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आंधी-पानी ने मचाही तबाही, तीन की मौत, घरों में घुसा पानी
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रायबरेली। जिले में बुधवार रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला गुरुवार देर रात तक जारी रहा। लगातार हो रही बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया।
झमाझम के बीच तेज हवा चलने से 200 से ज्यादा पेड़ जहां धराशायी हो गए।
जगतपुर कोतवाली क्षेत्र में दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई। कई मकान ढह गए। देहात से लेकर शहर तक में जलभराव हो गया। लोगों के घरों में पानी घुस गया। खासकर बारिश ने शहरवासियों को खूब परेशान किया। लोगों को घरों तक आने जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा। इससे लोग बेहाल रहे।
उधर, गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र के पोरई गांव में गुरुवार को दीवार गिरने से महिला की मौत हो गई। गांव की रहने वाली राम दुलारी (60) के घर की कच्ची दीवार ढह गई। इससे वह मलबे में दब गई।
परिवारीजन जब तक महिला को बाहर निकालते, उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। जबकि सलोन के रसूलपुर निवासी माताबदल (69) बारिश के कारण दीवार गिर गई। हादसे में उसकी मौत हो गई।
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बुधवार से शुरू हुई बारिश गुरुवार को भी दिनभर होती रही। बुधवार रात बारिश के साथ तेज हवा भी चली। बारिश से शहर के मोहल्ले पानी से लबालब हो गए। इंदिरा नगर, कल्लू का पुरवा, महानंदपुर, सर्वोदय नगर, आचार्य द्विवेदी नगर समेत अन्य स्थानों पर जलभराव हो गया।
खासकर नया पुरवा में इस कदर पानी भरा कि लोगों को घरों तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा। पानी निकासी के लिए नगर पालिका के अधिकारी आगे नहीं आए। इंदिरा नगर पुलिस चौकी के पास पेड़ धराशायी हो गया।
पेड़ के नीचे एक गाय दब गई। जानकारी होने पर सभासद पूनम तिवारी पहुंचीं और उन्होंने मौके पर पशुपालन, पुलिस विभाग के अफसरों को मौके पर फोन करके बुलाया। सभासद के प्रयास से पेड़ों की डालें काटकर गाय को बचाया गया।
शहर से लेकर देहात क्षेत्रों में 200 पेड़ ढहे। इससे लोगों को आने जाने में परेशानी झेलनी पड़ी। मटिहा-मछेछर मार्ग पर कई स्थान पर सड़क बह गई। लाला का पुरवा गांव के पास पेड़ गिरने से पांच घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा।
जगतपुर प्रतिनिधि के मुताबिक कोतवाली क्षेत्र के टिकरिया गांव की रहने वाली राजपती (55) किसी काम के सिलसिले में घर से बाहर जा रही थी। जैसे घर से बाहर निकली, कच्ची दीवार उसके ऊपर ढह गई। राजपती की मलबे में दबकर मौत हो गई। तहसीलदार प्रतीत त्रिपाठी ने पीड़ित परिवार को सरकारी मदद दिलाने का भरोसा दिया। कोतवाल भरत उपाध्याय ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
परशदेपुर प्रतिनिधि के मुताबिक नगर पंचायत परशदेपुर कस्बे के पूरे काजी, जिल्ला बाजार, नया पुरवा, सिटकहिया समेत अन्य मोहल्लों में जलभराव हो गया। नगर पंचायत अध्यक्ष विनोद कुमार कौशल ने स्वयं अपनी मौजूदगी में पानी निकासी व्यवस्था कराई।
पूरे काजी में पितई, रामसागर मोहल्ला में राजाराम चौरसिया की दीवार ढह गई। छतोह ब्लॉक क्षेत्र के पूरे बाबू मजरे बरावां गांव निवासी मनीष कुमार व धीरेंद्र कुमार का कच्चा मकान ढह गया। फुरसतगंज प्रतिनिधि के मुताबिक रायबरेली-सुल्तानपुर हाईवे के नहर कोठी चौराहे पर पानी भर जाने के कारण लोगों को आने जाने में परेशानी झेलनी पड़ी।
