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सोनिया ने गांव में लगाई चौपाल, अपनों का सुना दर्द
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 12 Feb 2016 01:03 AM IST
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घड़ी की सुई में दोपहर के 12 बजे थे। सरदार का पुरवा गांव के सुरेंद्र के दरवाजे पर आकर एक काफिला रुकता है। ग्रामीण अचानक गांव में गाड़ी से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को नीचे उतरते देखते हैं तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहता।
कामकाज छोड़ सब उनके पास पहुंच जाते हैं और फिर उन्हें तख्त पर ले जाकर बैठा देते हैं। और इसके साथ ही शुरू हो जाती है सोनिया के अपने संसदीय क्षेत्र के गांव में सांसद की चौपाल। गांव की कुसुमा, शांति, शिवकली ने पीड़ा बयां करते हुए कहा कि दुसरा साल लगि गवा, अबौ तक फसल नुकसान का मुआवजा नाहीं मिला, घर मा कुछ खाय का नाहीं ना, लरिका भुखन मर जइहैं।
पेंशन मिलत रही, वाहौ कटि गयै। पहले धान और फिर गेहूं दैव बर्बाद कर दिहिस। इस पर सोनिया ने कहा कि हम दिखवाएंगे, परेशान मत हो। सोनिया गांधी अमावां ब्लॉक क्षेत्र के संदी नागिन, संदी राम, सरदार का पुरवा, रुकुनपुर, गोविंद का पुरवा, अमावां, पहरेमऊ आदि गांवों में पहुंचीं तो उनके सामने इसी तरह की पीड़ा की गूंज रही।
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हर सवाल पर उनका बस एक ही जवाब, हम दिखवाएंगे। संदी नागिन में जब फाइलेरिया की वजह से चलने फिरने में लाचार देशराज ने जाना कि सोनिया गांव आई हैं तो वह लाठी टेकता हुआ पहुंच गया। उसने बताया कि गरीबी के कारण परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। पेंशन नहीं मिल रही है।
इलाज नहीं हो पा रहा है। बेटी की 21 अप्रैल को शादी भी है। सोनिया ने देशराज का इलाज कराने का भरोसा दिया। इस दौरान देशराज ने बेटी पूजा की शादी में आने का निमंत्रण दिया। यहीं पर दुलारा, सुंदारा ने पेंशन बंधवाने की बात कही।
संदी राम गांव में भी सोनिया का काफिला रुका तो विद्यावती, रामसुमेर, राजवीर ने गांव की ड्रेन में पानी न आने का दुखड़ा रोया। गोविंद का पुरवा में प्रभा देवी, सुंदरी, मालती, पार्वती ने कहा घर कच्चा है। इंदिरा आवास भी नहीं बनवाया गया। सरदार का पुरवा में करीब 20 मिनट तक सोनिया ग्रामीणों के बीच रहीं।
जब 2014 में गेहूं फसल के नुकसान का मुआवजा न मिलने की शिकायत की गई तो सोनिया ने पूछा कि किसी को भी नहीं मिला? इस पर ग्रामीणों ने जवाब दिया, नहीं मिला। संसदीय क्षेत्र के भ्रमण के दौरान सोनिया गांधी ने रास्ते में प्राथमिक स्कूल अमावां प्रथम देखा तो काफिला रुकवा दिया।
इसके बाद वे बच्चों से मिलीं और एमडीएम के बारे में जाना। कक्षा तीन के छात्र विकास सिंह से पूछा कि पढ़ाई कैसी चल रही है। इस पर छात्र ने जवाब दिया बढ़िया। शिक्षिका बबिता से पूछा क्या बना है तो उन्होंने जवाब दिया सब्जी, रोटी। उन्होंने बच्चों से मेहनत से पढ़ाई करने की बात कही। सोनिया ने अमावां स्थित झारखंडेश्वर शिव मंदिर में पहुंचकर माथा टेका।
