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सौ-सौ बेड वाले दो छात्रावासों को फर्नीचर का इंतजार, मिला बजट

Mon, 06 Jan 2020 12:24 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jan 2020 12:24 AM IST
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Two hostels with hundred beds waiting for furniture, got budget
रायबरेली। बालिकाओं को अच्छी शिक्षा मिल सके। गांव से दूर जाकर पढ़ाई करने में समस्या न आए, इसके लिए जिले में छात्रावासों का निर्माण कराया जा रहा है। दो छात्रावासों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। सिर्फ फर्नीचर की व्यवस्था करना बाकी है, जिसके लिए बजट भी मिल चुका है। इसी महीने शयनकक्षों में बेड, किचन और डाइनिंग हाल में फर्नीचर की व्यवस्था कर दी जाएगी।
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इसके बाद कक्षा नौ से 12 तक की उन बालिकाओं को इसमें रहने की सुविधा मिल जाएगी, जो गरीब परिवारों से आती हैं। छात्रावासों में रहकर ये बालिकाएं आसपास के राजकीय और सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ सकेंगी। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत वित्तीय वर्र्ष 2015-16 में दो बालिका छात्रावासों के निर्माण की स्वीकृति मिली थी।
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इसमें एक बालिका छात्रावास हरचंदपुर विकास क्षेत्र के बाला में तो दूसरा ऊंचाहार विकास क्षेत्र के पट्टी रहस कैथवल में बन रहा है। प्रत्येक छात्रावास की लागत एक करोड़ 70 लाख 24 हजार रुपये निर्धारित थी। यानी कि तीन करोड़ 40 लाख 48 हजार रुपये से निर्माण कार्य कराया गया। दोनों ही छात्रावासों में 100-100 बेड की व्यवस्था होनी है, ताकि यहां पर 100-100 छात्राएं रह सकें।
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छात्रावासों में 100-100 बेड और बिस्तर के साथ ही डाइनिंग हाल और किचन में भी फर्नीचर की व्यवस्था करना बाकी है। इसके लिए प्रत्येक छात्रावास को 6.92 लाख रुपये मिले हैं। यानी कि 13 लाख 84 हजार रुपये से फर्नीचर की व्यवस्था करानी है। माध्यमिक शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक गिरजा शंकर मिश्र के मुताबिक दोनों ही छात्रावास लगभग बनकर तैयार हो चुके हैं।
सिर्फ फर्नीचर की व्यवस्था बाकी है। इसी महीने बेड समेत सभी फर्नीचर की व्यवस्था हो जाएगी। इसके बाद कार्यदायी संस्था से विभाग को छात्रावास हैंडओवर कर दिया जाएगा। इसमें उन छात्राओं को आवासीय सुविधा मिलेगी, जो कस्तूरबा विद्यालयों से पढ़ाई पूरी करने के बाद आगे की पढ़ाई करना चाहती हैं।
माध्यमिक स्कूलों में दाखिला लेने वाली दूरदराज की जरूरतमंद बालिकाएं भी छात्रावास में रहकर पढ़ाई पूरी कर सकती हैं। छात्रावास के आसपास संचालित राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं को आवासीय सुविधा मिलेगी। डीआईओएस डॉ. चंद्रशेखर मालवीय ने बताया कि जिले में दो छात्रावासों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।

इसी महीने हस्तांतरण की प्रक्रिया भी पूरी हो जाएगी। इसके संचालन की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग के पास रहेगी, लेकिन इसमें माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को आवासीय सुविधा मिलेगी।
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