{"_id":"619d381b7c5a3203e9687cae","slug":"the-area-of-29-villages-of-ganga-katri-area-will-become-green-belt-raibaraily-news-lko605802599","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा कटरी क्षेत्र के 29 गांवों का इलाका बनेगा ग्रीन बेल्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा कटरी क्षेत्र के 29 गांवों का इलाका बनेगा ग्रीन बेल्ट
विज्ञापन
रायबरेली। गंगा कटरी क्षेत्र के 29 गांवों के इलाके को ग्रीन बेल्ट बनाया जाएगा। केंद्र सरकार की नमामि गंगे योजना के तहत होने वाले इस काम में किसानों की मदद लेकर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने की मंशा है। योजना में किसान आंवला, आम, नींबू, आंवला के पौधे राजकीय पौधशालाओं से खरीदकर लगाएंगे।
इसका बिल किसान विभाग में जमा करेंगे, जिसके बाद किसानों का भुगतान उनके खाते में सीधे तौर पर भेजा जाएगा। पौधे जीवित रहने पर हर किसान को प्रतिमाह तीन हजार रुपये भी मिलेंगे। ऐसा होने से कटरी क्षेत्र में खाली पड़ी किसानों की जमीन भी परती नहीं रहेगी। योजना के लिए शासन से बजट भी मिल गया है।
जिले के लालगंज, सरेनी, डलमऊ, सरेनी, दीनशाहगौरा, ऊंचाहार ब्लॉक से होकर गंगा नदी गुजरी है। गंगा में बाढ़ की वजह से कटरी क्षेत्र के लोगों को न सिर्फ मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, बल्कि उनकी फसलें भी नष्ट हो जाती हैं। जमीन भी परती रह जाती है। इससे कटरी क्षेत्र का अधिकतर हिस्सा वीरान रहता है।
विज्ञापन
जमीन खाली पड़ी रहती और उस पर किसी तरह की कोई फसल नहीं हो पाती है। इससे किसानों के सामने दो वक्त रोजी-रोटी का संकट आ खड़ा हो जाता है। ऐेसे में अब केंद्र सरकार की नमामि गंगे योजना के तहत जिला उद्यान विभाग के माध्यम से कटरी क्षेत्र के 29 गांवों के इलाके को हरा भरा बनाने के लिए खाका तैयार किया गया है।
पौधे लगने से जहां क्षेत्र हरा-भरा हो सकेगा, वहीं पौधे जीवित रहने पर किसानों को प्रति माह तीन हजार रुपये भी दिए जाएंगे। इसके लिए विभाग को तीन लाख 90 हजार रुपये का बजट मिला है।
चार हेक्टेयर तक का मिलेगा लाभ
एक बीघा से लेकर चार हेक्टेयर क्षेत्रफल पर किसान पौधे रोप सकते हैं। योजना का लाभ पाने के लिए किसानों को जिला उद्यान विभाग में आधार कार्ड, बैंक पासबुक की कॉपी, जमीन की खतौनी, मोबाइल नंबर और दो फोटो जमा करके अपना पंजीकरण कराना होगा। किसान स्वयं पैसा लगाकर पौधे खरीदकर लगाएंगे। इसके बाद विभाग उनका भुगतान करेगा।
दस्तावेज मिलने पर जांच कराकर किसानों को योजना से लाभान्वित करने का काम किया जाएगा।
इन गांवों का एरिया बनेगा ग्रीन बेल्ट
डलमऊ ब्लॉक क्षेत्र के कनहा, डलमऊ, चकमलिकभीटी, दीनशाहगौरा ब्लॉक क्षेत्र के हमीरमऊ, पयागपुर, भगवंतपुर चंदनिहा, कल्यानपुर बैंती, धीरनपुर, लालगंज ब्लॉक क्षेत्र के खजूरगांव, जनेवा कटरा, गेगासो, सरेनी ब्लॉक क्षेत्र के रालपुर, सिंघौरतारा, हरीपुर, गहरौली, निसगर, कोटिया एहतमाली, मथुरपुर, सरायं खांडे, जगन्नाथपुर, हिलौली, बैरुआ, रामपुरकला, सैदापुर, ऊंचाहार ब्लॉक क्षेत्र के कल्यानी, गोकना मुस्तकिल, कोटरा बहादुरगंज, जब्बारीपुर, खरौली गांव के एरिया को ग्रीन बेल्ट बनाने के लिए चयन किया गया है।
