जिला अस्पताल मे बाहर की दवा लिखना नहीं होगा आसान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डॉक्टरों और कर्मचारियों की हर गतिविधि की जानकारी अस्पताल अधिकारी अपने कक्ष में बैठकर देख सकेंगे। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 1600 और इमरजेंसी कक्ष में प्रतिदिन 300 से अधिक रोगी आते हैं।
कई बार अस्पताल के डॉक्टरों पर बाहर की दवाएं लिखने को लेकर सख्ती बरती गई, लेकिन पकडे़ जाने पर वह गुमराह कर देते थे कि दवाइयां नहीं लिख रहे हैं। यही नहीं चैंबरों से भी गायब रहते थे। इससे रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।
डॉक्टरों की मनमानी को रोकने और बाहर से दवाएं न लिखी जाए, इसको लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से ओपीडी के गैलरी और इमरजेंसी कक्ष समेत 16 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए गए हैं। हालांकि अभी तक सिर्फ सीएमएस कक्ष में ही सीसीटीवी कैमरा लगा था, जिससे अस्पताल के बाहर आने जाने वाले लोगों की जानकारी हो पाती है।
पर अब ओपीडी की गैलरी और इमरजेंसी कक्ष में भी सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए गए हैं। अब डॉक्टरों और कर्मचारियों की हर गतिविधि अस्पताल के अधिकारी अपने कक्ष में बैठकर देख सकेंगे। सीसीटीवी कैमरे लगने से डॉक्टरों में हड़कंप है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव ने कहा कि डॉक्टरों की मनमानी रोकने के लिए ओपीडी की गैलरी और इमरजेंसी कक्ष समेत 16 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए गए हैं। अक्सर शिकायतें मिल रही थी कि डॉक्टर बाहर से दवाएं लिख रहे हैं।
पूछने पर डॉक्टर गुमराह करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। दलालों पर भी नजर रखी जाएगी। रोगियों के साथ किसी तरह की मनमानी पकडे़ जाने पर कार्रवाई होगी।- , ,