दूसरी तरफ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी के बगल से गुजर रहे नाले के उफान में आने से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी की बाउंड्री भी टूट गई। नाले का पानी कैंपस में भर गया। इन्हौना प्रतिनिधि के मुताबिक सिंहपुर ब्लॉक क्षेत्र के जगतपुर गांव निवासी प्रदीप सिंह का कच्चा मकान ढह गया। चिलौली गांव निवासी गंगा प्रसाद पासी का भी मकान तेज बारिश के कारण गिर गया। तिलोई ब्लॉक क्षेत्र के सेमरौता निवासी मन्नी लाल दीक्षित का पक्का मकान गिर गया।
विकास भवन में भरा पानी, कामकाज प्रभावित
बारिश से सरकारी दफ्तर भी अछूते नहीं रहेे। विकास भवन पानी से लबालब था। कई दफ्तरों की छतें टपकने से पानी कार्यालय तक पहुंच गया। इससे कामकाज प्रभावित रहा। खासकर विकास भवन में पानी भरा होने के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों को दफ्तरों तक पहुंचने में मशक्कत का सामना करना पड़ा। कलेक्ट्रेट, पुलिस कार्यालय, सीएमओ कार्यालय, जिला अस्पताल समेत अन्य स्थानों पर पानी भरा रहा।
किसानों के चेहरे मायूस, धान की फसल गिरी
आंधी-पानी ने किसानों के चेहरे पर मायूसी ला दी है। उन्हें चिंता सता रही है कि यदि मौसम का मिजाज इसी तरह रहा तो धान की फसल पूरी तरह से चौपट हो जाएगी। बारिश-आंधी की वजह से अगैती रोपी गई धान की फसल खेतों में ही गिर गए। फसल में धान भी निकल आया था। यही नहीं कुछ जगहों पर धान की फसल जलमग्न हो गई। फुरसतगंज क्षेत्र के खालिसपुर ग्राम पंचायत के पूरे बक्का गांव के बगल में जलभराव से 15 बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई।
24 घंटे में 200 मिमी. बारिश
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (इग्रुआ) के मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में 24 घंटे में 200 मिमी. बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी बारिश का सिलसिला चलता रहेगा।
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झमाझम के बीच तेज हवा चलने से 200 से ज्यादा पेड़ जहां धराशायी हो गए।
जगतपुर कोतवाली क्षेत्र में दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई। कई मकान ढह गए। देहात से लेकर शहर तक में जलभराव हो गया। लोगों के घरों में पानी घुस गया। खासकर बारिश ने शहरवासियों को खूब परेशान किया। लोगों को घरों तक आने जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा। इससे लोग बेहाल रहे।
उधर, गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र के पोरई गांव में गुरुवार को दीवार गिरने से महिला की मौत हो गई। गांव की रहने वाली राम दुलारी (60) के घर की कच्ची दीवार ढह गई। इससे वह मलबे में दब गई।
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परिवारीजन जब तक महिला को बाहर निकालते, उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। जबकि सलोन के रसूलपुर निवासी माताबदल (69) बारिश के कारण दीवार गिर गई। हादसे में उसकी मौत हो गई।
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बुधवार से शुरू हुई बारिश गुरुवार को भी दिनभर होती रही। बुधवार रात बारिश के साथ तेज हवा भी चली। बारिश से शहर के मोहल्ले पानी से लबालब हो गए। इंदिरा नगर, कल्लू का पुरवा, महानंदपुर, सर्वोदय नगर, आचार्य द्विवेदी नगर समेत अन्य स्थानों पर जलभराव हो गया।
खासकर नया पुरवा में इस कदर पानी भरा कि लोगों को घरों तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा। पानी निकासी के लिए नगर पालिका के अधिकारी आगे नहीं आए। इंदिरा नगर पुलिस चौकी के पास पेड़ धराशायी हो गया।
