उसका जवाब शांतिपूर्ण तरीके से देना चाहिए। सभी देवी देवताओं में भगवान शिव ही ऐसे हैं जो क्रोध में जवाब नहीं देते हैं। वह सदैव पत्नी का स्थान ऊपर रखते हैं।
विज्ञापन
भगवान शिव का कोई दुश्मन नही है। रावण, ताड़कासुर, कंस सबके दुश्मन थे लेकिन शिव के नहीं। कारण, शिव के पास जो भी गया, उसकी मनोकामना पूर्ण की। भगवान का सच्चा भक्त वही, जिसके मन में किस के प्रति नफरत नहीं है। कथा प्रवाचक ने कहा कि हिमालयराज ने अपनी बेटी पार्वती व दामाद शंकर को निमंत्रण दिया।
विज्ञापन
माता पार्वती ने भगवान से शृंगार करने को कहा तो उन्होंने शृंगार करने से मना कर दिया। कहा, आपने कर लिया तो समझो हमने कर लिया। माता पार्वती ने जब शिव से कहा कि पुरुष जब ससुराल जाता है तो साफ-सफाई के साथ सज्जा की जाती है, लेकिन स्त्री जब अपनी ससुराल आती है तो बर्तन भी झूठे लाकर रख दिये जाते हैं। यह प्रसंग सुन महिलाएं भाव विभोर हो गईं।
कथा प्रवाचक ने बताया कि भोलेनाथ ने मां पार्वती की जिज्ञासा काे शांत करते हुए बताया कि ईश्वर ने नारी को धैर्य, समर्पण, विश्वास, प्रबलता, सहनशीलता दी है। नारी जब बेटे को जन्म देती है तो उसकी आयु घट जाती है, लेकिन जब लड़की को जन्म देती है तो उम्र बढ़ जाती है। एक पुरुष जब जल चढ़ाता है तो फल सिर्फ उसके परिवार को मिलता है, लेकिन स्त्री जलाभिषेक करती है तो उसका फल ससुराल व मायके दोनों को मिलता है। स्त्री कभी अपने लिए कुछ नहीं मांगती, वह अपनों के लिए मांगती हैं।
कथा प्रवाचक ने बेटियों को शिक्षित करने का आह्वान किया। कहा, बेटियों को दहेज मत दो, लेकिन उनका कन्यादान करने से पहले अच्छी शिक्षा जरूर दो। उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई भी सिंहासन आपकी पहुंच से दूर नहीं है, बस आपको ईमानदारी के साथ मेहनत करने की जरूरत है।