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पांच हजार तालाबों में उड़ रही धूल, पशु-पक्षियों को नहीं बुझ पा रही प्यास
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रायबरेली। जिले के पांच हजार सरकारी तालाबों में धूल उड़ रही है। यह हाल तब है, जब अप्रैल में गर्मी अपने शबाब पर है। तालाबों में पानी न भरवाए से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है, वहीं पशु-पक्षियों की प्यास भी नहीं बुझ रही है।
शासन के निर्देश पर भी जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी तालाबों में पानी भरवाने को लेकर गंभीर नहीं हैं। गांवों में तालाब खुदवाने का मकसद था कि बारिश का पानी तालाबों में जाएगा। जिससे पशु-पक्षियों की प्यास भी बुझ सकेगी। मौजूदा समय की बात करें तो जिले के पांच हजार तालाब सूखे होने से गर्मी में पशु-पक्षियों की प्यास नहीं बुझ रही है।
जगतपुर प्रतिनिधि के मुताबिक ब्लॉक क्षेत्र के पूरे चौरिहन मजरे कल्यानपुर सुरजई, धोबहा गांव स्थित तालाब सूखा पड़ा है। ऊंचाहार प्रतिनिधि के मुताबिक ब्लॉक क्षेत्र में सरकारी तालाबों धूल उड़ रही है। सवैया राजे, ऊंचाहार समेत अन्य गांवों के तालाब में पानी न होने से लोगों में नाराजगी है।
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गदागंज प्रतिनिधि के मुताबिक ब्लॉक क्षेत्र में भी तालाबों में पानी भरवाने में लापरवाही बरती जा रही है। दीनशाहगौरा, गदागंज, जलालपुर धई, माधवपुर समेत अन्य गांवों के तालाब में पानी नहीं भराया जा रहा है। इससे गर्मी में पशु-पक्षी बेहाल हैं।
गर्मी से बेहाल लोग
जिले में हर दिन गर्मी बढ़ रही है। तल्ख भरी धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रखा है। सबसे ज्यादा स्कूली बच्चों को हो रही है। सुबह के वक्त तो कुछ मौसम ठंडा रहता है, लेकिन दोपहर के वक्त स्कूल में छुट्टी होने के बाद घर तक पहुंचने में बच्चे परेशान हो जाते हैं। शहर के सुपर मार्केट, जिला अस्पताल, घंटाघर, रेलवे स्टेशन रोड समेत अन्य स्थानों पर दोपहर के वक्त सन्नाटा छा जाता है।
जिले में पांच हजार सरकारी तालाब हैं। वैसे तो तालाब में पानी भरवाने के लिए कोई बजट नहीं आता है, लेकिन सभी ग्राम प्रधानों से तालाबों में पानी भरवाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पशु-पक्षियों को गर्मी में प्यास बुझ सके।
- प्रभाष कुमार, सीडीओ
डीएम की तरफ से तालाबों में पानी भरवाए जाने का आदेश मिला है। जो तालाब माइनर, रजबहा के संपर्क में हैं, उनमें पानी भरवाया जा रहा है। अब तक 300 तालाबों में पानी भरा दिया गया है।
- हेमंत कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग खंड दक्षिणी
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शासन के निर्देश पर भी जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी तालाबों में पानी भरवाने को लेकर गंभीर नहीं हैं। गांवों में तालाब खुदवाने का मकसद था कि बारिश का पानी तालाबों में जाएगा। जिससे पशु-पक्षियों की प्यास भी बुझ सकेगी। मौजूदा समय की बात करें तो जिले के पांच हजार तालाब सूखे होने से गर्मी में पशु-पक्षियों की प्यास नहीं बुझ रही है।
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जगतपुर प्रतिनिधि के मुताबिक ब्लॉक क्षेत्र के पूरे चौरिहन मजरे कल्यानपुर सुरजई, धोबहा गांव स्थित तालाब सूखा पड़ा है। ऊंचाहार प्रतिनिधि के मुताबिक ब्लॉक क्षेत्र में सरकारी तालाबों धूल उड़ रही है। सवैया राजे, ऊंचाहार समेत अन्य गांवों के तालाब में पानी न होने से लोगों में नाराजगी है।
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गदागंज प्रतिनिधि के मुताबिक ब्लॉक क्षेत्र में भी तालाबों में पानी भरवाने में लापरवाही बरती जा रही है। दीनशाहगौरा, गदागंज, जलालपुर धई, माधवपुर समेत अन्य गांवों के तालाब में पानी नहीं भराया जा रहा है। इससे गर्मी में पशु-पक्षी बेहाल हैं।
गर्मी से बेहाल लोग
जिले में हर दिन गर्मी बढ़ रही है। तल्ख भरी धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रखा है। सबसे ज्यादा स्कूली बच्चों को हो रही है। सुबह के वक्त तो कुछ मौसम ठंडा रहता है, लेकिन दोपहर के वक्त स्कूल में छुट्टी होने के बाद घर तक पहुंचने में बच्चे परेशान हो जाते हैं। शहर के सुपर मार्केट, जिला अस्पताल, घंटाघर, रेलवे स्टेशन रोड समेत अन्य स्थानों पर दोपहर के वक्त सन्नाटा छा जाता है।
जिले में पांच हजार सरकारी तालाब हैं। वैसे तो तालाब में पानी भरवाने के लिए कोई बजट नहीं आता है, लेकिन सभी ग्राम प्रधानों से तालाबों में पानी भरवाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पशु-पक्षियों को गर्मी में प्यास बुझ सके।
- प्रभाष कुमार, सीडीओ
डीएम की तरफ से तालाबों में पानी भरवाए जाने का आदेश मिला है। जो तालाब माइनर, रजबहा के संपर्क में हैं, उनमें पानी भरवाया जा रहा है। अब तक 300 तालाबों में पानी भरा दिया गया है।
- हेमंत कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग खंड दक्षिणी