फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   The bus did not come even after waiting for hours

घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिली बस

Tue, 16 Nov 2021 12:06 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 16 Nov 2021 12:06 AM IST
विज्ञापन
The bus did not come even after waiting for hours
रायबरेली। यात्रियों को सोमवार को बस स्टेशन पर घंटों बस के लिए इंतजार करना पड़ा। बस आती तो उस पर सवार होने के लिए लोग टूट पड़ते। हर किसी को गंतव्य तक पहुंचने की जल्दी थी।
विज्ञापन

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुल्तानपुर में आयोजित कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए रायबरेली डिपो की 75 बसें लगा दी गईं। इसके बाद यात्रियों में हाहाकार मच गया। डिपो के अधिकारियों को भी पसीना छूट आया और उन्हें सूझ नहीं रहा था कि अब क्या जाए।
विज्ञापन

कानपुर, लखनऊ, दिल्ली, सुल्तानपुर व प्रतापगढ़ जाने के लिए सबसे ज्यादा यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यह समस्या सिर्फ सोमवार को ही नहीं बल्कि मंगलवार और बुधवार तक उठानी पड़ेगी। वजह प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के बाद ही बसें डिपों में वापस आएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुबह से ही गतंव्य पर पहुंचने के लिए लोग बस स्टेशन पहुंचने लगे। बसें स्टेशन पर पहुंचतीं तो उस पर बैठने के लिए मारामारी मच जाती। परिचालक किसी तरह लोगों को शांत कराते। बसों की कमी से मुसाफिर इस कदर परेशान रहे कि रायबरेली डिपो के एआरएम को मौके पर पहुंचकर लोगों से बात करके उन्हें समझाना पड़ा।
एआरएम के सामने ही लोग अपनी व्यथा बताने लगे। एआरएम भी यात्रियों को जल्द गतंव्य तक पहुंचाने का दावा करते रहे।
रायबरेली डिपो के अधिकारियों ने बसों की ट्रिपों का बढ़ाने का दावा किया जो पूरी तरह से खोखला साबित हुआ। मुख्य मार्गों के साथ ही पाकेट रूटों पर भी बसों की कमी से यात्री बेहाल रहे। सबसे ज्यादा उन यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी जिन्हें इलाज के लिए लखनऊ या फिर दिल्ला जाना था। नौकरी पेशा लोग भी समय से ड्यूटी नहीं पहुंच पाए, उनमें भी नाराजगी रही।
मौजूदा समय में रायबरेली डिपो में निगम की 84 जबकि 87 अनुबंधित बसों का संचालन किया जा रहा है। इनमें से 15 से ज्यादा बसें खराब रहती हैं। बसों की कमी के चलते पॉकेट रूटों पर जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सतांव, खीरों, लालगंज, बछरावां, सलोन, ऊंचाहार व डलमऊ जाने वाले यात्रियों को जान जोखिम में डालकर टेंपो और वैन का सहारा लेना पड़ा।
बस स्टेशन पर यात्रियों में अफरातफरी मची रही। कोई बस पहुंचती तो उस पर सवार होने के लिए लोग आपस में धक्का-मुक्की करने लगते। यात्री सुनील कुमार और महेश कुमार को कानपुर जाना था। पांच घंटे से कानपुर जाने के लिए बस स्टेशन पर बैठे थे लेकिन बस नहीं मिली। एक बस पहुंची भी लेकिन उस पर इतने लोग सवार थे कि पैर रखने की तक की जगह नहीं थी। सुनील और महेश का कहना रहा कि अब दूसरी बस आने पर ही जाएंगे, वरना ट्रक का सहारा लेंगे।
बस स्टेशन पर मौजूद यात्री दीपू सिंह और रिजवान को लालगंज जाना था। दो घंटे से बस के इंतजार में बैठे थे लेकिन बस नहीं मिली। इससे दोनों बेहद परेशान दिखे। उनका कहना रहा कि नेताओं के साथ ही यात्रियों का भी ख्याल रखना चाहिए। अब टेंपो या फिर जीप से ही घर जाना पड़ेगा।
वहीं पर बैठे यात्री वरुण कुमार भी बेहद खफा दिखे। बताया कि जरूरी काम से कानपुर जाना था। एक घंटे हो गए लेकिन बस अभी नहीं आई। अफसरों को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में बस भेजनी थी तो अतिरिक्त बसों का इंतजाम तो कर लेते।
एक बस दिल्ली जाने के लिए स्टेशन पर पहुंची। कुछ लोगों को उन्नाव और कानपुर जाना था। लोग जब परिचालक के पास पहुंचे तो उनका जवाब था कि पहले दिल्ली का टिकट लेना हो तो लो। यदि दिल्ली के लिए यात्री नहीं मिलेंगे तभी कानपुर व उन्नाव वाले यात्रियों को बस में जगह दी जाएगी। इससे यात्री संतराम यादव और विवेक वर्मा बेहद खफा दिखे। उनका कहना था कि काफी देर बाद भी बस नहीं मिल पाई है।

एआरएम अक्षय कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए 75 बसें लगाई गई हैं। बसों की कमी के कारण कानपुर, लखनऊ, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ व दिल्ली जाने वाले यात्रियों को दिक्कतें हो रही हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए बसों की ट्रिप बढ़ा दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed