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विंडीज ब्रांड की शराब के नाम पर बिक रहा था मौत का सामान

Fri, 28 Jan 2022 12:04 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 28 Jan 2022 12:04 AM IST
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The goods of death were being sold in the name of liquor of the Windies brand
रायबरेली में बुधवार को महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के पहाड़पुर गांव में शराब पीने से हुई मौत के बाद - फोटो : RAIBARAILY
रायबरेली। विंडीज ब्रांड की देशी शराब के नाम पर जिले में मौत का सामान बेचा जा रहा है। प्रतापगढ़ जिला अवैध शराब का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु है, जहां से आसानी से शराब लाकर माफिया यहां पर बिक्री करते हैं। पुलिस और आबकारी विभाग की सरपरस्ती में काफी समय से बड़े पैमाने पर खेल चल रहा है। यही वजह है कि सरकारी शराब की दुकानों में विंडीज नाम की जहरीली शराब की बिक्री की जा रही है। महराजगंज में शराब पीने से हुई दस लोगों की मौत ने इस खेल की पोल भी खोल दी है। खास बात ये है कि महराजगंज में जिस विंडीज ब्रांड की शराब पीने से लोगों की मौतें हुई हैं, वह ब्रांड सरकारी है। विंडीज ब्रांड की शराब सभी सरकारी दुकानों पर बिकती है।
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कहा जा रहा है कि पैसा कमाने के चक्कर में दुकानदार विंडीज ब्रांड का रैपर लगाकर जहरीली शराब की बिक्री करते हैं। पुलिस-प्रशासन दावा भी कर रहा है कि विंडीज ब्रांड के पीने से लोगों की मौतें हुई हैं। सवाल उठ रहा है कि हर दिन विंडीज ब्रांड की शराब हर ठेके पर बिक्री की जाती है। लोग उसका सेवन करते हैं। फिर उनकी मौत क्यों नहीं होती। ऐसा महराजगंज में ही क्यों हुआ। जाहिर सी बात है कि ब्रिंडीज ब्रांड के नाम से नकली शराब की ठेकों पर बिक्री की जाती है। जो सेहत के लिए खतरनाक होने के साथ ही जहरीली होती है। इसी वजह से लोगों की मौतें हो गईं। प्रतापगढ़ जिले में तैयार की गई शराब शहर से होकर पूरे जिले तक में बिक्री कराई जाती है, लेकिन पुलिस व आबकारी विभाग को इसकी भनक नहीं लग पाती।
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नया नहीं शराब माफिया और दुकानदारों का गठजोड़
शराब माफिया और शराब की दुकानों के ठेकेदारों का गठजोड़ नया नहीं है। इससे पहले भी सरकारी दुकानों पर जहरीली शराब बिक्री करने का खेल उजागर हो चुका है। करीब ढाई साल पहले सरेनी और भदोखर थाना क्षेत्र में सरकारी शराब की दुकानों से नकली शराब बरामद की गई थी। मामले में भदोखर और सरेनी थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। चार साल पहले सदर कोतवाली क्षेत्र के त्रिपुला चौराहा पर बड़े पैमाने पर अवैध शराब बरामद की गई थी। इस मामले की एफआईआर सदर कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। मामला उजागर होने के बाद कुछ दिन तो ठीकठाक रहता है, लेकिन इसके बाद फिर से माफियाओं और दुकानदारों का गठजोड़ शुरू हो जाता है। इसी गठजोड़ की वजह से हंसते खेलते परिवार उजड़ रहे हैं। जरूरत सख्त कार्रवाई करने की है।
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रायबरेली ही नहीं, बिहार तक जाती है अवैैध शराब
रायबरेली से होकर बड़े पैमाने पर अवैध शराब गैर प्रांतों तक पहुंचाई जाती है। वर्ष 2022 में तत्कालीन एसपी स्वप्निल ममगाई के दिशा-निर्देशन में तत्कालीन कोतवाल अतुल सिंह ने पुलिस टीम के साथ करीब पांच ट्रक अवैध शराब बरामद की थी। जो हरियाणा, प्रतापगढ़ से बिहार और रायबरेली जिले में आपूर्ति के लिए ले जाई जा रही थी। चूंकि प्रतापगढ़ जिले की सीमा से जुड़ा हुआ है। इसलिए आसानी से माफिया शराब लेकर सरकारी ठेकों में इसकी आपूर्ति करके बिक्री करवाते हैं। बताया जाता है कि अवैध शराब बिक्री करने से दुकानदार को मुनाफा होता है। उसे टैक्स तक नहीं देना पड़ता। वर्ष 2020 में भी डलमऊ कोतवाली पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की थी। जांच में प्रतापगढ़ से शराब लाई जाने की पुष्टि हुई थी।
पकड़ी जा चुकी हैं अवैध शराब की फैक्टरियां
जिले में अवैध शराब फैक्टरियां भी संचालित होते हुए कई बार पकड़ी गईं। इन फैक्टरियों में कई सफेदपोश नेताओं के नाम भी सामने आ चुके हैं। करीब पांच साल पहले मिल एरिया थाने के पास अवैध शराब की फैक्टरी पकड़ी गई थी। इस मामले में बड़ी कार्रवाई हुई थी। फैक्टरी संचालन में एक सफेदपोश नेता का नाम सामने आया था। तत्कालीन एसपी सुनील कुमार सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित छजलापुर के पास से एक शराब की फैक्टरी पकड़ी थी। यहां पर शराब तैयार करके सरकारी दुकानों पर बेची जाती थी। भदोखर और सरेनी में थाने में भी शराब फैक्टरियां पकड़ी जा चुकी हैं, लेकिन यह गोरखधंधा बंद नहीं हुआ।

कुटीर उद्योग बना कच्ची शराब का धंधा, गुरुबख्शगंज में मंडी
जिले में कच्ची शराब का धंधा कुटीर उद्योग की तरह फैला है। जिले के 55 ऐसे गांव हैं, जो शराब के लिए बदनाम हैं। सदर कोतवाली क्षेत्र के धमसी राय का पुरवा, बिबियापुर, भदोखर क्षेत्र के भुएमऊ, भदोखर, राजापुर गांवों में बड़े पैमाने पर कच्ची शराब बन रही है। सरेनी, ऊंचाहार, हरचंदपुर, बछरावां, शिवगढ़ समेत अन्य क्षेत्रों में भी कच्ची शराब बनाई जाती है। बछरावां क्षेत्र में तो उन्नाव से बड़े पैमाने पर कच्ची शराब बनकर बिक्री के लिए आती है। गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र में तो कच्ची शराब बिक्री के लिए मंडी लगती है। शराब मंडी में बिक रही शराब का कुछ दिन पहले वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मामूली कार्रवाई करके मामले की इतिश्री कर ली गई थी।
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