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ओलंपिक में सुधा की कामयाबी का यकीन
रायबरेली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 31 Aug 2015 11:56 PM IST
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एथलेटिक्स खिलाड़ी सुधा सिंह की उपलब्धियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। एशियन गेम्स में पदक मिलने के बाद उसे अब रियो ओलंपिक के लिए मौका मिल गया है।
सभी को सुधा से उम्मीद है कि वह ओलंपिक में भी मेडल लाकर देश का गौरव बढ़ाएगी। ओलंपिक में उसके चुनाव से घरवाले खुशी से फूले नही समा रहे हैं।
शिवाजी नगर निवासी हरिनारायण सिंह जो आईटीआई में क्लर्क हैं की बेटी सुधा पर पूरा जिला नाज करता है। बताते हैं बेटी इस बार ओलंपिक में पदक लाकर देश का मान बढ़ाएगी।
एथलेटिक्स में कैरियर संवारने के लिए सुधा सिंह ने वर्ष 2003 में स्पोर्ट्स हॉस्टल लखनऊ में दाखिला लिया। स्टीपल चेज की खिलाड़ी सुधा ने जिंदगी की दौड़ में किसी बाधा को सफलता के आडे़ नहीं आने दिया।
यही वजह है कि करीब 13 साल में सभी महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में पदक हासिल किया। एशियन गेम्स ने तो उसकी किस्मत ही बदल दी। वर्ष 2010 स्वर्ण पदक और 2014 में कांस्य पदक हासिल किया।
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सभी को सुधा से उम्मीद है कि वह ओलंपिक में भी मेडल लाकर देश का गौरव बढ़ाएगी। ओलंपिक में उसके चुनाव से घरवाले खुशी से फूले नही समा रहे हैं।
शिवाजी नगर निवासी हरिनारायण सिंह जो आईटीआई में क्लर्क हैं की बेटी सुधा पर पूरा जिला नाज करता है। बताते हैं बेटी इस बार ओलंपिक में पदक लाकर देश का मान बढ़ाएगी।
एथलेटिक्स में कैरियर संवारने के लिए सुधा सिंह ने वर्ष 2003 में स्पोर्ट्स हॉस्टल लखनऊ में दाखिला लिया। स्टीपल चेज की खिलाड़ी सुधा ने जिंदगी की दौड़ में किसी बाधा को सफलता के आडे़ नहीं आने दिया।
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यही वजह है कि करीब 13 साल में सभी महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में पदक हासिल किया। एशियन गेम्स ने तो उसकी किस्मत ही बदल दी। वर्ष 2010 स्वर्ण पदक और 2014 में कांस्य पदक हासिल किया।
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