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भट्ठा श्रमिक का बेटा बना मिसाल
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Thu, 30 Mar 2017 11:21 PM IST
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मेधावी धर्मराज के साथ एफ जी कॉलेज के प्राचार्य व अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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राह संघर्ष की जो चलता है, वो ही संसार को बदलता है, जिसने रातों से जंग जीती है, सूर्य बनकर वही निकलता है। कुछ ऐसा ही जज्बा धर्मराज प्रजापति के दिल और दिमाग में है। अपनी मेहनत के कारण वह मुकाम हासिल कर लिया, जो आज हर मां-बाप अपने बच्चे के लिए देखता है। भट्ठे पर्र इंट पाथने वाले माता-पिता की मेहनत रंग लाई। बड़े बेटे ने केमिस्ट्री से न केवल गेट बल्कि नेट में भी सफलता हासिल कर ली।
प्रतापगढ़ के संग्रामगढ़ ब्लॉक के मोहद्दीनगर जमालपुर के रहने वाले धर्मराज प्रजापति बचपन से ही आर्थिक तंगी में जूझते रहे। पिता मथुरा प्रसाद और मां कुसुम देवी गांव के निकट भट्ठे में ईट पाथकर किसी तरह गुजजारा करते हैं। बेटे की शिक्षा के प्रति लगन देखकर उसे कभी निराश नहीं किया। छह भाई बहनों में सबसे बड़ा होने के कारण परिवार की जिम्मेदारी भी रही। भावुक होकर धर्मराज कहते हैं कि पढ़ाई में फीस जमा करने के लिए पिता के साथ भट्ठे पर मजदूरी, तो मेले में चाय भी बेची।
बीएससी कानपुर के एक प्राइवेट कॉलेज से किया। एमएससी एफजी कॉलेज रायबरेली से की। यहां पर केमिस्ट्री विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शीला श्रीवास्तव के निर्देशन में सीएसटीयूपी (काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी) के मेजर प्रोजेक्ट के लिए चयन हो गया। इसमें शोध कार्य के लिए हर महीने स्कॉलरशिप भी मिली। पहली बार ऑल इंडिया लेवल पर होने वाले गेट की परीक्षा दी तो 94वीं रैंक हासिल की। वहीं नेट की परीक्षा में 103वीं रैंक मिली।
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धर्मराज ने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ कॉलेज के शिक्षकों को भी दिया। बताया कि एमएससी के बाद स्कॉलरशिप का ही सहारा था। इसी से भाई-बहनों की फीस भी भरते हैं। कभी-कभी स्कॉलरशिप देर से मिलती है, तो कॉलेज की ओर से केमिस्ट्री विभाग की ओर से सहयोग मिला। कॉलेज के प्रबंधतंत्र के ओएन भार्गव, प्राचार्य डॉ. एसके पांडेय ने मिठाई खिलाकर उत्साहवर्धन किया। इस मौके पर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, डॉ. आदर्श कुमार, डॉ. सी. लाल, अरविंद प्रकाश, अजय सिंह चौहान, दिनकर त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
वहीं इंदिरा नगर निवासी सौम्या मिश्रा ने सीएसआईआर-जेआरएफ (काउंसिल ऑफ साइंसटिफिक एंड इंडस्ट्रीयल रिसर्च-जूनियर रिसर्च फेलोशिप) में ऑल इंडिया रैंकिंग में 54वां स्थान हासिल किया हे। वर्तमान में वह बीबीएयू लखनऊ में शोध छात्रा हैं। उन्होंने सफलता का श्रेय अपने पिता शिवदास प्रसाद मिश्रा, डॉ. रेखा पुरोहित, डॉ. सुभद्रा खुराना, डॉ. पूर्णिमा डे को दिया। सौम्या ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट जीजीआईसी रायबरेली, बीएससी एफजी कॉलेज और एमएससी बीबीएयूी से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है।
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प्रतापगढ़ के संग्रामगढ़ ब्लॉक के मोहद्दीनगर जमालपुर के रहने वाले धर्मराज प्रजापति बचपन से ही आर्थिक तंगी में जूझते रहे। पिता मथुरा प्रसाद और मां कुसुम देवी गांव के निकट भट्ठे में ईट पाथकर किसी तरह गुजजारा करते हैं। बेटे की शिक्षा के प्रति लगन देखकर उसे कभी निराश नहीं किया। छह भाई बहनों में सबसे बड़ा होने के कारण परिवार की जिम्मेदारी भी रही। भावुक होकर धर्मराज कहते हैं कि पढ़ाई में फीस जमा करने के लिए पिता के साथ भट्ठे पर मजदूरी, तो मेले में चाय भी बेची।
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बीएससी कानपुर के एक प्राइवेट कॉलेज से किया। एमएससी एफजी कॉलेज रायबरेली से की। यहां पर केमिस्ट्री विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शीला श्रीवास्तव के निर्देशन में सीएसटीयूपी (काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी) के मेजर प्रोजेक्ट के लिए चयन हो गया। इसमें शोध कार्य के लिए हर महीने स्कॉलरशिप भी मिली। पहली बार ऑल इंडिया लेवल पर होने वाले गेट की परीक्षा दी तो 94वीं रैंक हासिल की। वहीं नेट की परीक्षा में 103वीं रैंक मिली।
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धर्मराज ने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ कॉलेज के शिक्षकों को भी दिया। बताया कि एमएससी के बाद स्कॉलरशिप का ही सहारा था। इसी से भाई-बहनों की फीस भी भरते हैं। कभी-कभी स्कॉलरशिप देर से मिलती है, तो कॉलेज की ओर से केमिस्ट्री विभाग की ओर से सहयोग मिला। कॉलेज के प्रबंधतंत्र के ओएन भार्गव, प्राचार्य डॉ. एसके पांडेय ने मिठाई खिलाकर उत्साहवर्धन किया। इस मौके पर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, डॉ. आदर्श कुमार, डॉ. सी. लाल, अरविंद प्रकाश, अजय सिंह चौहान, दिनकर त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
वहीं इंदिरा नगर निवासी सौम्या मिश्रा ने सीएसआईआर-जेआरएफ (काउंसिल ऑफ साइंसटिफिक एंड इंडस्ट्रीयल रिसर्च-जूनियर रिसर्च फेलोशिप) में ऑल इंडिया रैंकिंग में 54वां स्थान हासिल किया हे। वर्तमान में वह बीबीएयू लखनऊ में शोध छात्रा हैं। उन्होंने सफलता का श्रेय अपने पिता शिवदास प्रसाद मिश्रा, डॉ. रेखा पुरोहित, डॉ. सुभद्रा खुराना, डॉ. पूर्णिमा डे को दिया। सौम्या ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट जीजीआईसी रायबरेली, बीएससी एफजी कॉलेज और एमएससी बीबीएयूी से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है।