पेड़ के नीचे एक गाय दब गई। जानकारी होने पर सभासद पूनम तिवारी पहुंचीं और उन्होंने मौके पर पशुपालन, पुलिस विभाग के अफसरों को मौके पर फोन करके बुलाया। सभासद के प्रयास से पेड़ों की डालें काटकर गाय को बचाया गया।
शहर से लेकर देहात क्षेत्रों में 200 पेड़ ढहे। इससे लोगों को आने जाने में परेशानी झेलनी पड़ी। मटिहा-मछेछर मार्ग पर कई स्थान पर सड़क बह गई। लाला का पुरवा गांव के पास पेड़ गिरने से पांच घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा।
जगतपुर प्रतिनिधि के मुताबिक कोतवाली क्षेत्र के टिकरिया गांव की रहने वाली राजपती (55) किसी काम के सिलसिले में घर से बाहर जा रही थी। जैसे घर से बाहर निकली, कच्ची दीवार उसके ऊपर ढह गई। राजपती की मलबे में दबकर मौत हो गई। तहसीलदार प्रतीत त्रिपाठी ने पीड़ित परिवार को सरकारी मदद दिलाने का भरोसा दिया। कोतवाल भरत उपाध्याय ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
परशदेपुर प्रतिनिधि के मुताबिक नगर पंचायत परशदेपुर कस्बे के पूरे काजी, जिल्ला बाजार, नया पुरवा, सिटकहिया समेत अन्य मोहल्लों में जलभराव हो गया। नगर पंचायत अध्यक्ष विनोद कुमार कौशल ने स्वयं अपनी मौजूदगी में पानी निकासी व्यवस्था कराई।
पूरे काजी में पितई, रामसागर मोहल्ला में राजाराम चौरसिया की दीवार ढह गई। छतोह ब्लॉक क्षेत्र के पूरे बाबू मजरे बरावां गांव निवासी मनीष कुमार व धीरेंद्र कुमार का कच्चा मकान ढह गया। फुरसतगंज प्रतिनिधि के मुताबिक रायबरेली-सुल्तानपुर हाईवे के नहर कोठी चौराहे पर पानी भर जाने के कारण लोगों को आने जाने में परेशानी झेलनी पड़ी।
दूसरी तरफ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी के बगल से गुजर रहे नाले के उफान में आने से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी की बाउंड्री भी टूट गई। नाले का पानी कैंपस में भर गया। इन्हौना प्रतिनिधि के मुताबिक सिंहपुर ब्लॉक क्षेत्र के जगतपुर गांव निवासी प्रदीप सिंह का कच्चा मकान ढह गया। चिलौली गांव निवासी गंगा प्रसाद पासी का भी मकान तेज बारिश के कारण गिर गया। तिलोई ब्लॉक क्षेत्र के सेमरौता निवासी मन्नी लाल दीक्षित का पक्का मकान गिर गया।
विकास भवन में भरा पानी, कामकाज प्रभावित
बारिश से सरकारी दफ्तर भी अछूते नहीं रहेे। विकास भवन पानी से लबालब था। कई दफ्तरों की छतें टपकने से पानी कार्यालय तक पहुंच गया। इससे कामकाज प्रभावित रहा। खासकर विकास भवन में पानी भरा होने के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों को दफ्तरों तक पहुंचने में मशक्कत का सामना करना पड़ा। कलेक्ट्रेट, पुलिस कार्यालय, सीएमओ कार्यालय, जिला अस्पताल समेत अन्य स्थानों पर पानी भरा रहा।
किसानों के चेहरे मायूस, धान की फसल गिरी
आंधी-पानी ने किसानों के चेहरे पर मायूसी ला दी है। उन्हें चिंता सता रही है कि यदि मौसम का मिजाज इसी तरह रहा तो धान की फसल पूरी तरह से चौपट हो जाएगी। बारिश-आंधी की वजह से अगैती रोपी गई धान की फसल खेतों में ही गिर गए। फसल में धान भी निकल आया था। यही नहीं कुछ जगहों पर धान की फसल जलमग्न हो गई। फुरसतगंज क्षेत्र के खालिसपुर ग्राम पंचायत के पूरे बक्का गांव के बगल में जलभराव से 15 बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई।
24 घंटे में 200 मिमी. बारिश
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (इग्रुआ) के मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में 24 घंटे में 200 मिमी. बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी बारिश का सिलसिला चलता रहेगा।