{"_id":"60a523f58ebc3e384c6a92f2","slug":"teacher-raibaraily-news-lko5786832175","type":"story","status":"publish","title_hn":"नियुक्ति पाने के छह माह बाद भी नहीं मिला वेतन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नियुक्ति पाने के छह माह बाद भी नहीं मिला वेतन
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रायबरेली। बेसिक शिक्षा विभाग में 145 शिक्षक ऐसे हैं, जो पिछले छह महीने में वेतन के बगैर काम कर रहे हैं। अभी इन लोगों को वेतन मिलना शुरू नहीं हो सका है।
शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन में ढिलाई की वजह से वेतन मिलने में बाधा आ रही है। सत्यापन पूरा होते ही इन्हें भी वेतन मिलना शुरू हो जाएगा। जिले में नवनियुक्त 475 शिक्षकों का वेतन पहले ही निर्गत किया जा चुका है।
प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पदों पर हुई भर्ती प्रक्रिया के तहत इस जिले में 620 शिक्षकों को नियुक्तियां मिली थीं। इन्हें विद्यालय भी आवंटित कर दिए गए थे। नियुक्ति के बाद नए शिक्षकों को वेतन का इंतजार रहता है।
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वेतन निर्गत करने से पहले शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन जरूरी होता है। जिन अभ्यर्थियों के शैक्षिक अभिलेखों का आनलाइन सत्यापन हो गया, उन्हें जल्दी ही वेतन निर्गत करने का आदेश जारी हो गया।
बाकी लोगों के अभिलेखों का सत्यापन संबंधित बोर्डों या विश्वविद्यालयों से कराया जाता रहा। जैसे-जैसे सत्यापन आख्या मिलती रही, वैसे-वैसे वेतन निर्गत का आदेश जारी होता रहा।
सहायक अध्यापक भर्ती के अंतर्गत जिले में नवनियुक्त 620 शिक्षकों में से 475 शिक्षकों का वेतन निर्गत किया जा चुका है, जबकि 145 शिक्षक पिछले छह महीने से वेतन शुरू होने की राह देख रहे हैं।
विभागीय सूत्र बताते हैं कि इन शिक्षकों के अभिलेखों का सत्यापन कार्य कानपुर और लखनऊ विश्वविद्यालय में लंबित है। कुछ मामलों में यूपी बोर्ड से भी सत्यापन रिपोर्ट नहीं आई है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश शर्मा का कहना है कि अब तक 475 शिक्षकों का वेतन निर्गत कराया जा चुका है। जिन 145 शिक्षकों का वेतन शुरू नहीं हुआ है, उनके अभिलेखों का सत्यापन नहीं हो सका है।
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शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन में ढिलाई की वजह से वेतन मिलने में बाधा आ रही है। सत्यापन पूरा होते ही इन्हें भी वेतन मिलना शुरू हो जाएगा। जिले में नवनियुक्त 475 शिक्षकों का वेतन पहले ही निर्गत किया जा चुका है।
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प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पदों पर हुई भर्ती प्रक्रिया के तहत इस जिले में 620 शिक्षकों को नियुक्तियां मिली थीं। इन्हें विद्यालय भी आवंटित कर दिए गए थे। नियुक्ति के बाद नए शिक्षकों को वेतन का इंतजार रहता है।
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वेतन निर्गत करने से पहले शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन जरूरी होता है। जिन अभ्यर्थियों के शैक्षिक अभिलेखों का आनलाइन सत्यापन हो गया, उन्हें जल्दी ही वेतन निर्गत करने का आदेश जारी हो गया।
बाकी लोगों के अभिलेखों का सत्यापन संबंधित बोर्डों या विश्वविद्यालयों से कराया जाता रहा। जैसे-जैसे सत्यापन आख्या मिलती रही, वैसे-वैसे वेतन निर्गत का आदेश जारी होता रहा।
सहायक अध्यापक भर्ती के अंतर्गत जिले में नवनियुक्त 620 शिक्षकों में से 475 शिक्षकों का वेतन निर्गत किया जा चुका है, जबकि 145 शिक्षक पिछले छह महीने से वेतन शुरू होने की राह देख रहे हैं।
विभागीय सूत्र बताते हैं कि इन शिक्षकों के अभिलेखों का सत्यापन कार्य कानपुर और लखनऊ विश्वविद्यालय में लंबित है। कुछ मामलों में यूपी बोर्ड से भी सत्यापन रिपोर्ट नहीं आई है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश शर्मा का कहना है कि अब तक 475 शिक्षकों का वेतन निर्गत कराया जा चुका है। जिन 145 शिक्षकों का वेतन शुरू नहीं हुआ है, उनके अभिलेखों का सत्यापन नहीं हो सका है।