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पांच लाख घरों में दस्तक देंगी टीमें, ढूंढेंगे मरीज व टीके से वंचित लोग
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रायबरेली। जिले में कोरोना संक्रमण को रोकने और टीके से वंचित लोगों को चिह्नित करने के लिए विशेष सर्वे होगा। इसके लिए 3500 टीमें गठित की गई है।
ये टीमें जिले के पांच लाख घरों में पहुंचकर दो साल से कम उम्र के रूटीन टीके व टीके से वंचित बुजुर्गों को चिह्नित करेंगी। साथ ही कोरोना के लक्षणों जुकाम, बुखार और खांसी से ग्रसित मरीजों की सूची भी तैयार की जाएगी। यह अभियान 24 जनवरी से पांच दिनों के लिए संचालित होगा।
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि सर्वे शुरू कराने के लिए शासन से पत्र आ गया है। पल्स पोलियो अभियान की भांति यह सर्वे कराया जाएगा। दो-दो सदस्यों की टीम घरों में पहुंचकर सर्वे करेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों की टीम में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को शामिल किया गया है। कोविड के लक्षणयुक्त व्यक्तियों, नियमित टीकाकरण से वंचित दो वर्ष तक के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक उम्र के कोविड टीके की पहली खुराक न प्राप्त करने वाले बुजुर्गों को चिह्नित कर सूचीबद्ध किया जाएगा।
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सीएमओ ने बताया कि कोरोना लक्षण वाले लोगों को मौके पर ही टीम मेडिकल किट उपलब्ध कराएगी। 24 से 29 जनवरी तक माइक्रो प्लान बनाकर अभियान चलाया जाएगा।
26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का राष्ट्रीय अवकाश होने पर यह अभियान नहीं चलेगा। 29 जनवरी को होने वाला नियमित टीकाकरण सत्र 31 जनवरी को आयोजित किया जाएगा।
लक्षण वाले मरीजों को कोविड जांच केंद्रों पर भेजेंगे
जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया कि कोरोना के लक्षण वाले जो भी लोग मिलेंगे, उन्हें मौके पर ही दवा किट देने के साथ ही जांच के लिए उन्हें नजदीक के कोरोना जांच सेंटर पर भेजा जाएगा। सर्वेक्षण के पूरा होने पर प्रत्येक घर जागरूकता के लिए स्वास्थ्य टीम पहुंचकर स्टीकर लगाएगी।
सीवियर एक्यूट रेस्परेटरी इंफेक्शन का रोगी मिलने पर पल्स ऑक्सीमीटर से उसकी जांच कर तत्काल इसकी सूचना पर्यवेक्षक के माध्यम से संबंधित अधिकारी को दी जाएगी। जिले में रैपिड रिस्पांस टीम को तैयार रखा जाएगा, जिससे सूचना प्राप्त होते ही आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
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ये टीमें जिले के पांच लाख घरों में पहुंचकर दो साल से कम उम्र के रूटीन टीके व टीके से वंचित बुजुर्गों को चिह्नित करेंगी। साथ ही कोरोना के लक्षणों जुकाम, बुखार और खांसी से ग्रसित मरीजों की सूची भी तैयार की जाएगी। यह अभियान 24 जनवरी से पांच दिनों के लिए संचालित होगा।
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि सर्वे शुरू कराने के लिए शासन से पत्र आ गया है। पल्स पोलियो अभियान की भांति यह सर्वे कराया जाएगा। दो-दो सदस्यों की टीम घरों में पहुंचकर सर्वे करेगी।
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ग्रामीण क्षेत्रों की टीम में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को शामिल किया गया है। कोविड के लक्षणयुक्त व्यक्तियों, नियमित टीकाकरण से वंचित दो वर्ष तक के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक उम्र के कोविड टीके की पहली खुराक न प्राप्त करने वाले बुजुर्गों को चिह्नित कर सूचीबद्ध किया जाएगा।
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सीएमओ ने बताया कि कोरोना लक्षण वाले लोगों को मौके पर ही टीम मेडिकल किट उपलब्ध कराएगी। 24 से 29 जनवरी तक माइक्रो प्लान बनाकर अभियान चलाया जाएगा।
26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का राष्ट्रीय अवकाश होने पर यह अभियान नहीं चलेगा। 29 जनवरी को होने वाला नियमित टीकाकरण सत्र 31 जनवरी को आयोजित किया जाएगा।
लक्षण वाले मरीजों को कोविड जांच केंद्रों पर भेजेंगे
जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया कि कोरोना के लक्षण वाले जो भी लोग मिलेंगे, उन्हें मौके पर ही दवा किट देने के साथ ही जांच के लिए उन्हें नजदीक के कोरोना जांच सेंटर पर भेजा जाएगा। सर्वेक्षण के पूरा होने पर प्रत्येक घर जागरूकता के लिए स्वास्थ्य टीम पहुंचकर स्टीकर लगाएगी।
सीवियर एक्यूट रेस्परेटरी इंफेक्शन का रोगी मिलने पर पल्स ऑक्सीमीटर से उसकी जांच कर तत्काल इसकी सूचना पर्यवेक्षक के माध्यम से संबंधित अधिकारी को दी जाएगी। जिले में रैपिड रिस्पांस टीम को तैयार रखा जाएगा, जिससे सूचना प्राप्त होते ही आवश्यक कार्रवाई की जा सके।