केंद्र सरकार की नमामि गंगे योजना के तहत कटरी क्षेत्र के 29 गांवों को हरा भरा बनाया जाएगा। योजना के तहत कटरी क्षेत्र में किसानों की खाली पड़ी जमीन जहां प्रयोग में लाई जा सकेगी, वहीं पौधे जीवित रहने पर उन्हें प्रति माह तीन हजार रुपये भी मिल सकेंगे। इसके लिए बजट मिल गया है। योजना पर काम शुरू करा दिया गया है। योजना का लाभ पाने के लिए किसान कार्यालय आकर सारी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
केशवराम चौधरी, जिला उद्यान अधिकारी
विज्ञापन
इसका बिल किसान विभाग में जमा करेंगे, जिसके बाद किसानों का भुगतान उनके खाते में सीधे तौर पर भेजा जाएगा। पौधे जीवित रहने पर हर किसान को प्रतिमाह तीन हजार रुपये भी मिलेंगे। ऐसा होने से कटरी क्षेत्र में खाली पड़ी किसानों की जमीन भी परती नहीं रहेगी। योजना के लिए शासन से बजट भी मिल गया है।
विज्ञापन
जिले के लालगंज, सरेनी, डलमऊ, सरेनी, दीनशाहगौरा, ऊंचाहार ब्लॉक से होकर गंगा नदी गुजरी है। गंगा में बाढ़ की वजह से कटरी क्षेत्र के लोगों को न सिर्फ मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, बल्कि उनकी फसलें भी नष्ट हो जाती हैं। जमीन भी परती रह जाती है। इससे कटरी क्षेत्र का अधिकतर हिस्सा वीरान रहता है।
विज्ञापन
जमीन खाली पड़ी रहती और उस पर किसी तरह की कोई फसल नहीं हो पाती है। इससे किसानों के सामने दो वक्त रोजी-रोटी का संकट आ खड़ा हो जाता है। ऐेसे में अब केंद्र सरकार की नमामि गंगे योजना के तहत जिला उद्यान विभाग के माध्यम से कटरी क्षेत्र के 29 गांवों के इलाके को हरा भरा बनाने के लिए खाका तैयार किया गया है।
पौधे लगने से जहां क्षेत्र हरा-भरा हो सकेगा, वहीं पौधे जीवित रहने पर किसानों को प्रति माह तीन हजार रुपये भी दिए जाएंगे। इसके लिए विभाग को तीन लाख 90 हजार रुपये का बजट मिला है।
चार हेक्टेयर तक का मिलेगा लाभ
एक बीघा से लेकर चार हेक्टेयर क्षेत्रफल पर किसान पौधे रोप सकते हैं। योजना का लाभ पाने के लिए किसानों को जिला उद्यान विभाग में आधार कार्ड, बैंक पासबुक की कॉपी, जमीन की खतौनी, मोबाइल नंबर और दो फोटो जमा करके अपना पंजीकरण कराना होगा। किसान स्वयं पैसा लगाकर पौधे खरीदकर लगाएंगे। इसके बाद विभाग उनका भुगतान करेगा।
दस्तावेज मिलने पर जांच कराकर किसानों को योजना से लाभान्वित करने का काम किया जाएगा।
इन गांवों का एरिया बनेगा ग्रीन बेल्ट
डलमऊ ब्लॉक क्षेत्र के कनहा, डलमऊ, चकमलिकभीटी, दीनशाहगौरा ब्लॉक क्षेत्र के हमीरमऊ, पयागपुर, भगवंतपुर चंदनिहा, कल्यानपुर बैंती, धीरनपुर, लालगंज ब्लॉक क्षेत्र के खजूरगांव, जनेवा कटरा, गेगासो, सरेनी ब्लॉक क्षेत्र के रालपुर, सिंघौरतारा, हरीपुर, गहरौली, निसगर, कोटिया एहतमाली, मथुरपुर, सरायं खांडे, जगन्नाथपुर, हिलौली, बैरुआ, रामपुरकला, सैदापुर, ऊंचाहार ब्लॉक क्षेत्र के कल्यानी, गोकना मुस्तकिल, कोटरा बहादुरगंज, जब्बारीपुर, खरौली गांव के एरिया को ग्रीन बेल्ट बनाने के लिए चयन किया गया है।
केंद्र सरकार की नमामि गंगे योजना के तहत कटरी क्षेत्र के 29 गांवों को हरा भरा बनाया जाएगा। योजना के तहत कटरी क्षेत्र में किसानों की खाली पड़ी जमीन जहां प्रयोग में लाई जा सकेगी, वहीं पौधे जीवित रहने पर उन्हें प्रति माह तीन हजार रुपये भी मिल सकेंगे। इसके लिए बजट मिल गया है। योजना पर काम शुरू करा दिया गया है। योजना का लाभ पाने के लिए किसान कार्यालय आकर सारी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
केशवराम चौधरी, जिला उद्यान अधिकारी