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जुलाई तक 291 मिमी के सापेक्ष महज 82 मिमी वर्षा

Tue, 09 Aug 2016 11:50 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे Updated Tue, 09 Aug 2016 11:50 PM IST
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There is only 82 mm instead of 291 mm rainfall till July
बारिश - फोटो : getty images
जिले में अच्छे मानसून का दावा उम्मीद तोड़ रहा है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार जुलाई तक 291 मिमी. के सापेक्ष अब तक महज 82 मिमी. वर्षा हुई है। कम बारिश ने जिले के ढाई लाख किसानों की मुसीबतें भी बढ़ा दी हैं।
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खेतों की नमी न होने के कारण धान की फसलों में दीमक लग रही है। एक तरफ बारिश नहीं हो रही है तो दूसरी तरफ भरपूर बिजली न मिलने के कारण नलकूप ठप हैं। सिल्ट सफाई न होने से नहरों और माइनरों में भी हेड से टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है।
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अब तक 15 फीसदी फसल दीमक के चपेट में आ गई है। इस बार जिले में एक लाख 60 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल पर धान की रोपाई की गई है। बारिश अच्छी होने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। खेतों की नमी सूख रही है।
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राही, हरचंदपुर, बछरावां, महराजगंज, सतांव, लालगंज, सरेनी, ऊंचाहार, जगतपुर, सलोन, डीह समेत अन्य क्षेत्रों में धान की फसल में दीमक लग रहा है। दीमक से धान के पौधे जड़ से सूख रहे हैं।

महराजगंज क्षेत्र के बावन बुजुर्ग बल्ला के किसान ध्यानचंद्र, हरचंदपुर ब्लॉक क्षेत्र के सलेमपुर के अंकित वाजपेयी, राही ब्लॉक क्षेत्र के कलसहा गांव के किसान अशोक कुमार और सलोन तहसील क्षेत्र के रामलाल यादव का कहना है कि कई साल से बारिश नहीं हो पा रही है।

इस बार भी बारिश अच्छी नहीं हो रही है। बीच-बीच में हल्की बारिश से तिल, उड़द आदि फसलों का तो फायदा हो जाता है, लेकिन धान की फसल का फायदा नहीं हो पाता। क्योंकि धान की फसल में अधिक पानी की जरूरत है। दीमक लगने से फसल चौपट हो रही है।

 

बिजली भी नहीं आ रही है। सिल्ट सफाई न होने से नहरों और माइनरों का पानी खेतों तक नहीं पहुंच रहा है। अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। मौसम विज्ञान विभाग और जिला कृषि विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जुलाई तक 291 मिमी. वर्षा सही मानी जाती है, लेकिन यहां पर महज 82 मिमी बारिश हुई है। यही हाल रहा तो सिंचाई संकट बढ़ जाएगा।

जिला कृषि अधिकारी सतीश पांडेय का कहना है कि अब तक के रिकॉर्ड में जिले में बारिश अच्छी नहीं हुई है। जुलाई तक 291 मिमी. बारिश होनी चाहिए, लेकिन 82 मिमी. बारिश यहां पर हो सकी है। हालांकि अभी तक धान की फसल का ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। किसानों को चाहिए कि वह खेतों में नमी बरकरार रखें। दवा का छिड़काव करें।



इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी फुरसतगंज (इग्रुआ) के मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उम्मीद के हिसाब से बारिश कम हुई है। मानसून बना हुआ है, इससे अच्छी बारिश की संभावना है। पूर्वी हवा कम दबाव के क्षेत्र में न टकराने की वजह से बारिश नहीं हो रही है। जब यह टकराएंगी तो बारिश निश्चित होगी।

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