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Raebareli News: बाजार की दवा लिखने वाले पांच डॉक्टरों को चेतावनी
Thu, 05 Jun 2025 12:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Thu, 05 Jun 2025 12:50 AM IST
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रायबरेली। जिला अस्पताल में मरीजों को बाजार की दवाएं लिखने पर डीएम हर्षिता माथुर ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) से रिपोर्ट तलब की है। ऐसे पांच डॉक्टरों को चिह्नित किया गया है। उन्हें अंतिम चेतावनी दी गई है।
लखनऊ, अमेठी व जिले के दवा कारोबारियों से गठजोड़ करके जिला अस्पताल के चिकित्सक हर रोज मरीजों को तीन से पांच लाख रुपये तक की दवाएं बाजार से खरीदवा रहे हैं। सेटिंग वाली दुकानों से दवाओं की बिक्री कराकर चिकित्सक मोटी रकम कमा रहे हैं। अमर उजाला ने सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की ओर से बाजार की दवाएं लिखने के खिलाफ अभियान शुरू किया।
डीएम ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने सीएमएस डॉ. पुष्पेद्र कुमार से बाजार की दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों के संबंध में रिपोर्ट तलब की है। सूत्र बताते हैं कि डीएम ने दवाओं की परची लिखने वाले डॉक्टरों के नाम भी मांगे हैं। इसमें कई को नोटिस दिया गया है। सभी को अंतिम चेतावनी दी गई कि मरीजों को अस्पताल से ही दवाएं दें। ऐसा न करने पर कार्रवाई होगी।
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कुछ दिन शांत रहो, मामला गर्म है...
शिक्षा के क्षेत्र में नौकरी करने के साथ ही दवा के कारोबार से जुड़े शिक्षक को जिला अस्पताल के कुछ चिकित्सकों ने कुछ दिन शांत रहने की सलाह दी है। बुधवार को शिक्षक मेडिसिन विभाग के एक चिकित्सक के आवास पर पहुंचा तो चिकित्सक ने उससे साफ कह दिया कि मामला बहुत गर्म है। कुछ दिन शांत रहो। इस समय दवा लिखेंगे तो कार्रवाई हो जाएगी।
बाजार से दवा लिखने वाले कई डॉक्टरों को चिह्नित किया गया है। कई को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। सभी को अस्पताल की दवाएं मरीजों को देने के आदेश दिए गए हैं। डीएम को जवाब भेजा जा रहा है।
- डॉ. पुष्पेंद्र कुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल
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लखनऊ, अमेठी व जिले के दवा कारोबारियों से गठजोड़ करके जिला अस्पताल के चिकित्सक हर रोज मरीजों को तीन से पांच लाख रुपये तक की दवाएं बाजार से खरीदवा रहे हैं। सेटिंग वाली दुकानों से दवाओं की बिक्री कराकर चिकित्सक मोटी रकम कमा रहे हैं। अमर उजाला ने सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की ओर से बाजार की दवाएं लिखने के खिलाफ अभियान शुरू किया।
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डीएम ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने सीएमएस डॉ. पुष्पेद्र कुमार से बाजार की दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों के संबंध में रिपोर्ट तलब की है। सूत्र बताते हैं कि डीएम ने दवाओं की परची लिखने वाले डॉक्टरों के नाम भी मांगे हैं। इसमें कई को नोटिस दिया गया है। सभी को अंतिम चेतावनी दी गई कि मरीजों को अस्पताल से ही दवाएं दें। ऐसा न करने पर कार्रवाई होगी।
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कुछ दिन शांत रहो, मामला गर्म है...
शिक्षा के क्षेत्र में नौकरी करने के साथ ही दवा के कारोबार से जुड़े शिक्षक को जिला अस्पताल के कुछ चिकित्सकों ने कुछ दिन शांत रहने की सलाह दी है। बुधवार को शिक्षक मेडिसिन विभाग के एक चिकित्सक के आवास पर पहुंचा तो चिकित्सक ने उससे साफ कह दिया कि मामला बहुत गर्म है। कुछ दिन शांत रहो। इस समय दवा लिखेंगे तो कार्रवाई हो जाएगी।
बाजार से दवा लिखने वाले कई डॉक्टरों को चिह्नित किया गया है। कई को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। सभी को अस्पताल की दवाएं मरीजों को देने के आदेश दिए गए हैं। डीएम को जवाब भेजा जा रहा है।
- डॉ. पुष्पेंद्र कुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल