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Raebareli News: जलभराव का दंश, पिता को गोद में उठाने को मजबूर हुए बेटे
Sat, 06 Sep 2025 12:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sat, 06 Sep 2025 12:41 AM IST
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जगतपुर क्षेत्र के टांघन गांव जाने वाले रास्ते पर जलभराव होने के कारण बीमार बुजुर्ग को गोद में ल
रायबरेली। जगतपुर के टांघन गांव के पास गंगा एक्सप्रेसवे बनने से खेतों के पानी की निकासी बंद हाे गई है। बारिश का पानी खेतों व रास्ते में भरा हुआ है। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बृहस्पतिवार को गांव के दो युवा एक बुजुर्ग को गोद में लेकर अस्पताल जा रहे थे। इसी बीच किसी ने उनका वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मामले में गांव के अंशू ने बताया कि उनके पिता राकेश त्रिपाठी ने एम्स में हार्ट का ऑपरेशन कराया है। उनको चेकअप के लिए एम्स लेकर जाना पड़ता है। रास्ते में पानी भरा होने के कारण आने-जाने में परेशानी का सामना का सामना करना पड़ता है। इस कारण गांव से बाहर पिता को गोद में लेकर जाना पड़ा।
उधर, कुछ दिन पूर्व ग्रामीणाें ने भी जल निकास की व्यवस्था कराने के लिए एसडीएम से मांग की थी। इसपर एसडीएम के आदेश पर ह्यूम पाइप डालकर पानी निकालने का प्रयास हुआ, लेकिन पूरा पानी न निकलने से समस्या जस की तस बनी हुई है। अधिकारियों की अनदेखी से गांव के लोगों में रोष है। उप जिलाधिकारी राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि जलभराव की समस्या की जानकारी हुई है। जल्द समस्या को दूर कराया जाएगा।
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गांव में फैली गंदगी, संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा
रायबरेली। जगतपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत जगतपुर में करीब सात लाख रुपये खर्च कर बनाया गया आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) भवन शोपीस बनकर रह गया है। ग्रामीणों का कहना है कि भवन बनने के बाद इसका ताला नहीं खुला। आरोप है कि इसका उपयोग महज कागजों पर हो रहा है। इससे लोगों में नाराजगी बनी हुई है।
गांव के के अनुसार ग्राम पंचायत में आरआरसी भवन का निर्माण कराने का उद्देश्य था कि गांवों को साफ-सुथरा रखा जाए। गांव से निकलने वाले कूड़े इसी भवन में डाला जाए। इसके लिए सात लाख रुपये की लागत से भवन का निर्माण कराया गया। समूह के किसी एक सदस्य को कूड़ा एकत्रित करने की जिम्मेदारी सौंपी जानी थी, लेकिन अब तक किसी का चयन नहीं हो पाया है। यही वजह है कि जगह-जगह कूड़े के ढेर देखे जा सकते हैं।
ग्रामीण अर्जुन, सुरेंद्र कुमार, कल्लू, विपिन, विजेंद्र, संतोष, आलोक, वीरेंद्र ने बताया कि जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। बारिश के चलते नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं। गंदगी से उठ रही दुर्गंध से ग्रामीणों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। स्वच्छ भारत मिशन के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर संदीप कुमार ने बताया कि आरआरसी सेंटर तक कूड़ा पहुंचाने की जिम्मेदारी नामित समूह की है, लेकिन अभी तक नियुक्त नहीं हो सकी है। जल्द ही किसी सदस्य को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
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बृहस्पतिवार को गांव के दो युवा एक बुजुर्ग को गोद में लेकर अस्पताल जा रहे थे। इसी बीच किसी ने उनका वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मामले में गांव के अंशू ने बताया कि उनके पिता राकेश त्रिपाठी ने एम्स में हार्ट का ऑपरेशन कराया है। उनको चेकअप के लिए एम्स लेकर जाना पड़ता है। रास्ते में पानी भरा होने के कारण आने-जाने में परेशानी का सामना का सामना करना पड़ता है। इस कारण गांव से बाहर पिता को गोद में लेकर जाना पड़ा।
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उधर, कुछ दिन पूर्व ग्रामीणाें ने भी जल निकास की व्यवस्था कराने के लिए एसडीएम से मांग की थी। इसपर एसडीएम के आदेश पर ह्यूम पाइप डालकर पानी निकालने का प्रयास हुआ, लेकिन पूरा पानी न निकलने से समस्या जस की तस बनी हुई है। अधिकारियों की अनदेखी से गांव के लोगों में रोष है। उप जिलाधिकारी राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि जलभराव की समस्या की जानकारी हुई है। जल्द समस्या को दूर कराया जाएगा।
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गांव में फैली गंदगी, संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा
रायबरेली। जगतपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत जगतपुर में करीब सात लाख रुपये खर्च कर बनाया गया आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) भवन शोपीस बनकर रह गया है। ग्रामीणों का कहना है कि भवन बनने के बाद इसका ताला नहीं खुला। आरोप है कि इसका उपयोग महज कागजों पर हो रहा है। इससे लोगों में नाराजगी बनी हुई है।
गांव के के अनुसार ग्राम पंचायत में आरआरसी भवन का निर्माण कराने का उद्देश्य था कि गांवों को साफ-सुथरा रखा जाए। गांव से निकलने वाले कूड़े इसी भवन में डाला जाए। इसके लिए सात लाख रुपये की लागत से भवन का निर्माण कराया गया। समूह के किसी एक सदस्य को कूड़ा एकत्रित करने की जिम्मेदारी सौंपी जानी थी, लेकिन अब तक किसी का चयन नहीं हो पाया है। यही वजह है कि जगह-जगह कूड़े के ढेर देखे जा सकते हैं।
ग्रामीण अर्जुन, सुरेंद्र कुमार, कल्लू, विपिन, विजेंद्र, संतोष, आलोक, वीरेंद्र ने बताया कि जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। बारिश के चलते नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं। गंदगी से उठ रही दुर्गंध से ग्रामीणों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। स्वच्छ भारत मिशन के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर संदीप कुमार ने बताया कि आरआरसी सेंटर तक कूड़ा पहुंचाने की जिम्मेदारी नामित समूह की है, लेकिन अभी तक नियुक्त नहीं हो सकी है। जल्द ही किसी सदस्य को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।