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Raebareli News: ढाई साल से डिजिटल लाइब्रेरी का इंतजार
Mon, 09 Mar 2026 12:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Mon, 09 Mar 2026 12:48 AM IST
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रायबरेली। अत्याधुनिक डिजिटल पुस्तकालय का सपना पूरा होता नहीं दिख रहा है। करीब ढाई साल से डिजिटल लाइब्रेरी का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है। स्थल चिन्हित होने के साथ ही कार्यदायी संस्था नामित हो चुकी है। मिट्टी के नमूने भी लिए जा चुके हैं। इसके बाद से बजट का इंतजार किया जा रहा है।
जिले में अत्याधुनिक डिजिटल पुस्तकालय के संबंध में करीब ढाई साल पहले प्रक्रिया शुरू हुई थी। अक्तूबर 2023 में शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) ने अत्याधुनिक डिजिटल पुस्तकालय की स्थापना के लिए 1000 वर्ग मीटर निशुल्क भूमि चिन्हित करने को कहा था। इस पर दिसंबर 2023 में तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक ओमकार राणा ने भूमि चिन्हित कर निदेशक को प्रस्ताव भेजा। इसमें बताया गया था कि डीआईओएस कार्यालय के बगल में पुराना बालिका कॉलेज है, जो जर्जर और निष्प्रयोज्य है। इसे ढहाकर अत्याधुनिक डिजिटल पुस्तकालय बनाया जा सकता है।
जमीन चिन्हित होने के बाद जून 2024 में शासन से डिजिटल पुस्तकालय की स्थापना के लिए कंसट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) को कार्यदायी संस्था नामित कर दिया गया था। कार्यदायी संस्था ने जमीन का परीक्षण करा लिया था, लेकिन इसके बाद से प्रक्रिया रुकी हुई है। बताया गया था कि बजट नहीं मिल पाया है। समग्र शिक्षा-माध्यमिक के जिला समन्वयक इरफान अहमद ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी के लिए बजट नहीं मिला है। इसीलिए प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है। जमीन का परीक्षण करने के लिए मिट्टी के नमूने लिए जाने के बाद से प्रक्रिया लटकी है।
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जिले में अत्याधुनिक डिजिटल पुस्तकालय के संबंध में करीब ढाई साल पहले प्रक्रिया शुरू हुई थी। अक्तूबर 2023 में शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) ने अत्याधुनिक डिजिटल पुस्तकालय की स्थापना के लिए 1000 वर्ग मीटर निशुल्क भूमि चिन्हित करने को कहा था। इस पर दिसंबर 2023 में तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक ओमकार राणा ने भूमि चिन्हित कर निदेशक को प्रस्ताव भेजा। इसमें बताया गया था कि डीआईओएस कार्यालय के बगल में पुराना बालिका कॉलेज है, जो जर्जर और निष्प्रयोज्य है। इसे ढहाकर अत्याधुनिक डिजिटल पुस्तकालय बनाया जा सकता है।
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जमीन चिन्हित होने के बाद जून 2024 में शासन से डिजिटल पुस्तकालय की स्थापना के लिए कंसट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) को कार्यदायी संस्था नामित कर दिया गया था। कार्यदायी संस्था ने जमीन का परीक्षण करा लिया था, लेकिन इसके बाद से प्रक्रिया रुकी हुई है। बताया गया था कि बजट नहीं मिल पाया है। समग्र शिक्षा-माध्यमिक के जिला समन्वयक इरफान अहमद ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी के लिए बजट नहीं मिला है। इसीलिए प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है। जमीन का परीक्षण करने के लिए मिट्टी के नमूने लिए जाने के बाद से प्रक्रिया लटकी है।
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