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Raebareli News: डेंगू और एईएस के दो मरीज मिले
Sat, 17 May 2025 01:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sat, 17 May 2025 01:06 AM IST
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रायबरेली में शुक्रवार को एईएस का मरीज मिलने के बाद डलमऊ क्षेत्र के एक गांव में जांच करती स्वास्
रायबरेली। जिले में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) और डेंगू ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। जांच में डेंगू और एईएस के एक-एक नए मरीज मिले हैं। डेंगू के मरीज में चिकनगुनिया की भी पुष्टि हुई है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांवों में पहुंचकर मास कांटेक्ट अभियान के साथ एंटी लार्वा का छिडक़ाव कराया। मरीज के घर के लोगों के साथ आसपास के लोगों की जांच की। दवाओं के वितरण के साथ मच्छरों से बचने के टिप्स दिए। बुखार से पीड़ित मिले मरीजों की जांच के लिए 23 स्लाइड बनाई गई है। जिले के शिवगढ़ क्षेत्र के गुदियागढ़ी निवासी अंकुश (14) पुत्र छेदालाल को मेडिकल कॉलेज लखनऊ में भर्ती कराया गया था। जांच में बच्चे में डेंगू के साथ ही चिकनगुनिया की पुष्टि हुई। इसके अलावा डलमऊ क्षेत्र के कुटिया चौराहा निवासी देविका (8) पुत्री हरिनाथ को जिला अस्पताल में भर्ती कराकर जांच कराई गई। जिला अस्पताल की प्रयोगशाला की रिपोर्ट में देविका एईएस की चपेट में मिली।
प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद मलेरिया निरीक्षक मो. आतिफ समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की टीमों ने गांवों में पहुंचकर लोगों के ब्लड की स्लाइडें बनाकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा। जिला मलेरिया अधिकारी रमेशचंद्र यादव ने बताया कि दोनों मरीज स्वास्थ मिले हैं। परिवार के सदस्य भी स्वस्थ पाए गए। दवा का छिड़काव कराकर दवाओं का वितरण कराया गया है।
चिकनगुनिया के लक्षण और बचाव
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. गौरव त्रिवेदी का कहना है कि चिकनगुनिया मच्छरों के काटने से फैलता है। इसमें बुखार आता है, शरीर पर लाल रेशे और जोड़ों में तेज दर्द होता है। कलाई और बड़े जोड़ों में गठिया जैसे दर्द का अनुभव होता है। दर्द आमतौर पर सुबह ज्यादा रहता है, लेकिन हल्के व्यायाम के साथ कम हो जाता है। नमी और गर्मी से जोड़ों का दर्द और बढ़ सकता है। बर्फ का पैक लगाएं। इससे दर्द एवं सूजन कम होती है।
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इस तरह से करें बचाव
- बाहर से आने पर एकदम फ्रिज आदि में रखे हुए पानी का सेवन न करें।
- भीषण गर्मी में बाहर जाने से बचें और सुबह-शाम में ही कार्य करें।
- फास्ट फूड व चिकनाई युक्त भोजन से बचें।
- पानी में नींबू, नमक व चीनी आदि डालकर सेवन करें।
- बाहर से आने के बाद सीधे एसी व कूलर में न बैठें।
- बीमारी की चपेट में आने पर चिकित्सकों से दवाई लें।
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प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद मलेरिया निरीक्षक मो. आतिफ समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की टीमों ने गांवों में पहुंचकर लोगों के ब्लड की स्लाइडें बनाकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा। जिला मलेरिया अधिकारी रमेशचंद्र यादव ने बताया कि दोनों मरीज स्वास्थ मिले हैं। परिवार के सदस्य भी स्वस्थ पाए गए। दवा का छिड़काव कराकर दवाओं का वितरण कराया गया है।
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चिकनगुनिया के लक्षण और बचाव
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. गौरव त्रिवेदी का कहना है कि चिकनगुनिया मच्छरों के काटने से फैलता है। इसमें बुखार आता है, शरीर पर लाल रेशे और जोड़ों में तेज दर्द होता है। कलाई और बड़े जोड़ों में गठिया जैसे दर्द का अनुभव होता है। दर्द आमतौर पर सुबह ज्यादा रहता है, लेकिन हल्के व्यायाम के साथ कम हो जाता है। नमी और गर्मी से जोड़ों का दर्द और बढ़ सकता है। बर्फ का पैक लगाएं। इससे दर्द एवं सूजन कम होती है।
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इस तरह से करें बचाव
- बाहर से आने पर एकदम फ्रिज आदि में रखे हुए पानी का सेवन न करें।
- भीषण गर्मी में बाहर जाने से बचें और सुबह-शाम में ही कार्य करें।
- फास्ट फूड व चिकनाई युक्त भोजन से बचें।
- पानी में नींबू, नमक व चीनी आदि डालकर सेवन करें।
- बाहर से आने के बाद सीधे एसी व कूलर में न बैठें।
- बीमारी की चपेट में आने पर चिकित्सकों से दवाई लें।