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पिंडारी खुर्द के प्रधान समेत छह शराब माफिया गिरफ्तार, सरगना फरार
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महराजगंज/शिवगढ़ (रायबरेली)। पुलिस और एसओजी ने गुरुवार को शिवगढ़ क्षेत्र के बेड़ारू गांव में छापा मारकर भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की।
इस दौरान पुलिस ने पिंडारी खुर्द के ग्राम प्रधान समेत छह शराब माफिया को गिरफ्तार किया, जबकि सरगना अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर है। पकड़े गए शराब माफिया से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि सरकारी देसी शराब की दुकानों पर विंडीज ब्रांड के नाम पर जहरीली शराब लोगों को पिलाई जा रही थी।
यह शराब बाराबंकी जिले से यहां के सरकारी ठेकों पर आपूर्ति की जा रही थी। इसी शराब के पीने से 11 लोगों की मौतें हुईं थीं। गैंग के सरगना की तलाश में पुलिस टीमें लगाई गईं हैं। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है।
महराजगंज कोतवाली परिसर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में डीएम वैभव श्रीवास्तव व एसपी श्लोक कुमार ने बताया कि पहाड़पुर गांव और मिल एरिया थाना क्षेत्र के रूपामऊ गांव में जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौतें हुईं थीं।
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मामले में देसी शराब के दुकानदार धीरेंद्र बहादुर सिंह, ठेका संचालक धीरेंद्र सिंह और सेल्समैन राम प्रताप यादव को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। मंगलवार को एसओजी टीम प्रभारी अमरेश कुमार त्रिपाठी, महराजगंज कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह ने पुलिस टीम के साथ छह शराब माफिया को पकड़ा।
इनकी पहचान बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र के कस्बा पोखरा निवासी विनय जायसवाल, गौतोना निवासी अनिल जायसवाल, रायपुर निवासी अजीत सिंह उर्फ अन्नू वर्मा, शिवगढ़ थाना क्षेत्र के बेड़ारू गांव निवासी संदीप जायसवाल, महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के आदमपुर गांव निवासी अखंड प्रताप सिंह उर्फ राजन, पिंडारी खुर्द गांव निवासी एवं ग्राम प्रधान कुंवर प्रवीण सिंह उर्फ केतन शामिल है।
एसपी ने बताया कि बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ कस्बा निवासी नवीन जायसवाल शराब माफिया गैंग का सरगना है। वह फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। उसके खिलाफ सात आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
एसपी ने बताया कि नवीन और उसके साथी सरकारी विंडीज ब्रांड की शराब के नाम पर जहरीली शराब बनाकर उसे रायबरेली जिले के सरकारी ठेकों पर बेचते थे।
शराब की बोतलों पर फर्जी रैपर व क्यूआर कोड का प्रयोग करते थे। बेडारू गांव निवासी संदीप जायसवाल घर पर भी अवैध तरीके से शराब फैक्टरी चला रहा था। शराब माफिया के पास से विंडीज ब्रांड की 2250 शीशी नकली शराब, चार हजार खाली शीशी, 4200 ढक्कन, एक बंडल क्यूआर कोड, 2750 रैपर, दो ड्रम, 10 पेटी शराब, तीन चार पहिया वाहन बरामद हुए हैं।
यूक्रेन के नंबर से व्हाट्सएप करता था सरगना नवीन
एसपी के मुताबिक गैंग का सरगना नवीन जायसवाल जहरीली शराब बनाने का आर्डर लेता था। वह यूक्रेन के नंबर पर व्हाट्सएप चलाता था।
फोन न करके व्हाट्सएप पर मैसेज करके जहरीली शराब का धंधा करता था। 23 जनवरी को नवीन ने ही व्हाट्सएप के जरिए अखंड प्रताप सिंह उर्फ राजन को मैसेज भेजा कि माल तैयार हो गया है।
जरूरत है तो बताओ। इस पर 23 जनवरी की रात संदीप और विनय स्कार्पियो से शराब लेकर प्रधान केतन के पास पहुंचे थे। यहीं से केतन ने तीन पेटी शराब पहाड़पुर स्थित शराब के ठेके पर भेजी थी, जहां पर यह शराब पीने से 10 लोगों की मौतें हुई थी। रसेहता गांव के ठेके पर भी जहरीली शराब बेची गई थी।
लोगों की शिकायत पर प्रधान ने शराब की बिक्री कराना बंद कर दिया था। पहाड़पुर गांव स्थित ठेके पर शराब खराब मिलने पर लोगों ने नाराजगी जताई थी, लेकिन ठेका संचालक ने जबरन उसकी बिक्री करा दी थी। यदि बिक्री बंद करा देता तो लोगों की जान न जाती।
प्रधान ने ही रूपामऊ के पास शराब फेंकवाई थी। इसी शराब के पीने से रूपामऊ गांव के दुर्गा की मौत हुई थी। एसपी के मुताबिक 1900 रुपये में एक पेटी शराब बेची गई थी। सस्ती होने के कारण सरकारी ठेका संचालक आसानी से शराब लेकर
अभिषेक टेकारी से जेल में मिले थे शराब माफिया
एसपी के मुताबिक शराब माफिया का अपराधियों से भी कनेक्शन है। रायबरेली जिले का शातिर अपराधी अभिषेक टेकारी इस समय बाराबंकी जिले में बंद है। पकड़े गए शराब माफिया ने बाराबंकी जेल में जाकर अभिषेक टेकारी से मुलाकात की थी। अभिषेक टेकारी के भी शराब के धंधे में लिप्त होने के बारे में पड़ताल कराई जा रही है।