सरदार का पुरवा गांव में सोनिया गांधी ग्रामीणों से विकास कार्यों की बाबत पूछताछ कर रहीं थीं। इसी दौरान मीडिया कर्मी ग्रामीणों से पूछताछ करने लगे। इस पर सोनिया खफा हो गईं। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि आपकी समस्या हम दूर करेंगे। मीडिया वाले नहीं। इस पर एसपीजी ने मीडिया कर्मियों को बाहर कर दिया।
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कामकाज छोड़ सब उनके पास पहुंच जाते हैं और फिर उन्हें तख्त पर ले जाकर बैठा देते हैं। और इसके साथ ही शुरू हो जाती है सोनिया के अपने संसदीय क्षेत्र के गांव में सांसद की चौपाल। गांव की कुसुमा, शांति, शिवकली ने पीड़ा बयां करते हुए कहा कि दुसरा साल लगि गवा, अबौ तक फसल नुकसान का मुआवजा नाहीं मिला, घर मा कुछ खाय का नाहीं ना, लरिका भुखन मर जइहैं।
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पेंशन मिलत रही, वाहौ कटि गयै। पहले धान और फिर गेहूं दैव बर्बाद कर दिहिस। इस पर सोनिया ने कहा कि हम दिखवाएंगे, परेशान मत हो। सोनिया गांधी अमावां ब्लॉक क्षेत्र के संदी नागिन, संदी राम, सरदार का पुरवा, रुकुनपुर, गोविंद का पुरवा, अमावां, पहरेमऊ आदि गांवों में पहुंचीं तो उनके सामने इसी तरह की पीड़ा की गूंज रही।
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हर सवाल पर उनका बस एक ही जवाब, हम दिखवाएंगे। संदी नागिन में जब फाइलेरिया की वजह से चलने फिरने में लाचार देशराज ने जाना कि सोनिया गांव आई हैं तो वह लाठी टेकता हुआ पहुंच गया। उसने बताया कि गरीबी के कारण परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। पेंशन नहीं मिल रही है।
इलाज नहीं हो पा रहा है। बेटी की 21 अप्रैल को शादी भी है। सोनिया ने देशराज का इलाज कराने का भरोसा दिया। इस दौरान देशराज ने बेटी पूजा की शादी में आने का निमंत्रण दिया। यहीं पर दुलारा, सुंदारा ने पेंशन बंधवाने की बात कही।
संदी राम गांव में भी सोनिया का काफिला रुका तो विद्यावती, रामसुमेर, राजवीर ने गांव की ड्रेन में पानी न आने का दुखड़ा रोया। गोविंद का पुरवा में प्रभा देवी, सुंदरी, मालती, पार्वती ने कहा घर कच्चा है। इंदिरा आवास भी नहीं बनवाया गया। सरदार का पुरवा में करीब 20 मिनट तक सोनिया ग्रामीणों के बीच रहीं।
जब 2014 में गेहूं फसल के नुकसान का मुआवजा न मिलने की शिकायत की गई तो सोनिया ने पूछा कि किसी को भी नहीं मिला? इस पर ग्रामीणों ने जवाब दिया, नहीं मिला। संसदीय क्षेत्र के भ्रमण के दौरान सोनिया गांधी ने रास्ते में प्राथमिक स्कूल अमावां प्रथम देखा तो काफिला रुकवा दिया।
इसके बाद वे बच्चों से मिलीं और एमडीएम के बारे में जाना। कक्षा तीन के छात्र विकास सिंह से पूछा कि पढ़ाई कैसी चल रही है। इस पर छात्र ने जवाब दिया बढ़िया। शिक्षिका बबिता से पूछा क्या बना है तो उन्होंने जवाब दिया सब्जी, रोटी। उन्होंने बच्चों से मेहनत से पढ़ाई करने की बात कही। सोनिया ने अमावां स्थित झारखंडेश्वर शिव मंदिर में पहुंचकर माथा टेका।
सरदार का पुरवा गांव में सोनिया गांधी ग्रामीणों से विकास कार्यों की बाबत पूछताछ कर रहीं थीं। इसी दौरान मीडिया कर्मी ग्रामीणों से पूछताछ करने लगे। इस पर सोनिया खफा हो गईं। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि आपकी समस्या हम दूर करेंगे। मीडिया वाले नहीं। इस पर एसपीजी ने मीडिया कर्मियों को बाहर कर दिया।