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युवाओं में बढ़ रहा वोटिंग का क्रेज
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 25 Jan 2016 12:02 AM IST
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जिले में साल-दर-साल मतदान का प्रतिशत बढ़ रहा हैं। इसमें युवाओं की भागीदारी अधिक होती है। पहले चुनावों में मतदान फीसदी कम होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। युवाओं के साथ हर किसी में मताधिकार करने का जज्बा है।
लोकसभा चुनाव हो या फिर विधानसभा चुनाव सभी में वोटरों की लाइनें देखती ही बनती हैं। हालांकि ये देखा गया है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव की अपेक्षा पंचायत चुनाव में अधिक मतदान प्रतिशत होता है।
युवाओं के साथ-साथ पुरुष और महिला वोटरों की अधिक भागीदारी ही मतदान प्रतिशत बढ़ रही है। इसी के तहत भारत निर्वाचन आयोग 25 जनवरी को छठवें राष्ट्रीय मतदाता दिवस का आयोजन कर रहा है।
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इसको लेकर जिले में भी तैयारियां चल रही हैं, ताकि मतदान को लेकर लोगों को और जागरूक किया जा सके। युवा वोटर उज्ज्वल मिश्रा, डॉ. कमलेश कुमार, संदीप कुमार का कहना है कि मताधिकार का प्रयोग हर किसी को करना चाहिए।
इससे अच्छे जनप्रतिनिधि चुनकर आएंगे, जो देश, जिले और गांव का विकास कराएगा। विकास होने पर लोगों की समस्याएं दूर होंगी। जब भी कोई चुनाव हो, उसमें बड़ी तादाद में भागीदारी करनी चाहिए।
महिला युवा वोटर मीना देवी, पारुल श्रीवास्तव, गिरिशा अवस्थी, रश्मिी देवी का कहना है कि वोट डालने से कतई पीछे नहीं रहना चाहिए। हर चुनाव पांच साल बाद होता है। इतने साल बाद वोट डालना का मौका मिलता है।
इसलिए मतदान से पीछे नहीं हटना चाहिए। यही हमारा असली हथियार है। हमें इसकी ताकत पहचाननी होगी। बुजुर्ग वोटर रामकली कहती हैं कि लोकसभा और विधानसभा की अपेक्षा पंचायत चुनाव में मतदान फीसदी अधिक होता है।
यह चुनाव गांव के विकास से सीधे निर्भर होता है। लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं को दूर कराना होता है। पंचायत चुनाव से लोगों का लगाव भी अधिक रहता है।
हालांकि पहले की अपेक्षा अब हर चुनाव में मतदान फीसदी बढ़ रहा है। जागरूकता के चलते भी मतदान फीसदी बढ़ना मुख्य वजह है।
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लोकसभा चुनाव हो या फिर विधानसभा चुनाव सभी में वोटरों की लाइनें देखती ही बनती हैं। हालांकि ये देखा गया है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव की अपेक्षा पंचायत चुनाव में अधिक मतदान प्रतिशत होता है।
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युवाओं के साथ-साथ पुरुष और महिला वोटरों की अधिक भागीदारी ही मतदान प्रतिशत बढ़ रही है। इसी के तहत भारत निर्वाचन आयोग 25 जनवरी को छठवें राष्ट्रीय मतदाता दिवस का आयोजन कर रहा है।
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इसको लेकर जिले में भी तैयारियां चल रही हैं, ताकि मतदान को लेकर लोगों को और जागरूक किया जा सके। युवा वोटर उज्ज्वल मिश्रा, डॉ. कमलेश कुमार, संदीप कुमार का कहना है कि मताधिकार का प्रयोग हर किसी को करना चाहिए।
इससे अच्छे जनप्रतिनिधि चुनकर आएंगे, जो देश, जिले और गांव का विकास कराएगा। विकास होने पर लोगों की समस्याएं दूर होंगी। जब भी कोई चुनाव हो, उसमें बड़ी तादाद में भागीदारी करनी चाहिए।
महिला युवा वोटर मीना देवी, पारुल श्रीवास्तव, गिरिशा अवस्थी, रश्मिी देवी का कहना है कि वोट डालने से कतई पीछे नहीं रहना चाहिए। हर चुनाव पांच साल बाद होता है। इतने साल बाद वोट डालना का मौका मिलता है।
इसलिए मतदान से पीछे नहीं हटना चाहिए। यही हमारा असली हथियार है। हमें इसकी ताकत पहचाननी होगी। बुजुर्ग वोटर रामकली कहती हैं कि लोकसभा और विधानसभा की अपेक्षा पंचायत चुनाव में मतदान फीसदी अधिक होता है।
यह चुनाव गांव के विकास से सीधे निर्भर होता है। लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं को दूर कराना होता है। पंचायत चुनाव से लोगों का लगाव भी अधिक रहता है।
हालांकि पहले की अपेक्षा अब हर चुनाव में मतदान फीसदी बढ़ रहा है। जागरूकता के चलते भी मतदान फीसदी बढ़ना मुख्य वजह है।