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33 विद्यालयों की मान्यता रद्द करने की चेतावनी
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रायबरेली। माध्यमिक शिक्षा विभाग इन दिनों ऑनलाइन पठन-पाठन को लेकर ज्यादा गंभीर है। इसीलिए 20 मई से शुरू कराए गए ऑनलाइन पठन-पाठन की हर हफ्ते समीक्षा हो रही है। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विद्यालयों से जवाब तलब किया जा रहा है।
इसी कड़ी में जिले के 33 ऐसे विद्यालयों को चिह्नित किया गया है जिन्होंने ऑनलाइन पठन-पाठन की सूचना ही नहीं दी। सोमवार को इन विद्यालयों के प्रबंधकों/प्रधानाचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। साथ ही मान्यता प्रत्याहरण की चेतावनी भी दी गई।
जिले के माध्यमिक विद्यालयों में 20 मई से ऑनलाइन पठन-पाठन की रियल मानीटरिंग कराई जा रही है। इसके लिए नोडल प्रधानाचार्यों के माध्यम से प्रत्येक विद्यालय से ऑनलाइन पठन-पाठन की रिपोर्ट मांगी जा रही है ताकि हर हफ्ते समीक्षा की जा सके। जिन विद्यालयों से सूचना नहीं आती हैं, उन्हें नोटिस जारी किया जाता है। इस बार एक साथ 33 विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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डीआईओएस डॉ. चंद्रशेखर मालवीय ने बताया कि नोडल प्रधानाचार्यों ने अवगत कराया है कि 33 विद्यालयों ने ऑनलाइन पठन-पाठन के संबंध में कोई सूचना नहीं दी और न ही कोई रुचि ली जा रही है। यह स्थिति अत्यंत खेदजनक एवं छात्रहित के विपरीत है।
इसलिए 33 विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। निर्धारित प्रारूप पर सूचना नोडल प्रधानाचार्य को प्राप्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। अन्यथा की स्थिति में मान्यता प्रत्याहरण की कार्यवाही की जाएगी।
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इसी कड़ी में जिले के 33 ऐसे विद्यालयों को चिह्नित किया गया है जिन्होंने ऑनलाइन पठन-पाठन की सूचना ही नहीं दी। सोमवार को इन विद्यालयों के प्रबंधकों/प्रधानाचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। साथ ही मान्यता प्रत्याहरण की चेतावनी भी दी गई।
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जिले के माध्यमिक विद्यालयों में 20 मई से ऑनलाइन पठन-पाठन की रियल मानीटरिंग कराई जा रही है। इसके लिए नोडल प्रधानाचार्यों के माध्यम से प्रत्येक विद्यालय से ऑनलाइन पठन-पाठन की रिपोर्ट मांगी जा रही है ताकि हर हफ्ते समीक्षा की जा सके। जिन विद्यालयों से सूचना नहीं आती हैं, उन्हें नोटिस जारी किया जाता है। इस बार एक साथ 33 विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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डीआईओएस डॉ. चंद्रशेखर मालवीय ने बताया कि नोडल प्रधानाचार्यों ने अवगत कराया है कि 33 विद्यालयों ने ऑनलाइन पठन-पाठन के संबंध में कोई सूचना नहीं दी और न ही कोई रुचि ली जा रही है। यह स्थिति अत्यंत खेदजनक एवं छात्रहित के विपरीत है।
इसलिए 33 विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। निर्धारित प्रारूप पर सूचना नोडल प्रधानाचार्य को प्राप्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। अन्यथा की स्थिति में मान्यता प्रत्याहरण की कार्यवाही की जाएगी।