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यूपी बोर्ड परीक्षार्थियों को केंद्र का पता नहीं
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 28 Jan 2016 11:52 PM IST
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा-2016 की तैयारियां पूरी नहीं हो पा रही हैं। यूपी बोर्ड से रिपोर्ट और जरूरी कागजात न आने के कारण समस्या बनी हुई है। यहां तक कि किस परीक्षार्थी को किस परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देनी होगी। इसकी जानकारी भी किसी को नहीं मिल पा रही है।
प्रवेशपत्र भी अब तक नहीं आए हैं। बोर्ड परीक्षा को लेकर 30 जनवरी को डीएम की अध्यक्षता में बैठक तय है। बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से शुरू हो रही है। अब तक नामावली और प्रवेश पत्र आ जाने चाहिए थे, लेकिन बोर्ड से यह सूची अब तक नहीं आई है। परीक्षार्थियों के आवंटन के लिए पहले से ही दिशा-निर्देश जारी किए गए थे।
उसी के आधार पर परीक्षार्थियों का आवंटन होना है, लेकिन जब तक बोर्ड से सूची नहीं आ रही है तब तक परीक्षार्थियों को आवंटित केंद्रों की जानकारी नहीं मिल रही है। प्रवेश पत्र भी आ जाएं तो भी परीक्षार्थियों को यह जानकारी मिल जाएगी। हालांकि डीआईओएस कार्यालय में केंद्र व्यवस्थापकों की सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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कक्ष निरीक्षकों के परिचयपत्र भी बनाए जा रहे हैं। डीआईओएस कार्यालय के एक मनमाने कर्मचारी के कारण पिछले साल की बोर्ड परीक्षा में परीक्षार्थियों में आवंटन में जमकर मनमानी की गई थी। परीक्षार्थियों को 20 से 30 किलोमीटर दूर के परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देने के लिए भेज दिया गया था।
हालांकि बाद में मामला उजागर होने के बाद डीआईओएस ने संबंधित कर्मचारी को परीक्षा के कार्य से बाहर कर दिया था। इस बार भी संबंधित कर्मचारी ने परीक्षा कार्य में शामिल होने का प्रयास किया, लेकिन उसे सफलता नहीं मिल सकी। वहीं यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र आ गए हैं।
इसमें हाईस्कूल की परीक्षा के लिए 571 पैकेट और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए 720 पैकेट आए हैं। हाईस्कूल में एक परीक्षा केंद्र के प्रश्नपत्र नही आए हैं। डीआईओएस डॉ. विनय मोहन का कहना है कि इस बार परीक्षार्थियों के केंद्र आवंटन में बोर्ड से तय किए गए मानकों को ध्यान में रखकर सूची तैयार की गई है।
सूची को पूर्व में ही बोर्ड को भेज दिया गया था। जल्द ही बोर्ड से नामावली आ जाएगी। प्रवेशपत्र भी आने वाले हैं।अभी तक आए प्रश्नपत्रों को जीआईसी में सुरक्षित रखवाया गया है।
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प्रवेशपत्र भी अब तक नहीं आए हैं। बोर्ड परीक्षा को लेकर 30 जनवरी को डीएम की अध्यक्षता में बैठक तय है। बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से शुरू हो रही है। अब तक नामावली और प्रवेश पत्र आ जाने चाहिए थे, लेकिन बोर्ड से यह सूची अब तक नहीं आई है। परीक्षार्थियों के आवंटन के लिए पहले से ही दिशा-निर्देश जारी किए गए थे।
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उसी के आधार पर परीक्षार्थियों का आवंटन होना है, लेकिन जब तक बोर्ड से सूची नहीं आ रही है तब तक परीक्षार्थियों को आवंटित केंद्रों की जानकारी नहीं मिल रही है। प्रवेश पत्र भी आ जाएं तो भी परीक्षार्थियों को यह जानकारी मिल जाएगी। हालांकि डीआईओएस कार्यालय में केंद्र व्यवस्थापकों की सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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कक्ष निरीक्षकों के परिचयपत्र भी बनाए जा रहे हैं। डीआईओएस कार्यालय के एक मनमाने कर्मचारी के कारण पिछले साल की बोर्ड परीक्षा में परीक्षार्थियों में आवंटन में जमकर मनमानी की गई थी। परीक्षार्थियों को 20 से 30 किलोमीटर दूर के परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देने के लिए भेज दिया गया था।
हालांकि बाद में मामला उजागर होने के बाद डीआईओएस ने संबंधित कर्मचारी को परीक्षा के कार्य से बाहर कर दिया था। इस बार भी संबंधित कर्मचारी ने परीक्षा कार्य में शामिल होने का प्रयास किया, लेकिन उसे सफलता नहीं मिल सकी। वहीं यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र आ गए हैं।
इसमें हाईस्कूल की परीक्षा के लिए 571 पैकेट और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए 720 पैकेट आए हैं। हाईस्कूल में एक परीक्षा केंद्र के प्रश्नपत्र नही आए हैं। डीआईओएस डॉ. विनय मोहन का कहना है कि इस बार परीक्षार्थियों के केंद्र आवंटन में बोर्ड से तय किए गए मानकों को ध्यान में रखकर सूची तैयार की गई है।
सूची को पूर्व में ही बोर्ड को भेज दिया गया था। जल्द ही बोर्ड से नामावली आ जाएगी। प्रवेशपत्र भी आने वाले हैं।अभी तक आए प्रश्नपत्रों को जीआईसी में सुरक्षित रखवाया गया है।