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दो हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा
रायबरेली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 17 Sep 2015 10:29 PM IST
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कोर्ट ने हत्या के मामले में दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं अन्य दो आरोपियों को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया।
यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित कोर्ट संख्या तीन के अपर सत्र न्यायाधीश आशीष गर्ग ने गुरुवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) ओम प्रकाश के मुताबिक मामले की रिपोर्ट मृतक के बेटे प्रदीप सिंह निवासी कमोली थाना ऊंचाहार ने दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के अनुसार वादी के पिता व भाई का घरेलू विवाद चल रहा था। इसी में पिता कैलाश सिंह ने बेटे राजीव सिंह (वादी का भाई) की हत्या कर दी थी।
राजीव की मौत के बाद उसकी जमीन की देखरेख उसका साला इलाहाबाद निवासी धनंजय सिंह और संजय सिंह करने लगे। दोनों अपने बहनोई की जमीन हड़पना चाहते थे।
इसी रंजिश में धनंजय व संजय ने अपने दो साथियों के साथ ट्यूबवेल पर कपड़ा धो रहे वादी के पिता कैलाश की गोली व बम मारकर हत्या कर दी।
पुलिस ने विवेचना के बाद कृष्ण प्रताप सिंह, अनुज सिंह, धनंजय सिंह व संजय सिंह के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर धनंजय व संजय को हत्या के आरोप में दोष सिद्ध कर सजा सुनाई।
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वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में आरोपी कृष्ण प्रताप सिंह और अनुज सिंह को बरी कर दिया।
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यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित कोर्ट संख्या तीन के अपर सत्र न्यायाधीश आशीष गर्ग ने गुरुवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) ओम प्रकाश के मुताबिक मामले की रिपोर्ट मृतक के बेटे प्रदीप सिंह निवासी कमोली थाना ऊंचाहार ने दर्ज कराई थी।
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रिपोर्ट के अनुसार वादी के पिता व भाई का घरेलू विवाद चल रहा था। इसी में पिता कैलाश सिंह ने बेटे राजीव सिंह (वादी का भाई) की हत्या कर दी थी।
राजीव की मौत के बाद उसकी जमीन की देखरेख उसका साला इलाहाबाद निवासी धनंजय सिंह और संजय सिंह करने लगे। दोनों अपने बहनोई की जमीन हड़पना चाहते थे।
इसी रंजिश में धनंजय व संजय ने अपने दो साथियों के साथ ट्यूबवेल पर कपड़ा धो रहे वादी के पिता कैलाश की गोली व बम मारकर हत्या कर दी।
पुलिस ने विवेचना के बाद कृष्ण प्रताप सिंह, अनुज सिंह, धनंजय सिंह व संजय सिंह के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर धनंजय व संजय को हत्या के आरोप में दोष सिद्ध कर सजा सुनाई।
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वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में आरोपी कृष्ण प्रताप सिंह और अनुज सिंह को बरी कर दिया।