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तीन तलाक औरत के साथ जुल्म : कल्बे
अमर उजाला/रायबरेली
Updated Fri, 30 Dec 2016 11:30 PM IST
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रायबरेली पहुंचे कल्बे सादिक
- फोटो : अमर उजाला
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष और धर्मगुरु मौलाना डॉ. कल्बे सादिक शुक्रवार को कजियाना मोहल्ले पहुंचे। यहां पर लोगों से मुलाकात की। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में जागरुकता लाने के लिए विचार विमर्श किया। उन्होंने कहा कि एक समय में तीन तलाक कहना इस्लाम के विरुद्ध है। ये एक औरत पर जुल्म है।
उन्होंने कहा कि इस्लाम ने महिलाओं को खास अधिकार दिए हैं। निकाह के समय मेहर की रकम तय करना लड़की का हक है। लड़की को अपनी सलाहियत तालीम के मुताबिक हक है कि मेहर की रकम लड़की खुद बताए, लेकिन आज शरीयत पर अमल न होने की वजह से रस्में हावी हो गई हैं। शरीयत के मुताबिक दहेज का इंतजाम, रिसेप्शन आदि लड़के पक्ष को ही करना चाहिए। यहां तक कि उपहार में जो सामान आता है, उस पर भी लड़की का ही अधिकार होता है।
डॉ. कल्बे सादिक ने आह्वान किया कि समाज के नौजवानों को बेहिचक फैसला लेना चाहिए कि बगैर दहेज के शादी करें। इस मौके पर जहीर अब्बास, बाबुल इल्म रियाजुल हसन, तनवीर हैदर, हसन रायबरेलवी, सफी अब्बास, साजिद जाफरी, मुस्तफा आजम, मेराज नकवी, मीसम नकवी मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि इस्लाम ने महिलाओं को खास अधिकार दिए हैं। निकाह के समय मेहर की रकम तय करना लड़की का हक है। लड़की को अपनी सलाहियत तालीम के मुताबिक हक है कि मेहर की रकम लड़की खुद बताए, लेकिन आज शरीयत पर अमल न होने की वजह से रस्में हावी हो गई हैं। शरीयत के मुताबिक दहेज का इंतजाम, रिसेप्शन आदि लड़के पक्ष को ही करना चाहिए। यहां तक कि उपहार में जो सामान आता है, उस पर भी लड़की का ही अधिकार होता है।
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डॉ. कल्बे सादिक ने आह्वान किया कि समाज के नौजवानों को बेहिचक फैसला लेना चाहिए कि बगैर दहेज के शादी करें। इस मौके पर जहीर अब्बास, बाबुल इल्म रियाजुल हसन, तनवीर हैदर, हसन रायबरेलवी, सफी अब्बास, साजिद जाफरी, मुस्तफा आजम, मेराज नकवी, मीसम नकवी मौजूद रहे।
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