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टीका ही बचाएगा, फिर भी बछरावां में वैक्सीन लगवाने से कतरा रहे लोग
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बछरावां (रायबरेली)। कोरोना से बचाने के लिए शुरू कराया गया टीकाकरण अभियान स्वास्थ्य विभाग के दावे की पोल खोल रहा है। लोगों में भ्रम और जागरूकता की कमी से लोग टीका लगवाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।
‘अमर उजाला’ ने रविवार को बछरावां क्षेत्र के सेंहगों पश्चिम, इचौली और विशुनपुर गांवों में पहुंचकर टीकाकरण अभियान की पड़ताल की तो सब कुछ कागजों तक सीमित नजर आया।
हर व्यक्ति तक टीका लगवाने का सपना तार-तार हो रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दो लाख की आबादी वाले बछरावां क्षेत्र में साढ़े चार माह में सिर्फ 10,350 टीकाकरण ही हो सके हैं।
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अभी तक कुल आबादी का सिर्फ पांच प्रतिशत ही टीकाकरण हो पाने से कोरोना टीकाकरण अभियान धड़ाम होता नजर आ रहा है। कोरोना टीकाकरण अभियान में स्थानीय प्रशासन सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाकर उच्चाधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर गुमराह करने का काम कर रहा है।
गांव में स्वास्थ्य टीम के न पहुंचने से ग्रामीणों में कोरोना टीकाकरण को लेकर आए दिन नई-नई गलतफहमियां उत्पन्न हो रही हैं। इसको लेकर लोगों में नाराजगी भी है।
आंकड़ों पर एक नजर
गांव का नाम सेंहगों पश्चिम
कुल आबादी 8214 है। इतनी बड़ी
टीकाकरण के लिए एएनएम सेंटर है
कितना हुआ 698 टीकाकरण
पुरुष 547
महिला 251
45 वर्ष की उम्र पार कर चुके लोगों को लगाया गया टीका।
................
गांव का नाम इचौली
कुल आबादी 11893
टीकाकरण के लिए एएनएम सेंटर है
कितना हुआ 253 टीकाकरण
पुरुष 174
महिला 79
................
गांव का नाम बिशुनपुर
आबादी 21473
टीकाकरण के लिए एएनएम सेंटर है
कितना हुआ 1100
पुरुष 700
महिला 400
...............
टीका लगवाकर बचाएं खुद की जान
बिशुनपुर ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान अरुण नारायण, सेहगों पश्चिम गांव के ग्राम प्रधान दीपक कुमार, इचौली की प्रधान सुशीला सिंह का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र में लोगों के अंदर कई तरह का भय बना हुआ है।
लोगों का मानना है कि बुखार, सिर दर्द, कमजोरी जैसी कई बीमारियां टीकाकरण के बाद उत्पन्न हो जाती हैं। टीकाकरण से कई मौतों का मामला प्रकाश में आने के कारण लोगों के अंदर मौत का भी भय पैदा हो गया है।
ग्रामीणों के अंदर पैदा हुए इस डर को जागरूकता कार्यक्रम के तहत सरकारी अमला ही दूर कर सकता है, क्योंकि ग्रामीण स्थानीय लोगों की बातों को सुनकर भी अनसुना कर देते हैं। हम सभी लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं कि वह कोरोना से बचने के लिए टीका जरूर लगवाएं।
कोरोना टीकाकरण जागरूकता के लिए एवं टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने के लिए आशा बहुएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्र्ता, कोटेदार एवं ग्राम प्रधानों को लगाया गया है। यह लोग गांव-गांव पहुंचकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं और बता रहे हैं कि टीका जरूर लगवाएं। टीका लगवाने से कोरोना से बचाव हो सकेगा। ब्लॉक क्षेत्र में टीकाकरण का कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
डॉ. एके जैसल, अधीक्षक, बछरावां सीएचसी
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‘अमर उजाला’ ने रविवार को बछरावां क्षेत्र के सेंहगों पश्चिम, इचौली और विशुनपुर गांवों में पहुंचकर टीकाकरण अभियान की पड़ताल की तो सब कुछ कागजों तक सीमित नजर आया।
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हर व्यक्ति तक टीका लगवाने का सपना तार-तार हो रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दो लाख की आबादी वाले बछरावां क्षेत्र में साढ़े चार माह में सिर्फ 10,350 टीकाकरण ही हो सके हैं।
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अभी तक कुल आबादी का सिर्फ पांच प्रतिशत ही टीकाकरण हो पाने से कोरोना टीकाकरण अभियान धड़ाम होता नजर आ रहा है। कोरोना टीकाकरण अभियान में स्थानीय प्रशासन सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाकर उच्चाधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर गुमराह करने का काम कर रहा है।
गांव में स्वास्थ्य टीम के न पहुंचने से ग्रामीणों में कोरोना टीकाकरण को लेकर आए दिन नई-नई गलतफहमियां उत्पन्न हो रही हैं। इसको लेकर लोगों में नाराजगी भी है।
आंकड़ों पर एक नजर
गांव का नाम सेंहगों पश्चिम
कुल आबादी 8214 है। इतनी बड़ी
टीकाकरण के लिए एएनएम सेंटर है
कितना हुआ 698 टीकाकरण
पुरुष 547
महिला 251
45 वर्ष की उम्र पार कर चुके लोगों को लगाया गया टीका।
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गांव का नाम इचौली
कुल आबादी 11893
टीकाकरण के लिए एएनएम सेंटर है
कितना हुआ 253 टीकाकरण
पुरुष 174
महिला 79
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गांव का नाम बिशुनपुर
आबादी 21473
टीकाकरण के लिए एएनएम सेंटर है
कितना हुआ 1100
पुरुष 700
महिला 400
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टीका लगवाकर बचाएं खुद की जान
बिशुनपुर ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान अरुण नारायण, सेहगों पश्चिम गांव के ग्राम प्रधान दीपक कुमार, इचौली की प्रधान सुशीला सिंह का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र में लोगों के अंदर कई तरह का भय बना हुआ है।
लोगों का मानना है कि बुखार, सिर दर्द, कमजोरी जैसी कई बीमारियां टीकाकरण के बाद उत्पन्न हो जाती हैं। टीकाकरण से कई मौतों का मामला प्रकाश में आने के कारण लोगों के अंदर मौत का भी भय पैदा हो गया है।
ग्रामीणों के अंदर पैदा हुए इस डर को जागरूकता कार्यक्रम के तहत सरकारी अमला ही दूर कर सकता है, क्योंकि ग्रामीण स्थानीय लोगों की बातों को सुनकर भी अनसुना कर देते हैं। हम सभी लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं कि वह कोरोना से बचने के लिए टीका जरूर लगवाएं।
कोरोना टीकाकरण जागरूकता के लिए एवं टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने के लिए आशा बहुएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्र्ता, कोटेदार एवं ग्राम प्रधानों को लगाया गया है। यह लोग गांव-गांव पहुंचकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं और बता रहे हैं कि टीका जरूर लगवाएं। टीका लगवाने से कोरोना से बचाव हो सकेगा। ब्लॉक क्षेत्र में टीकाकरण का कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
डॉ. एके जैसल, अधीक्षक, बछरावां सीएचसी