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नए सत्र में पुरानी किताबों से पढेंग़े नौनिहाल
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रायबरेली। एक अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू हो जाएगा और बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में नामांकन होने लगेंगे, लेकिन बच्चों को नई पाठ्य पुस्तकें नहीं मिल सकेंगी। उन्हें नए सत्र में भी पुरानी किताबों से ही पढ़ना होगा। इसके लिए वर्तमान सत्र में पढ़ रहे बच्चों से किताबें इसी महीने जमा करा ली जाएंगी, ताकि नया सत्र शुरू होने पर नवीन नामांकन कराने वाले बच्चों को किताबें बांटी जा सकें।
वर्तमान शैक्षिक सत्र 2021-22 में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को पाठ्य पुस्तकें और कार्य पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई गई थीं। इस जिले में नामांकित 2.97 लाख बच्चों के लिए 16.40 लाख पाठ्य पुस्तकें और छह लाख से अधिक कार्य पुस्तिकाएं मिली थीं, जिन्हें बच्चों में बांट दिया गया था। अब यह शैक्षिक सत्र समाप्त होने वाला है। वार्षिक परीक्षाएं 22 से 26 मार्च तक कराने के बाद 31 मार्च को परीक्षाफल वितरित कर दिया जाएगा। ऐसे में बच्चों से 31 मार्च से पहले ही किताबें जमा करा लेनी होंगी, ताकि नया शैक्षिक सत्र शुरू होने पर नवीन नामांकन कराने वाले बच्चों को यही किताबें उपलब्ध कराई जा सकें।
शिक्षा निदेशक (बेसिक) डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने एक अप्रैल से शुरू हो रहे नवीन शैक्षिक सत्र के लिए पाठ्य पुस्तकों के वितरण की अंतरिम व्यवस्था के संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि शैक्षिक सत्र 2022-23 एक अप्रैल से शुरू हो रहा है। नवीन पाठ्य पुस्तकों के मुद्रण में अपरिहार्य कारणवश विलंब हो रहा है। इस वजह से शैक्षिक सत्र 2021-22 में कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं को बांटी गई निशुल्क पाठ्य पुस्तकें जमा करा ली जाएं।
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यही पुस्तकें अंतरिम व्यवस्था के तहत शैक्षिक सत्र 2022-23 में छात्र-छात्राओं को बांटने की व्यवस्था कराई जाए। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शिक्षा निदेशक ने पाठ्य पुस्तकों के वितरण की अंतरिम व्यवस्था के संबंध में पत्र भेजा है, जिसका अनुपालन कराने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है।
अप्रैल में शुरू होने वाले नए शैक्षिक सत्र में भले ही बच्चों को पुरानी किताबें दी जाएंगी, लेकिन इन्हें बाद में वापस ले लिया जाएगा। जिला समन्वयक (सामुदायिक) डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि नवीन पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध हो जाने पर उन्हें बच्चों को वितरित करा दिया जाएगा। ऐसे में उन्हें दी गई पुरानी पाठ्य पुस्तकें वापस ली जाएंगी। यानि कि जब तक नहीं किताबें नहीं आ जाती हैं, तब तक बच्चे पुरानी किताबों से पढ़ेंगे। नई किताबें आने पर उन्हें बच्चों को देकर पुरानी जमा करा ली जाएंगी।
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वर्तमान शैक्षिक सत्र 2021-22 में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को पाठ्य पुस्तकें और कार्य पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई गई थीं। इस जिले में नामांकित 2.97 लाख बच्चों के लिए 16.40 लाख पाठ्य पुस्तकें और छह लाख से अधिक कार्य पुस्तिकाएं मिली थीं, जिन्हें बच्चों में बांट दिया गया था। अब यह शैक्षिक सत्र समाप्त होने वाला है। वार्षिक परीक्षाएं 22 से 26 मार्च तक कराने के बाद 31 मार्च को परीक्षाफल वितरित कर दिया जाएगा। ऐसे में बच्चों से 31 मार्च से पहले ही किताबें जमा करा लेनी होंगी, ताकि नया शैक्षिक सत्र शुरू होने पर नवीन नामांकन कराने वाले बच्चों को यही किताबें उपलब्ध कराई जा सकें।
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शिक्षा निदेशक (बेसिक) डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने एक अप्रैल से शुरू हो रहे नवीन शैक्षिक सत्र के लिए पाठ्य पुस्तकों के वितरण की अंतरिम व्यवस्था के संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि शैक्षिक सत्र 2022-23 एक अप्रैल से शुरू हो रहा है। नवीन पाठ्य पुस्तकों के मुद्रण में अपरिहार्य कारणवश विलंब हो रहा है। इस वजह से शैक्षिक सत्र 2021-22 में कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं को बांटी गई निशुल्क पाठ्य पुस्तकें जमा करा ली जाएं।
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यही पुस्तकें अंतरिम व्यवस्था के तहत शैक्षिक सत्र 2022-23 में छात्र-छात्राओं को बांटने की व्यवस्था कराई जाए। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शिक्षा निदेशक ने पाठ्य पुस्तकों के वितरण की अंतरिम व्यवस्था के संबंध में पत्र भेजा है, जिसका अनुपालन कराने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है।
अप्रैल में शुरू होने वाले नए शैक्षिक सत्र में भले ही बच्चों को पुरानी किताबें दी जाएंगी, लेकिन इन्हें बाद में वापस ले लिया जाएगा। जिला समन्वयक (सामुदायिक) डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि नवीन पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध हो जाने पर उन्हें बच्चों को वितरित करा दिया जाएगा। ऐसे में उन्हें दी गई पुरानी पाठ्य पुस्तकें वापस ली जाएंगी। यानि कि जब तक नहीं किताबें नहीं आ जाती हैं, तब तक बच्चे पुरानी किताबों से पढ़ेंगे। नई किताबें आने पर उन्हें बच्चों को देकर पुरानी जमा करा ली जाएंगी।