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बच्ची के हत्यारे दो भाइयों को आजीवन कारावास
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 27 Feb 2016 11:26 PM IST
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पांच वर्ष की बच्ची का अपहरण कर नृशंस हत्या करने वाले दो भाइयों को कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 14-14 हजार रुपया अर्थदंड भी लगाया है।
यह फैसला विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट विजेश कुमार ने शनिवार को सुनाया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक जेपी मिश्रा के मुताबिक मामले की रिपोर्ट मृतका के पिता श्यामलाल निवासी पूरे दुर्गिन मजरे खलां थाना खीरों में दर्ज कराई थी।
वादी ने 7 फरवरी 2008 को थाना खीरों में पांच वर्षीय बेटी कोमल के गायब होने की सूचना दी थी। 8 फरवरी को उसने पुन: एक प्रार्थना पत्र दिया।
इसमें बताया गया कि सुबह करीब छह बजे उसकी पत्नी धनावती व भतीजी मिलाना ने बताया कि पड़ोस के हीरालाल व अनिल यादव एक सफेद बोरी में कुछ भरकर गांव की प्रभुदेई के निर्माणाधीन मकान की ओर ले गए हैं।
जिस पर सभी लोग मौके पर पहुंचे और हीरालाल व उर्मिला को पकड़ लिया। अनिल और रेशू भाग गए। बोरी में कोमल का शव मिला।
पुलिस ने विवेचना के बाद हीरालाल यादव, उसके भाई वृंदावन और अनिल कुमार यादव के खिलाफ हत्या, अपहरण, गैंगस्टर एक्ट के तहत चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
किशोर घोषित होने पर आरोपी अनिल यादव की पत्रावली अलग कर किशोर न्याय बोर्ड विचारण के लिए भेजी गई। कोर्ट ने दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त हीरालाल व वृंदावन को अपहरण, हत्या समेत अन्य धाराओं में दोष सिद्ध कर सजा सुनाई।
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यह फैसला विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट विजेश कुमार ने शनिवार को सुनाया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक जेपी मिश्रा के मुताबिक मामले की रिपोर्ट मृतका के पिता श्यामलाल निवासी पूरे दुर्गिन मजरे खलां थाना खीरों में दर्ज कराई थी।
वादी ने 7 फरवरी 2008 को थाना खीरों में पांच वर्षीय बेटी कोमल के गायब होने की सूचना दी थी। 8 फरवरी को उसने पुन: एक प्रार्थना पत्र दिया।
इसमें बताया गया कि सुबह करीब छह बजे उसकी पत्नी धनावती व भतीजी मिलाना ने बताया कि पड़ोस के हीरालाल व अनिल यादव एक सफेद बोरी में कुछ भरकर गांव की प्रभुदेई के निर्माणाधीन मकान की ओर ले गए हैं।
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जिस पर सभी लोग मौके पर पहुंचे और हीरालाल व उर्मिला को पकड़ लिया। अनिल और रेशू भाग गए। बोरी में कोमल का शव मिला।
पुलिस ने विवेचना के बाद हीरालाल यादव, उसके भाई वृंदावन और अनिल कुमार यादव के खिलाफ हत्या, अपहरण, गैंगस्टर एक्ट के तहत चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
किशोर घोषित होने पर आरोपी अनिल यादव की पत्रावली अलग कर किशोर न्याय बोर्ड विचारण के लिए भेजी गई। कोर्ट ने दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त हीरालाल व वृंदावन को अपहरण, हत्या समेत अन्य धाराओं में दोष सिद्ध कर सजा सुनाई।
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