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बंदी आकाश बोला, साथी दे गया था मोबाइल
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रायबरेली जिला कारागार में बंदी आकाश यादव के पास बरामद मोबाइल।
- फोटो : RAIBARAILY
रायबरेली। जिला कारागार में बंदियों से उठक-बैठक कराने का वीडियो वायरल होने की जांच पूरी हो गई है। इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी गई है। जांच के दौरान बंदी आकाश यादव से पूछा गया कि उसके पास मोबाइल कैसे आया।
इस पर उसका जवाब था कि उसका एक साथी जेल में था। जेल से छूटने पर साथी उसे मोबाइल देकर चला गया था। प्रकरण में कई जेल कर्मियों की लापरवाही भी सामने आई है। माना जा रहा है कि जल्द इस प्रकरण में कार्रवाई हो सकती है।
गौरतलब है कि बुधवार को एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें जेल के अंदर बंदियों से उठक-बैठक कराई जा रही थी। साथ ही एक-दूसरे को थप्पड़ मरवाए थे।
वीडियो वायरल होने के बाद डीएम नेहा शर्मा, एसपी सुनील कुमार सिंह ने जेल में छापा मारा था। छापे के दौरान गांजा, दो मोबाइल, सिम आदि सामग्री बरामद हुई थी। डीआईजी जेल ने प्रकरण की जांच लखनऊ आदर्श कारागार के अधीक्षक आरएन पांडेय को सौैंपी थी।
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जेल अधीक्षक आरएन पांडेय ने यहां पहुंचकर प्रकरण की जांच की थी। अधीक्षक ने जेलर ज्ञान प्रकाश समेत अन्य जेल अफसरों, सिपाहियों और बंदियों के बयान दर्ज किए थे।
उठक-बैठक कराने वाले बंदी आकाश यादव और उठक-बैठक करने वाले बंदी दिलीप, धर्मेंद्र और भास्कर के भी बयान दर्ज किए थे। अमर उजाला से बातचीत में लखनऊ आदर्श कारागार के अधीक्षक आरएन पांडेय ने बताया कि जेलकांड की जांच पूरी हो गई है।
सभी के बयान दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी गई है। गेट पर तलाशी होने के बाद भी जेल के अंदर मोबाइल कैसे पहुंचा, इस सवाल पर अधीक्षक ने बताया कि बंदी आकाश यादव ने बताया है कि उसे मोबाइल उसके साथी ने दिया था।
जेल में बंद आकाश यादव पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक भदोखर थाना क्षेत्र में दो, मिल एरिया थाने में एक आपराधिक मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा बरेली जिले में भी दो आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
इसमें एक मामला हत्या का है। आकाश यादव को दूसरी जेल शिफ्ट करने की बात कही गई थी, लेकिन इस पर अमल अब तक नहीं हो सका है। जेलर ज्ञान प्रकाश का कहना है कि कोई आदेश आने के बाद ही बंदी आकाश को दूसरी जेल शिफ्ट किया जाएगा।
भुएमऊ के ग्राम प्रधान देशराज पर शिकंजा कस सकता है। देशराज को खुश करने पर ही बंदी आकाश ने तीन बंदियों से जेल के अंदर उठक-बैठक कराई थी। इसका वीडियो बनाकर प्रधान को भेजा था।
सूत्र बताते हैं कि जांच रिपोर्ट में इस बात को दर्शाया गया है। कहा जा रहा है कि प्रधान पर कार्रवाई हो सकती है। लखनऊ आदर्श कारागार के अधीक्षक आरएन पांडेय के पास रायबरेली जेल का भी चार्ज है।
अमर उजाला से बातचीत में अधीक्षक ने बताया कि वीडियो वायरल की घटना के बाद पूरी सतर्कता बरती जा रही है। जेल अफसरों व जेल कर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है।
बंदियों पर पूरी निगरानी कराई जा रही है। बंदियों से मिलने आने वाले लोगों की गहनता से तलाशी कराई जा रही है, ताकि फिर से मोबाइल जैसी सामग्री जेल के अंदर न मिले।
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इस पर उसका जवाब था कि उसका एक साथी जेल में था। जेल से छूटने पर साथी उसे मोबाइल देकर चला गया था। प्रकरण में कई जेल कर्मियों की लापरवाही भी सामने आई है। माना जा रहा है कि जल्द इस प्रकरण में कार्रवाई हो सकती है।
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गौरतलब है कि बुधवार को एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें जेल के अंदर बंदियों से उठक-बैठक कराई जा रही थी। साथ ही एक-दूसरे को थप्पड़ मरवाए थे।
वीडियो वायरल होने के बाद डीएम नेहा शर्मा, एसपी सुनील कुमार सिंह ने जेल में छापा मारा था। छापे के दौरान गांजा, दो मोबाइल, सिम आदि सामग्री बरामद हुई थी। डीआईजी जेल ने प्रकरण की जांच लखनऊ आदर्श कारागार के अधीक्षक आरएन पांडेय को सौैंपी थी।
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जेल अधीक्षक आरएन पांडेय ने यहां पहुंचकर प्रकरण की जांच की थी। अधीक्षक ने जेलर ज्ञान प्रकाश समेत अन्य जेल अफसरों, सिपाहियों और बंदियों के बयान दर्ज किए थे।
उठक-बैठक कराने वाले बंदी आकाश यादव और उठक-बैठक करने वाले बंदी दिलीप, धर्मेंद्र और भास्कर के भी बयान दर्ज किए थे। अमर उजाला से बातचीत में लखनऊ आदर्श कारागार के अधीक्षक आरएन पांडेय ने बताया कि जेलकांड की जांच पूरी हो गई है।
सभी के बयान दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी गई है। गेट पर तलाशी होने के बाद भी जेल के अंदर मोबाइल कैसे पहुंचा, इस सवाल पर अधीक्षक ने बताया कि बंदी आकाश यादव ने बताया है कि उसे मोबाइल उसके साथी ने दिया था।
जेल में बंद आकाश यादव पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक भदोखर थाना क्षेत्र में दो, मिल एरिया थाने में एक आपराधिक मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा बरेली जिले में भी दो आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
इसमें एक मामला हत्या का है। आकाश यादव को दूसरी जेल शिफ्ट करने की बात कही गई थी, लेकिन इस पर अमल अब तक नहीं हो सका है। जेलर ज्ञान प्रकाश का कहना है कि कोई आदेश आने के बाद ही बंदी आकाश को दूसरी जेल शिफ्ट किया जाएगा।
भुएमऊ के ग्राम प्रधान देशराज पर शिकंजा कस सकता है। देशराज को खुश करने पर ही बंदी आकाश ने तीन बंदियों से जेल के अंदर उठक-बैठक कराई थी। इसका वीडियो बनाकर प्रधान को भेजा था।
सूत्र बताते हैं कि जांच रिपोर्ट में इस बात को दर्शाया गया है। कहा जा रहा है कि प्रधान पर कार्रवाई हो सकती है। लखनऊ आदर्श कारागार के अधीक्षक आरएन पांडेय के पास रायबरेली जेल का भी चार्ज है।
अमर उजाला से बातचीत में अधीक्षक ने बताया कि वीडियो वायरल की घटना के बाद पूरी सतर्कता बरती जा रही है। जेल अफसरों व जेल कर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है।
बंदियों पर पूरी निगरानी कराई जा रही है। बंदियों से मिलने आने वाले लोगों की गहनता से तलाशी कराई जा रही है, ताकि फिर से मोबाइल जैसी सामग्री जेल के अंदर न मिले।