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इस दौरान पुलिस ने पिंडारी खुर्द के ग्राम प्रधान समेत छह शराब माफिया को गिरफ्तार किया, जबकि सरगना अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर है। पकड़े गए शराब माफिया से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि सरकारी देसी शराब की दुकानों पर विंडीज ब्रांड के नाम पर जहरीली शराब लोगों को पिलाई जा रही थी।
यह शराब बाराबंकी जिले से यहां के सरकारी ठेकों पर आपूर्ति की जा रही थी। इसी शराब के पीने से 11 लोगों की मौतें हुईं थीं। गैंग के सरगना की तलाश में पुलिस टीमें लगाई गईं हैं। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है।
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महराजगंज कोतवाली परिसर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में डीएम वैभव श्रीवास्तव व एसपी श्लोक कुमार ने बताया कि पहाड़पुर गांव और मिल एरिया थाना क्षेत्र के रूपामऊ गांव में जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौतें हुईं थीं।
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मामले में देसी शराब के दुकानदार धीरेंद्र बहादुर सिंह, ठेका संचालक धीरेंद्र सिंह और सेल्समैन राम प्रताप यादव को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। मंगलवार को एसओजी टीम प्रभारी अमरेश कुमार त्रिपाठी, महराजगंज कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह ने पुलिस टीम के साथ छह शराब माफिया को पकड़ा।
इनकी पहचान बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र के कस्बा पोखरा निवासी विनय जायसवाल, गौतोना निवासी अनिल जायसवाल, रायपुर निवासी अजीत सिंह उर्फ अन्नू वर्मा, शिवगढ़ थाना क्षेत्र के बेड़ारू गांव निवासी संदीप जायसवाल, महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के आदमपुर गांव निवासी अखंड प्रताप सिंह उर्फ राजन, पिंडारी खुर्द गांव निवासी एवं ग्राम प्रधान कुंवर प्रवीण सिंह उर्फ केतन शामिल है।
एसपी ने बताया कि बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ कस्बा निवासी नवीन जायसवाल शराब माफिया गैंग का सरगना है। वह फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। उसके खिलाफ सात आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
एसपी ने बताया कि नवीन और उसके साथी सरकारी विंडीज ब्रांड की शराब के नाम पर जहरीली शराब बनाकर उसे रायबरेली जिले के सरकारी ठेकों पर बेचते थे।
शराब की बोतलों पर फर्जी रैपर व क्यूआर कोड का प्रयोग करते थे। बेडारू गांव निवासी संदीप जायसवाल घर पर भी अवैध तरीके से शराब फैक्टरी चला रहा था। शराब माफिया के पास से विंडीज ब्रांड की 2250 शीशी नकली शराब, चार हजार खाली शीशी, 4200 ढक्कन, एक बंडल क्यूआर कोड, 2750 रैपर, दो ड्रम, 10 पेटी शराब, तीन चार पहिया वाहन बरामद हुए हैं।
यूक्रेन के नंबर से व्हाट्सएप करता था सरगना नवीन
एसपी के मुताबिक गैंग का सरगना नवीन जायसवाल जहरीली शराब बनाने का आर्डर लेता था। वह यूक्रेन के नंबर पर व्हाट्सएप चलाता था।
फोन न करके व्हाट्सएप पर मैसेज करके जहरीली शराब का धंधा करता था। 23 जनवरी को नवीन ने ही व्हाट्सएप के जरिए अखंड प्रताप सिंह उर्फ राजन को मैसेज भेजा कि माल तैयार हो गया है।
जरूरत है तो बताओ। इस पर 23 जनवरी की रात संदीप और विनय स्कार्पियो से शराब लेकर प्रधान केतन के पास पहुंचे थे। यहीं से केतन ने तीन पेटी शराब पहाड़पुर स्थित शराब के ठेके पर भेजी थी, जहां पर यह शराब पीने से 10 लोगों की मौतें हुई थी। रसेहता गांव के ठेके पर भी जहरीली शराब बेची गई थी।
लोगों की शिकायत पर प्रधान ने शराब की बिक्री कराना बंद कर दिया था। पहाड़पुर गांव स्थित ठेके पर शराब खराब मिलने पर लोगों ने नाराजगी जताई थी, लेकिन ठेका संचालक ने जबरन उसकी बिक्री करा दी थी। यदि बिक्री बंद करा देता तो लोगों की जान न जाती।
प्रधान ने ही रूपामऊ के पास शराब फेंकवाई थी। इसी शराब के पीने से रूपामऊ गांव के दुर्गा की मौत हुई थी। एसपी के मुताबिक 1900 रुपये में एक पेटी शराब बेची गई थी। सस्ती होने के कारण सरकारी ठेका संचालक आसानी से शराब लेकर
अभिषेक टेकारी से जेल में मिले थे शराब माफिया
एसपी के मुताबिक शराब माफिया का अपराधियों से भी कनेक्शन है। रायबरेली जिले का शातिर अपराधी अभिषेक टेकारी इस समय बाराबंकी जिले में बंद है। पकड़े गए शराब माफिया ने बाराबंकी जेल में जाकर अभिषेक टेकारी से मुलाकात की थी। अभिषेक टेकारी के भी शराब के धंधे में लिप्त होने के बारे में पड़ताल कराई जा रही है।